फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Notice to MP Dharmendra Yadav, MLA Ashutosh Maurya to appear in court

Budaun News: सांसद धर्मेंद्र यादव, विधायक आशुतोष मौर्य को अदालत में पेश होने का नोटिस

Fri, 03 Jan 2025 11:18 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2025 11:18 PM IST
विज्ञापन
Notice to MP Dharmendra Yadav, MLA Ashutosh Maurya to appear in court
बदायूं। आजमगढ़ से समाजवादी पार्टी के सांसद व बदायूं के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव और बिसौली से विधायक आशुतोष मौर्य व अन्य के मामले में न्यायालय में दाखिल अपील स्वीकार हो गई है। सभी को न्यायालय में पेश होकर अपना पक्ष रखने का आदेश जारी हुआ है। दोनों मामलों की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट पूनम सिंह के यहां होगी। धर्मेंद्र यादव मामले में चार जनवरी की तारीख लगी है। वहीं आशुतोष मौर्य आदि के मामले में सुनवाई 16 जनवरी को होगी। बता दें, सांसद पर विधानसभा चुनाव के दौरान उपहार बांटने और विधायक व अन्य पर मतगणना के दौरान उप जिला मजिस्ट्रेट से अभद्रता के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें सभी दोषमुक्त करार दिए गए थे। इसके खिलाफ याची ने अपील की थी।
विज्ञापन

बता दें साल 2022 में विधानसभा के चुनाव के दौरान पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सहित कई व्यक्तियों पर मुकद्दमा पंजीकृत कराया गया था। आरोप था कि उन्होंने चुनाव में लाभ लेने के लिए उपहार बांटे थे। महामारी अधिनियम का उल्लंघन किया था। इस पर थाना सिविल लाइंस पर पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सहित 29 लोगों पर केस हुआ था। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किया। जहां उन सभी पर न्यायाधीश लीलू चौधरी के न्यायालय में विचारण हुआ।
विज्ञापन

इसमें 28 जून 2024 को धर्मेंद्र यादव सहित सभी आरोपी को दोषमुक्त करार दिया गया। वहीं साल 2022 में विधानसभा चुनाव की मतगणना के दौरान मंडी समिति पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा उप जिला मजिस्ट्रेट बिसौली के सरकारी वाहन को रोकना तथा उनसे अभद्रता करने के मामले में सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें विधायक आशुतोष मौर्य, हिमांशु यादव आशीष यादव, रचित गुप्ता, कैप्टन अर्जुन सिंह तथा काजी रिजवान के विरुद्ध पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन सभी का विचारण भी न्यायाधीश लीलू चौधरी के न्यायालय में हुआ। पांच जून 2024 को इन सभी को दोषमुक्त कर दिया गया। फैसले के विरोध में शासकीय अधिवक्ता ने शासन से अनुमति लेकर सत्र न्यायाधीश के यहां अपील दायर की, जो स्वीकार कर ली गई। इसमें सुनवाई के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed