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सरकारी योजनाओं पर नजर रखें प्रधान
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 02 Apr 2016 11:42 PM IST
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राज्य पोषण
- फोटो : अमर उजाला
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सीडीओ ने कहा, कर्मचारी गड़बड़ करें तो सूचना दें
विकास खंड सालारपुर तथा वजीरगंज में राज्य पोषण मिशन के तहत नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने पोषण मिशन सहित अन्य योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। बताया कि हर माह के प्रथम तथा तृृतीय बुधवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित होता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि होते है, इसलिए वे सभी सरकारी योजनाओं पर कड़ी नजर रखें। कर्मचारी किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है तो उसकी वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित शिकायत अवश्य करें। ग्राम प्रधान प्रत्येक माह की पांच, पंद्रह व पच्चीस तारीख को आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर अपनी निगरानी में पुष्टाहार का वितरण कराएं।
सीडीओ ने बताया कि एएनएम द्वारा बच्चों का वजन लिया जाता है। गर्भवती महिलाओं के खून, पेशाब और रक्तचाप की जांच की जाती है और उन्हें आवश्यकता अनुसार आयरन की गोलियां व अन्य दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। सीडीओ ने कहा कि सात प्रतिशत से कम हीमोग्लोबिन वाली महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त होती हैं। उन्हें आयरन की दोगुना गोलियां नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है और टीकाकरण भी किया जाता है। कार्यक्रम में बिसौली के उप जिलाधिकारी गुलाब चंद्र, डीडीओ संतोष कुमार सिंह, वजीरगंज के बीडीओ राजकुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की अहम जिम्मेदारी
बदायूं। सीडीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के मानसिक विकास के लिए खिलौनों के अलावा जानवरों, फलों, पक्षियों आदि के सचित्र कैलेंडर उपलब्ध रहते हैं। इनका सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेेदारी है कि वे बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। आगंनबाड़ी केंद्रों पर करीब तीस प्रतिशत ही बच्चे उपस्थित रहते हैं, यह निराशाजनक है। ग्राम प्रधान प्रयास करें और छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजें। उन्होंने एंबुलेंस सेवा, मनरेगा योजना, कृषि दुर्घटना बीमा योजना, कृषक पारदर्शी योजना आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। ब्लाक सालारपुर में बीडीओ ललित स्रोती, डीपीओ निर्मल शर्मा आदि मौजूद रहीं।
विकास खंड सालारपुर तथा वजीरगंज में राज्य पोषण मिशन के तहत नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों को मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया ने पोषण मिशन सहित अन्य योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। बताया कि हर माह के प्रथम तथा तृृतीय बुधवार को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस आयोजित होता है।
उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि होते है, इसलिए वे सभी सरकारी योजनाओं पर कड़ी नजर रखें। कर्मचारी किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है तो उसकी वरिष्ठ अधिकारियों से लिखित शिकायत अवश्य करें। ग्राम प्रधान प्रत्येक माह की पांच, पंद्रह व पच्चीस तारीख को आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर अपनी निगरानी में पुष्टाहार का वितरण कराएं।
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सीडीओ ने बताया कि एएनएम द्वारा बच्चों का वजन लिया जाता है। गर्भवती महिलाओं के खून, पेशाब और रक्तचाप की जांच की जाती है और उन्हें आवश्यकता अनुसार आयरन की गोलियां व अन्य दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा पुष्टाहार का वितरण किया जाता है। सीडीओ ने कहा कि सात प्रतिशत से कम हीमोग्लोबिन वाली महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त होती हैं। उन्हें आयरन की दोगुना गोलियां नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी जाती है और टीकाकरण भी किया जाता है। कार्यक्रम में बिसौली के उप जिलाधिकारी गुलाब चंद्र, डीडीओ संतोष कुमार सिंह, वजीरगंज के बीडीओ राजकुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी निर्मल शर्मा आदि मौजूद रहे।
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आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की अहम जिम्मेदारी
बदायूं। सीडीओ ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के मानसिक विकास के लिए खिलौनों के अलावा जानवरों, फलों, पक्षियों आदि के सचित्र कैलेंडर उपलब्ध रहते हैं। इनका सही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की जिम्मेेदारी है कि वे बच्चों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। आगंनबाड़ी केंद्रों पर करीब तीस प्रतिशत ही बच्चे उपस्थित रहते हैं, यह निराशाजनक है। ग्राम प्रधान प्रयास करें और छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर भेजें। उन्होंने एंबुलेंस सेवा, मनरेगा योजना, कृषि दुर्घटना बीमा योजना, कृषक पारदर्शी योजना आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। ब्लाक सालारपुर में बीडीओ ललित स्रोती, डीपीओ निर्मल शर्मा आदि मौजूद रहीं।