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Budaun News: चंदी फाजिल में प्रधानमंत्री आवास के 89 अपात्रों के मामले की अंतरिम जांच जल्द
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बदायूं। विकास खंड म्याऊं की ग्राम पंचायत अलापुर पट्टी चंदी फाजिल में बीडीओ की ओर से कराई जांच में टीम को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में 89 अपात्र मिले। इसकी रिपोर्ट पीडी डीआरडीए पास भेजी गई। प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद अपात्र पाए गए ग्रामीणों ने डीएम के पास शिकायत कि वे पात्र हैं। डीएम ने अंतरिम जांच के लिए पीडी डीआरडीए सत्येंद्र सिंह को निर्देश दिए हैं। अब प्रकरण की दोबारा जांच होगी।
ग्रामीणों ने पूर्व में हीं सचिव और अन्य कर्मचारियों की ओर से की गई फीडिंग पर सवाल उठाना शुरू कर दिया था। उसके बाद प्रधानमंत्री आवास प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से बढ़ती गई। आखिर में फाइनल लिस्ट तैयार होने के बाद सूची ग्राम सभा की बैठक में सुनाई गई। उस समय तो 162 में से 16 नामों पर बैठक में आपत्तियां आई थीं। इसके बाद 16 नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से मामले की शिकायत डीएम के पास की गई थी।
इसके आधार पर म्याऊं के तत्कालीन बीडीओ ने तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। जांच टीम 146 में से 89 नाम अपात्र मिले। इसकी रिपोर्ट तैयार कर बीडीओ राकेश निराला ने पीडी डीआरडीए को भेज चुके हैं। गांव में 89 अपात्र घोषित किए जाने के बाद खलबली मच गई। अपात्रों ने डीएम के पास अपना पक्ष रखते हुए शिकायत की थी। डीएम ने अपात्रों की शिकायत के बाद पीडी डीआरडीए से अंतरिम जांच कराने के निर्देश दिए। इसके लिए जल्द ही जिलास्तरीय टीम गठित किया जाएगा। अंतरिम की रिपोर्ट आने के बाद प्रधानमंत्री आवास की फीडिंग करने वाले जिम्मेदारों की गर्दन फंसनी तय है।
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ग्रामीणों के एक पक्ष की ओर शिकायत के बाद जांच में 89 अपात्रों की जांच रिपोर्ट मिली थी। उसके बाद अपात्रों ने भी अपना पक्ष रखते शिकायत की थी। इसको देखते हुए जिलास्तरीय जांच टीम गठित करके जांच कराई जाएगी। - सत्येंद्र सिंह, पीडी, डीआरडीए
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ग्रामीणों ने पूर्व में हीं सचिव और अन्य कर्मचारियों की ओर से की गई फीडिंग पर सवाल उठाना शुरू कर दिया था। उसके बाद प्रधानमंत्री आवास प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से बढ़ती गई। आखिर में फाइनल लिस्ट तैयार होने के बाद सूची ग्राम सभा की बैठक में सुनाई गई। उस समय तो 162 में से 16 नामों पर बैठक में आपत्तियां आई थीं। इसके बाद 16 नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद ग्रामीणों की ओर से मामले की शिकायत डीएम के पास की गई थी।
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इसके आधार पर म्याऊं के तत्कालीन बीडीओ ने तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। जांच टीम 146 में से 89 नाम अपात्र मिले। इसकी रिपोर्ट तैयार कर बीडीओ राकेश निराला ने पीडी डीआरडीए को भेज चुके हैं। गांव में 89 अपात्र घोषित किए जाने के बाद खलबली मच गई। अपात्रों ने डीएम के पास अपना पक्ष रखते हुए शिकायत की थी। डीएम ने अपात्रों की शिकायत के बाद पीडी डीआरडीए से अंतरिम जांच कराने के निर्देश दिए। इसके लिए जल्द ही जिलास्तरीय टीम गठित किया जाएगा। अंतरिम की रिपोर्ट आने के बाद प्रधानमंत्री आवास की फीडिंग करने वाले जिम्मेदारों की गर्दन फंसनी तय है।
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ग्रामीणों के एक पक्ष की ओर शिकायत के बाद जांच में 89 अपात्रों की जांच रिपोर्ट मिली थी। उसके बाद अपात्रों ने भी अपना पक्ष रखते शिकायत की थी। इसको देखते हुए जिलास्तरीय जांच टीम गठित करके जांच कराई जाएगी। - सत्येंद्र सिंह, पीडी, डीआरडीए