{"_id":"d7fe7a60eea23298b397a77d794c8849","slug":"pardeshan-hindi-news-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"उसहैत बिजली उपकेंद्र पर नारेबाजी, प्रदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उसहैत बिजली उपकेंद्र पर नारेबाजी, प्रदर्शन
usheat
Updated Thu, 19 Feb 2015 08:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजली अधिकारियों की लापरवाह कार्य प्रणाली के चलते कस्बा में दो-तीन घंटे ही बिजली सप्लाई मिलने से आक्रोशित उपभोक्ताओं ने बिजली उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया। बिजली विभाग एसई और एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी की। उपकेंद्र की सप्लाई बंद कराके विरोध प्रदर्शन किया। इससे उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई।
कस्बे के लोगों का कहना था कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सप्लाई का प्रदेश सरकार द्वारा लागू शेड्यूल लागू नहीं है। कस्बा में ही तीन-चार घंटे से अधिक बिजली नहीं मिलती। इसके अलावा स्थलीय फाल्ट के कारण भी बिजली नहीं मिलती। इससे उपभोक्ता पूरा बिल देने के बावजूद भी बिजली से वंचित रहता है। वोल्टेज की भी समस्या बनी हुई है। उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली अधिकारी जांच के नाम पर उपभोक्ताओं का दोहन कर रहे हैं, वहीं पूरी बिजली भी नहीं मिल पा रही है। जिम्मेदार अफसर समस्या समाधान तो दूर अव्यवस्था फैलाकर खिल्ली उड़ा रहे हैं। खुद जेई एसएन सिंह साढ़े तीन-साढ़े तीन घंटा बिजली देने की बात स्वीकरते हैं। जब यहां 10 एमवीए ट्रांसफार्मर की जरूरत है तो ट्रांसफार्मर क्यों नहीं बदला जा रहा है।
विज्ञापन
कस्बे के लोगों का कहना था कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सप्लाई का प्रदेश सरकार द्वारा लागू शेड्यूल लागू नहीं है। कस्बा में ही तीन-चार घंटे से अधिक बिजली नहीं मिलती। इसके अलावा स्थलीय फाल्ट के कारण भी बिजली नहीं मिलती। इससे उपभोक्ता पूरा बिल देने के बावजूद भी बिजली से वंचित रहता है। वोल्टेज की भी समस्या बनी हुई है। उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली अधिकारी जांच के नाम पर उपभोक्ताओं का दोहन कर रहे हैं, वहीं पूरी बिजली भी नहीं मिल पा रही है। जिम्मेदार अफसर समस्या समाधान तो दूर अव्यवस्था फैलाकर खिल्ली उड़ा रहे हैं। खुद जेई एसएन सिंह साढ़े तीन-साढ़े तीन घंटा बिजली देने की बात स्वीकरते हैं। जब यहां 10 एमवीए ट्रांसफार्मर की जरूरत है तो ट्रांसफार्मर क्यों नहीं बदला जा रहा है।
विज्ञापन