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...अरे ये कैसा जिला महिला अस्पताल

Sun, 24 Jul 2016 11:34 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Sun, 24 Jul 2016 11:34 PM IST
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... Oh What a District Women's Hospital
महिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

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अव्यवस्थाओं का शिकार हुआ अस्पताल, घूमते हैं आवारा जानवर
जिम्मेदार हुए बेपरवाह, मुसीबत झेल रहे गरीब मरीज और तीमारदार

 जिला महिला अस्पताल अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंस गया है। इसका खामियाजा गरीबों को भुगतना पड़ रहा है। हालत ये है कि गंदगी तो जहां-तहां पसरी पड़ी है। आवारा जानवर तक घूम रहे हैं। महिला अस्पताल में अराजकतत्व नशा भी बेरोकरोक ओक कर रहे हैं। जिम्मेदार अफसर पूरी तरह से बेपरवाह बने हुए हैं। करोड़ों रुपए का बजट खर्च होने के बाद भी गरीब जनता को महिला अस्पताल का लाभ नहीं मिल रहा। 
जिला महिला अस्पताल की हालत किसी से छिपी हुई नहीं है। अफसरों की लापरवाही से हालत और बदतर हो रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो हर महीने यहां इलाज के अभाव में एक प्रसूता की जान जा रही है। आरोप वही होते हैं कि रुपए न देने पर प्रसव में लापरवाही की गई। कई मामले भी कोतवाली में दर्ज हैं। डॉक्टर और स्टाफ दोनों की मनमानी हो रही है। अस्पताल में गंदगी जहां-तहां पसरी पड़ी है। कुत्ते वार्डों में घूूमते नजर आ जाते हैं। शाम को कुछ लोग तो सुरा का प्रबंध कर यहां पैग लगाने से भी नहीं चूकते। सुरक्षा नाम की कोई चीज यहां नजर नहीं आती। अस्पताल में डॉक्टरों की किल्लत होने के बावजूद जो डॉक्टर हैं, वह भी ड्यूटी में मनमानी कर रहे हैं।
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इंतजार कर रहा 20 करोड़ की लागत से बना भवन
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में 20 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला आधुनिक भवन बन कर तैयार हो चुका है। 100 बेड का यह भवन इंतजार कर रहा है कि कब इसका इस्तेमाल शुरू होगा। भवन पूरी तरह से तैयार होने के बावजूद संसाधनों के अभाव में यह चालू नहीं हो पा रहा है। 
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सघन शिशु चिकित्सा केंद्र पड़ा है बंद
बदायूं। सघन शिशु चिकित्सा केंद्र यहां बंद पड़ा हुआ है। लगभग सभी संसाधन होने के बाद भी इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा। अस्पताल के पुराने भवन में ही प्रसूताओं और नवजात शिशुओं का रखा जाता है। सघन चिकित्सा की जरूरत होने पर इनको यहां से रेफर कर दिया जाता है। कई की तो बरेली पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। 

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सरकार का पूरा ध्यान चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने पर है। आधुनिक बहुमंजिला भवन और सघन शिशु चिकित्सा केंद्र भी जल्द चालू हो जाएंगे। ढांचा तैयार है, अब इसका उपयोग शुरू करना बाकी है। बाकी जो समस्याएं हैं, उनको दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
-अनीता दत्ता, एडी हेल्थ
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