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भाजपा के छह सीटों पर थे 45 दावेदार, अब भितरघात रोकने की चुनौती
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रिंकू पांडेय
बदायूं। सत्तारूढ़ भाजपा से जिले की छह सीटों पर टिकट के लिए चार मौजूदा विधायकों समेत 45 दावेदार थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बदायूं, बिल्सी, बिसौली, दातागंज और शेखूपुर सीटों पर कब्जा किया था। सहसवान सीट सपा ने जीती थी। बिल्सी विधायक आरके शर्मा को लेकर पहले से कयास लगाए जा रहे थे। भाजपा से टिकट के लिए सबसे ज्यादा आवेदन बिल्सी विधानसभा सीट से ही आए। प्रत्याशियों के नामों का एलान होने के बाद अब भाजपा के सामने भितरघात रोकना चुनौती होगा।
मौजूदा चारों विधायकों में भाजपा ने किसी का टिकट नहीं काटा है। माना जा रहा था कि बिल्सी सीट से पार्टी क्षत्रिय या ब्राह्मण को टिकट देगी, लेकिन यहां भाजपा ने चए चेहरे के रूप में हरीश शाक्य पर दांव खेला है। बिल्सी से ही टिकट मांगने वाले डीके भारद्वाज को सहसवान से प्रत्याशी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि सहसवान सीट से पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश यादव, पूर्व जिला पंचायत पूनम यादव और गुन्नौर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजेश यादव ने भी आवेदन किया था।
शहर सीट से पांच बार के विधायक रामसेवक सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक भारती, चेयरमैन दीपमाला गोयल, युवा नेता पारस गुप्ता ने भी दावेदारी की थी।
सबसे कम मौजूदा विधायक धर्मेंद्र शाक्य समेत चार आवेदन शेखूपुर सीट से आए थे। बिल्सी सीट से डीसीबी चेयरमैन उमेश राठौर, पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक के बेटे शारदेंदु पाठक, रजनी मिश्रा भी दावेदार थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि बिल्सी सीट से भाजपा यहां भी शाक्य बिरादरी को टिकट देगी। बिसौली से मौजूदा विधायक कुशाग्र सागर समेत आठ और दातागंज से मौजूदा विधायक राजीव कुमार सिंह समेत पांच लोग टिकट के दावेदार थे। दावेदारों को टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में मायूसी है। माना जा रहा है कि कुछ सीटों पर पार्टी के लिए असंतोष और भितरघात का सामना भी करना पड़ सकता है।
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ये थे भाजपा से टिकट के दावेदार
बदायूं विधानसभा: महेश चंद्र गुप्ता, स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, पारस गुप्ता, अशोक भारतीय, दीपमाला गोयल, रामसेवक पटेल।
शेखूपुर विधान सभा: धर्मेंद्र शाक्य, मोर सिंह लोधी, हरवंश यादव, जितेंद्र कश्यप।
दातागंज विधानसभा: राजीव कुमार सिंह बब्बू, राजीव सिंह राजू, ओमेंद्र प्रताप सिंह, सुमित पाल, शैलेश पाठक।
बिसौली विधानसभा: कुशाग्र सागर, अरुण प्रकाश धोबी, डीएस चौधरी, दमयंती वर्मा, मोहित प्रभाकर, नेहा आर्य, मेजर कैलाश, महेश वाल्मीकि।
सहसवान विधानसभा: जितेंद्र यादव, पूनम यादव, राजेश यादव युवा मोर्चा, राजेश यादव पूर्व विधायक, दयासिंधु शंखधार, दीपक यादव, सुभाष गुप्ता, ममता माहेश्वरी, दीक्षा माहेश्वरी।
बिल्सी विधानसभा: हरीश शाक्य, उमेश राठौर, अनूप सिंह, सलोनी शर्मा, शारदेंदु पाठक, जेपी सोलंकी, अंकित चौहान, रजनी मिश्रा, डीके भारद्वाज, प्रदीप गोयल, रानी सिंह पुंडीर, योगेश प्रताप सिंह।
