फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Kathavachak Gopalcharya says Hindu marriages used to take place at night due to the fear of Mughals

Budaun News: कथावाचक गोपालाचार्य बोले- मुगलों के डर से शुरू हुई थी रात में शादी की परंपरा; बताई यह वजह

Sat, 15 Apr 2023 06:47 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 15 Apr 2023 06:47 AM IST
सार

उझानी में श्रीराम कथा के दौरान कथावाचक गोपालाचार्य ने कहा कि मुगल आक्रांताओं के भारत में आने से पहले शादियां दिन में ही हुआ करती थीं, लेकिन बाद में सनातनी लोग रात में शादियां महज इसलिए करने लगे कि मुगल उन्हें परेशान करते थे।

विज्ञापन
Kathavachak Gopalcharya says Hindu marriages used to take place at night due to the fear of Mughals
कथावाचक गोपालाचार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदायूं के उझानी के श्री रामलीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा एवं श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के पांचवें दिन कथावाचक त्रिदंडी गोपालाचार्य ने श्रीराम विवाह के प्रसंगों के साथ श्रोताओं को प्राचीन परंपराओं से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं पहले भी बरात में शामिल होती थीं, लेकिन तब मुगल आक्रांताओं के डर से शादियां रात में हुआ करती थीं।

विज्ञापन


गोपालाचार्य ने कहा कि मुगल आक्रांताओं के भारत में आने से पहले शादियां दिन में ही हुआ करती थीं, लेकिन बाद में सनातनी लोग रात में शादियां महज इसलिए करने लगे कि मुगल उन्हें परेशान करते थे। ऐसे में रात में दुल्हन को विदा कर दिया जाता था। इसी खौफ ने ही लोगों के अंदर बाल विवाह की सोच विकसित की थी।
विज्ञापन


Budaun: जिला अस्पताल के रिकॉर्ड रूम में चल रही थी शराब पार्टी, सीएमएस ने दरवाजा खोला तो रह गए दंग
विज्ञापन
विज्ञापन


त्रिदंडी गोपालाचार्य ने श्रीराम विवाह के साथ ही उनके भाइयों के विवाह की परंपरा और संस्कार के बारे में कहा कि वर पक्ष याची होता है। कन्यादान करने वाला महादानी कहलाता है। उन्होंने राजा जनक और दशरथ के संवाद को भावनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया। कथा में प्रवीण महाराज ने महायज्ञ और कथा में गुप्त योगदान के बारे में बताया। 

शनिवार को होंगे उपनयन संस्कार

धार्मिक आयोजन के बीच प्रवीण महाराज ने बताया कि सनातन संस्कृति के अनुरूप उपनयन संस्कार का आयोजन शनिवार सुबह नौ बजे कार्यक्रम स्थल पर ही होगा। स्वामी गोपालाचार्य का भी सानिध्य प्राप्त होगा। करीब 15 नाम उपनयन संस्कार की सूची में शामिल हो चुके हैं। उपनयन के लिए सुबह तक भक्त आयोजकों से बात कर सकते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed