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उझानी के कई स्कूलों में शौचालय नहीं
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
Updated Fri, 01 Sep 2017 11:16 PM IST
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Boys urinating
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ब्लॉक क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां शौचालय नहीं हैं। जिन स्कूलों में शौचालय बने हैं वे खस्ताहाल हैं। इस वजह से स्कूल की शिक्षिकाओं के साथ ही छात्राओं को भी शर्मसार होना पड़ता है। पीएम नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी पलीता लगाने का काम कर रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालयों के शौचालयों की दशा को लेकर अफसरों को भी हकीकत का पता है। शौचालय सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हैं लेकिन उनकी मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो सब खस्ताहाल हैं। कुछ एक विद्यालयों में शौचालय की हालत ठीक है तो उनके अंदर पानी की व्यवस्था नहीं है। कुडानरसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय तो ठीक दिखा लेकिन सीट की स्थिति बहुत खराब थी। छतुइया, फुलासी और जजपुरा के प्राथमिक विद्यालय में भी हालात ठीक नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो बच्चे यूं ही खुले में शौच को नहीं जाते बल्कि उन्हें मजबूरी में खुले में जाना पड़ता है। किलाखेड़ा मोहल्ले के मालवीय प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर आर्येंद्र कुमार कहते हैं कि शौचालय ठीक कराने को उन्होंने तीन साल पहले अफसरों को पत्र लिखा, लेकिन अब तक शौचालय की मरम्मत के लिए बजट नहीं आया।
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प्राथमिक विद्यालयों के शौचालयों की दशा को लेकर अफसरों को भी हकीकत का पता है। शौचालय सभी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में हैं लेकिन उनकी मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो सब खस्ताहाल हैं। कुछ एक विद्यालयों में शौचालय की हालत ठीक है तो उनके अंदर पानी की व्यवस्था नहीं है। कुडानरसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय में शौचालय तो ठीक दिखा लेकिन सीट की स्थिति बहुत खराब थी। छतुइया, फुलासी और जजपुरा के प्राथमिक विद्यालय में भी हालात ठीक नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो बच्चे यूं ही खुले में शौच को नहीं जाते बल्कि उन्हें मजबूरी में खुले में जाना पड़ता है। किलाखेड़ा मोहल्ले के मालवीय प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर आर्येंद्र कुमार कहते हैं कि शौचालय ठीक कराने को उन्होंने तीन साल पहले अफसरों को पत्र लिखा, लेकिन अब तक शौचालय की मरम्मत के लिए बजट नहीं आया।
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