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बदायूं। सत्तारूढ़ भाजपा से जिले की छह सीटों पर टिकट के लिए चार मौजूदा विधायकों समेत 45 दावेदार थे। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बदायूं, बिल्सी, बिसौली, दातागंज और शेखूपुर सीटों पर कब्जा किया था। सहसवान सीट सपा ने जीती थी। बिल्सी विधायक आरके शर्मा को लेकर पहले से कयास लगाए जा रहे थे। भाजपा से टिकट के लिए सबसे ज्यादा आवेदन बिल्सी विधानसभा सीट से ही आए। प्रत्याशियों के नामों का एलान होने के बाद अब भाजपा के सामने भितरघात रोकना चुनौती होगा।
मौजूदा चारों विधायकों में भाजपा ने किसी का टिकट नहीं काटा है। माना जा रहा था कि बिल्सी सीट से पार्टी क्षत्रिय या ब्राह्मण को टिकट देगी, लेकिन यहां भाजपा ने चए चेहरे के रूप में हरीश शाक्य पर दांव खेला है। बिल्सी से ही टिकट मांगने वाले डीके भारद्वाज को सहसवान से प्रत्याशी बनाया है। गौर करने वाली बात यह है कि सहसवान सीट से पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव, भाजयुमो के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश यादव, पूर्व जिला पंचायत पूनम यादव और गुन्नौर क्षेत्र के पूर्व विधायक राजेश यादव ने भी आवेदन किया था।
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शहर सीट से पांच बार के विधायक रामसेवक सिंह पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक भारती, चेयरमैन दीपमाला गोयल, युवा नेता पारस गुप्ता ने भी दावेदारी की थी।
सबसे कम मौजूदा विधायक धर्मेंद्र शाक्य समेत चार आवेदन शेखूपुर सीट से आए थे। बिल्सी सीट से डीसीबी चेयरमैन उमेश राठौर, पूर्व विधायक प्रेम स्वरूप पाठक के बेटे शारदेंदु पाठक, रजनी मिश्रा भी दावेदार थे। किसी को उम्मीद नहीं थी कि बिल्सी सीट से भाजपा यहां भी शाक्य बिरादरी को टिकट देगी। बिसौली से मौजूदा विधायक कुशाग्र सागर समेत आठ और दातागंज से मौजूदा विधायक राजीव कुमार सिंह समेत पांच लोग टिकट के दावेदार थे। दावेदारों को टिकट न मिलने से उनके समर्थकों में मायूसी है। माना जा रहा है कि कुछ सीटों पर पार्टी के लिए असंतोष और भितरघात का सामना भी करना पड़ सकता है।
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ये थे भाजपा से टिकट के दावेदार
बदायूं विधानसभा: महेश चंद्र गुप्ता, स्वतंत्र प्रकाश गुप्ता, पारस गुप्ता, अशोक भारतीय, दीपमाला गोयल, रामसेवक पटेल।
शेखूपुर विधान सभा: धर्मेंद्र शाक्य, मोर सिंह लोधी, हरवंश यादव, जितेंद्र कश्यप।
दातागंज विधानसभा: राजीव कुमार सिंह बब्बू, राजीव सिंह राजू, ओमेंद्र प्रताप सिंह, सुमित पाल, शैलेश पाठक।
बिसौली विधानसभा: कुशाग्र सागर, अरुण प्रकाश धोबी, डीएस चौधरी, दमयंती वर्मा, मोहित प्रभाकर, नेहा आर्य, मेजर कैलाश, महेश वाल्मीकि।
सहसवान विधानसभा: जितेंद्र यादव, पूनम यादव, राजेश यादव युवा मोर्चा, राजेश यादव पूर्व विधायक, दयासिंधु शंखधार, दीपक यादव, सुभाष गुप्ता, ममता माहेश्वरी, दीक्षा माहेश्वरी।
बिल्सी विधानसभा: हरीश शाक्य, उमेश राठौर, अनूप सिंह, सलोनी शर्मा, शारदेंदु पाठक, जेपी सोलंकी, अंकित चौहान, रजनी मिश्रा, डीके भारद्वाज, प्रदीप गोयल, रानी सिंह पुंडीर, योगेश प्रताप सिंह।