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विद्यालय बना अखाड़ा, पूर्व प्रधानाध्यापिका ने डाला ताला
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बदायूं/मूसाझाग। शिक्षकों में चल रही वर्चस्व की लड़ाई के चलते ब्लॉक जगत का परिषदीय स्कूल किसरुआ अखाड़ा बन चुका हैं। अनियमितताएं बरतने पर प्रधानाध्यापिका का अन्य स्कूल में ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन वह स्कूल नहीं छोड़ना चाहतीं। इस कारण उन्होंने यहां पहुंची नई प्रधानाचार्य को चार्ज नहीं दिया है। यहां तक कि उनके द्वारा कक्षों के साथ शौचालय, ऑफिस आदि में ताले डाल दिए हैं। ऐसे में बच्चों को बाहर परिसर बैठकर पढ़ाई करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
ब्लॉक जगत के प्राथमिक स्कूल किसरुआ में सड़े गले फलों का वितरण किया गया था, जिसकी जानकारी होने पर गांव वालों ने स्कूल में हंगामा काटने के साथ प्रधानाध्यापिका को हटाने की मांग करते हुए डीएम से शिकायत की थी। वहीं पिछले दिनों हसनपुर हुरियाई के प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रद्धा यादव ने प्रधानपति/ सचिव मुन्नालाल सागर पर उत्पीड़न किए जाने पर शिकायत डीएम के साथ महिला आयोग से की थी। ऐसे में डीएम के निर्देश पर बीएसए ने श्रद्धा यादव का स्कूल बदलते हुए प्राथमिक स्कूल किसरुआ में अस्थाई तैनाती कर दी। जबकि किसरुआ की प्रधानाध्यापिका नीता चौहान को हसनपुर हुरियाई भेजने का आदेश जारी कर दिया, लेकिन नीता चौहान द्वारा न तो नई प्रधानाध्यापिका को चार्ज दिया गया और न कक्षों में से ताले खोले गए, जिसकी वजह से मजबूरन नई प्रधानाध्यापिका श्रद्धा यादव को बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं ताला बंद होने की वजह से एमडीएम भी नहीं बन पा रहा है। इस संबंध में जब नीता चौहान से वार्ता करने की कोशिश की, तो उनका फोन नॉट रिचेबल बताता रहा।
पता नहीं क्यों, प्रधानाध्यापिका ने मुझे चार्ज नहीं दिया। हर कमरे में ताले लगा दिए हैं। इसलिए बाहर बैठकर बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है।
श्रद्घा यादव, प्रधानाध्यापिका
प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय में ताला डालना गलत है। इसकी बीईओ से जांच कराएंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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ब्लॉक जगत के प्राथमिक स्कूल किसरुआ में सड़े गले फलों का वितरण किया गया था, जिसकी जानकारी होने पर गांव वालों ने स्कूल में हंगामा काटने के साथ प्रधानाध्यापिका को हटाने की मांग करते हुए डीएम से शिकायत की थी। वहीं पिछले दिनों हसनपुर हुरियाई के प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रद्धा यादव ने प्रधानपति/ सचिव मुन्नालाल सागर पर उत्पीड़न किए जाने पर शिकायत डीएम के साथ महिला आयोग से की थी। ऐसे में डीएम के निर्देश पर बीएसए ने श्रद्धा यादव का स्कूल बदलते हुए प्राथमिक स्कूल किसरुआ में अस्थाई तैनाती कर दी। जबकि किसरुआ की प्रधानाध्यापिका नीता चौहान को हसनपुर हुरियाई भेजने का आदेश जारी कर दिया, लेकिन नीता चौहान द्वारा न तो नई प्रधानाध्यापिका को चार्ज दिया गया और न कक्षों में से ताले खोले गए, जिसकी वजह से मजबूरन नई प्रधानाध्यापिका श्रद्धा यादव को बच्चों को बाहर बैठाकर पढ़ाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं ताला बंद होने की वजह से एमडीएम भी नहीं बन पा रहा है। इस संबंध में जब नीता चौहान से वार्ता करने की कोशिश की, तो उनका फोन नॉट रिचेबल बताता रहा।
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पता नहीं क्यों, प्रधानाध्यापिका ने मुझे चार्ज नहीं दिया। हर कमरे में ताले लगा दिए हैं। इसलिए बाहर बैठकर बच्चों को पढ़ाना पड़ रहा है।
श्रद्घा यादव, प्रधानाध्यापिका
प्रधानाध्यापिका द्वारा विद्यालय में ताला डालना गलत है। इसकी बीईओ से जांच कराएंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए