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राष्ट्रीय लोक अदालत में 24 हजार से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण
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राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान मौजूद जिला जज। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जफीर अहमद की अध्यक्षता में द्वितीय शनिवार को दीवानी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यहां 24 हजार से अधिक मुकदमों का निस्तारण किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह फौजदार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों, बैंकों/ विभागों के 24 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय न्यायाधीश राजकुमार सिंह और अपर प्रधान न्यायाधीश राखी दीक्षित के प्रयासों से 88 जोड़ों के मध्य सुलह के आधार पर फिर से उनको एक साथ रहने का सफल समझौता कराया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज जफीर अहमद, प्रधान न्यायाधीश राजकुमार सिंह, प्रथम अपर जिला जज चंद्रभानु सिंह, स्पेशल जज महेंद्र सिंह तृतीय स्पेशल जज मचला अग्रवाल, एडीजे शक्तिपुत्र तोमर, स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत, स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह, स्पेशल जज राजकुमार तृतीय, स्पेशल जज सुबोध वार्ष्णेय, अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय राखी दीक्षित, एडीजे शारिक सिद्दीकी, त्वरित न्यायालय न्यायाधीश सारिका गोयल, त्वरित न्यायालय न्यायाधीश गोपाल जी , एडीजे अखिलेश गुप्ता, सीजेएम नवनीत भारती, एसीजेएम संगीता, स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सिंह आदि सहित बैंकों और कई विभागों के बहुत से अधिकारी मौजूद रहे।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह फौजदार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालयों, बैंकों/ विभागों के 24 हजार से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय न्यायाधीश राजकुमार सिंह और अपर प्रधान न्यायाधीश राखी दीक्षित के प्रयासों से 88 जोड़ों के मध्य सुलह के आधार पर फिर से उनको एक साथ रहने का सफल समझौता कराया।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला जज जफीर अहमद, प्रधान न्यायाधीश राजकुमार सिंह, प्रथम अपर जिला जज चंद्रभानु सिंह, स्पेशल जज महेंद्र सिंह तृतीय स्पेशल जज मचला अग्रवाल, एडीजे शक्तिपुत्र तोमर, स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत, स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट उदयभान सिंह, स्पेशल जज राजकुमार तृतीय, स्पेशल जज सुबोध वार्ष्णेय, अपर प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय राखी दीक्षित, एडीजे शारिक सिद्दीकी, त्वरित न्यायालय न्यायाधीश सारिका गोयल, त्वरित न्यायालय न्यायाधीश गोपाल जी , एडीजे अखिलेश गुप्ता, सीजेएम नवनीत भारती, एसीजेएम संगीता, स्पेशल न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिल कुमार सिंह आदि सहित बैंकों और कई विभागों के बहुत से अधिकारी मौजूद रहे।
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