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राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक मुचालका पाबंद
बदायूं
Updated Tue, 29 Sep 2015 11:52 PM IST
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पुलिस अपने पर आ जाए तो क्या नहीं कर सकती है, सपा सरकार में बेलगाम हुई बदायूं की पुलिस की करतूत का एक मामला इसका नया उदाहरण बनी है। पंचायत चुनाव के लिए मुचलका पाबंदी का अधिकार इस्लामनगर पुलिस को मिला तो उसने राष्ट्रपति पदक से सम्मानित रिटायर्ड शिक्षक कोकाराम शर्मा को ही इस धारा में पाबंद कर दिया। यह शिक्षक सपा मुखिया द्वारा बदायूं श्री और बदायूं गौरव से भी सम्मानित हो चुके हैं और मुख्यमंत्री ने वयोवृद्धों के सम्मान में इनको लखनऊ में सम्मानित किया था। डीएम और एसएसपी ने जिनका जिला मुख्यालय पर सम्मान किया, अधीनस्थों ने मुचलका पाबंद कर दिया। यही नहीं शिक्षक शर्मा सपाजवादी पार्टी के जिला सचिव भी हैं।
सबसे ऊपर हुई इस्लामनगर पुलिस की इस करतूत ने प्रशासन और सत्ता को र्शमसार कर दिया है। बताते हैं कि नूरपुर पिनौनी निवासी कोकाराम शर्मा ने पिछले दिनों एक शराबी सिपाही की शिकायत कर उसे अपने गांव की पुलिस चौकी से हटवा दिया था। यह सिपाही फिर से इस चौकी पर आ गया। उसने चुनाव का लाभ उठाते हुए राष्ट्रपति पदक प्राप्त और सपा के प्रमुख जिला स्तरीय नेता को भी सबक सिखाने की ठान ली और जब मुचलका पाबंदी की बात आई, तो उसने इनका नाम भी सूची में बढ़ा दिया। इस सिपाही ने तो ऐसा किया सो किया ही। चौकी इंचार्ज और इस्लामनगर एसओ ने भी सूची नहीं देखी और अपने हस्ताक्षर कर दिए। इससे जाहिर है मुचलका पाबंदी में किसर तरह सत्यापन किया गया है।
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ऐसी कार्रवाइयां बहुत सावधानी से होनी चाहिए। संभ्रांत नागरिकों के साथ ऐसा होना बेहद गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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- मुन्ना लाल, एसपी देहात, बदायूं
सबसे ऊपर हुई इस्लामनगर पुलिस की इस करतूत ने प्रशासन और सत्ता को र्शमसार कर दिया है। बताते हैं कि नूरपुर पिनौनी निवासी कोकाराम शर्मा ने पिछले दिनों एक शराबी सिपाही की शिकायत कर उसे अपने गांव की पुलिस चौकी से हटवा दिया था। यह सिपाही फिर से इस चौकी पर आ गया। उसने चुनाव का लाभ उठाते हुए राष्ट्रपति पदक प्राप्त और सपा के प्रमुख जिला स्तरीय नेता को भी सबक सिखाने की ठान ली और जब मुचलका पाबंदी की बात आई, तो उसने इनका नाम भी सूची में बढ़ा दिया। इस सिपाही ने तो ऐसा किया सो किया ही। चौकी इंचार्ज और इस्लामनगर एसओ ने भी सूची नहीं देखी और अपने हस्ताक्षर कर दिए। इससे जाहिर है मुचलका पाबंदी में किसर तरह सत्यापन किया गया है।
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ऐसी कार्रवाइयां बहुत सावधानी से होनी चाहिए। संभ्रांत नागरिकों के साथ ऐसा होना बेहद गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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- मुन्ना लाल, एसपी देहात, बदायूं