{"_id":"5f7b6b638ebc3e9bbe713032","slug":"murdar-badaun-news-bly422299757","type":"story","status":"publish","title_hn":"झोंपड़ी में सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झोंपड़ी में सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या
विज्ञापन
सहसवान के समदा गांव में घटनास्थल पर जानकारी लेते एसएसपी। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहसवान (बदायूं)। कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम समदा में रविवार रात खेत पर झोंपड़ी में सो रहे किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार वाले सोमवार सुबह खेत पर पहुंचे, तो उन्होंने किसान का शव खून से लथपथ पड़ा देखा। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस और अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने बेटे की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। किसान के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है।
ग्राम समदा निवासी चंदन (50) पुत्र तोताराम अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। वह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार वालों के मुताबिक चंदन करीब दस साल से अपने खेत में डाली गई झोंपड़ी में सोते थे। वहीं उनके मवेशी भी बंधते थे। रविवार रात चंदन रोज की तरह खेत पर सोने गए थे। सोमवार सुबह करीब छह बजे उनका छोटा बेटा मोदी खेत पर पहुंचा, तो उसने पिता की खून से लथपथ लाश देखी। ये देखकर उसकी चीख निकल गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के दर्जनों लोग पहुंच गए। बाद में उनके परिवार वाले भी आ गए। इसकी सूचना पर सहसवान कोतवाली पुलिस, एसएसपी संकल्प शर्मा, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ वर्मा और सीओ रामकरन भी पहुंच गए।
उन्होंने मौका मुआयना करते हुए शव को पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। परिवार वालों का आरोप है कि उनके गांव की जमीन चकबंदी में बंट गई थी, लेकिन सुकल्लापुर की जमीन का बंटवारा नहीं हुआ था। इसी बात को लेकर उनका प्रकाश और उसके भाई खुशीराम से विवाद चल रहा था। ये दोनों भाई उनके ही परिवार से हैं। रविवार रात प्रकाश, खुशीराम पुत्र डोरीलाल, खुशीराम का बेटा हरीचंद और साला महिपाल खेत पर पहुंचे। उन्होंने गोली मारकर चंदन की हत्या कर दी और चाकू से भी वार किया। पुलिस ने बड़े बेटे खूब सिंह की तरफ से चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सभी आरोपी गांव से फरार बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
दो दिन पहले चंदन ने लगाया था लूटपाट का आरोप
रविवार रात गोली मारकर मारे गए चंदन ने दो दिन पूर्व आरोपियों पर लूटपाट का आरोप लगाया था। उनका कहना थाना कि वह गांव में एक तेरहवीं की दावत खाने गए थे। तभी आरोपी उनके घर में घुस गए। उन्होंने मारपीट की और लूटपाट करके भाग गए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस उसी समय मामले को गंभीरता से लेती तो शायद किसान की हत्या नहीं होती।
सहसवान के समदा गांव में एक किसान की गोली मारकर हत्या हुई है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसकी वजह जमीन का बंटवारा बताया जा रहा है। इसकी जांच के लिए टीम लगा दी गई है। जांच में जो सच्चाई सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- संकल्प शर्मा, एसएसपी
विज्ञापन
ग्राम समदा निवासी चंदन (50) पुत्र तोताराम अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। वह खेतीबाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार वालों के मुताबिक चंदन करीब दस साल से अपने खेत में डाली गई झोंपड़ी में सोते थे। वहीं उनके मवेशी भी बंधते थे। रविवार रात चंदन रोज की तरह खेत पर सोने गए थे। सोमवार सुबह करीब छह बजे उनका छोटा बेटा मोदी खेत पर पहुंचा, तो उसने पिता की खून से लथपथ लाश देखी। ये देखकर उसकी चीख निकल गई। उसकी चीख-पुकार सुनकर गांव के दर्जनों लोग पहुंच गए। बाद में उनके परिवार वाले भी आ गए। इसकी सूचना पर सहसवान कोतवाली पुलिस, एसएसपी संकल्प शर्मा, एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ वर्मा और सीओ रामकरन भी पहुंच गए।
विज्ञापन
उन्होंने मौका मुआयना करते हुए शव को पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। परिवार वालों का आरोप है कि उनके गांव की जमीन चकबंदी में बंट गई थी, लेकिन सुकल्लापुर की जमीन का बंटवारा नहीं हुआ था। इसी बात को लेकर उनका प्रकाश और उसके भाई खुशीराम से विवाद चल रहा था। ये दोनों भाई उनके ही परिवार से हैं। रविवार रात प्रकाश, खुशीराम पुत्र डोरीलाल, खुशीराम का बेटा हरीचंद और साला महिपाल खेत पर पहुंचे। उन्होंने गोली मारकर चंदन की हत्या कर दी और चाकू से भी वार किया। पुलिस ने बड़े बेटे खूब सिंह की तरफ से चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सभी आरोपी गांव से फरार बताए जा रहे हैं।
विज्ञापन
दो दिन पहले चंदन ने लगाया था लूटपाट का आरोप
रविवार रात गोली मारकर मारे गए चंदन ने दो दिन पूर्व आरोपियों पर लूटपाट का आरोप लगाया था। उनका कहना थाना कि वह गांव में एक तेरहवीं की दावत खाने गए थे। तभी आरोपी उनके घर में घुस गए। उन्होंने मारपीट की और लूटपाट करके भाग गए। इस संबंध में उन्होंने पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगर पुलिस उसी समय मामले को गंभीरता से लेती तो शायद किसान की हत्या नहीं होती।
सहसवान के समदा गांव में एक किसान की गोली मारकर हत्या हुई है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इसकी वजह जमीन का बंटवारा बताया जा रहा है। इसकी जांच के लिए टीम लगा दी गई है। जांच में जो सच्चाई सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- संकल्प शर्मा, एसएसपी