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हर्ष फायरिंग में बालिका की मौत
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इस्लामनगर। तिलक समारोह के दौरान अवैध असलहों से खुशी में की गई फायरिंग ने एक 11 वर्षीय बालिका की जान ले ली। बालिका के परिवार वालों ने मामले को छिपाने की काफी कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची। फायरिंग करने वाले अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।
इस्लामनगर थाने के गांव नदेरी में पूर्व प्रधान ओमपाल के बेटे डब्लू का शुक्रवार को तिलक समारोह था। समारोह में हिस्सा लेने गांव के लोगों के साथ काफी नाते-रिश्तेदार भी पहुंचे थे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तिलक समारोह चल रहा था, तभी पूर्व प्रधान के भाई खेमपाल समेत कुछ अन्य ने खुशी में तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कई फायर किए। एक गोली पास ही खड़ी शिवचरन की 11 वर्षीय बेटी अंजली के सीने में लग गई। इससे तिलक समारोह में खलबली मच गई। परिवार वाले पुलिस को सूचना दिए बिना ही आननफानन में अंजली के लेकर चंदौसी चले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना किसी ने पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। यहां पूछताछ में बालिका को गोली लगने और उसकी मौत की बात तो सामने आई, लेकिन फायरिंग करने वाले नहीं मिले।
दरअसल, परिवार वाले पूरे मामले को किसी तरह से दबाने और पुलिस को गुमराह करने में लगे हुए हैं। पुलिस ने चंदौसी के अस्पतालों में भी संपर्क किया, लेकिन शव का रात तक पता नहीं लग सका। एसओ बच्चू सिंह यादव का कहना है कि खुशी में की गई फायरिंग में बालिका की मौत की सूचना है। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। परिवार वाले रात तक चंदौसी से शव को लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं।
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आठ महीने पहले एक बहन की डूबने से हो गई थी मौत
शिवचरन के पांच संतानें हैं। शिवचरन की एक बेटी की मौत करीब आठ महीने पहले तालाब में डूबने से हो चुकी है। परिवार में अब दो भाई और दो बहनें बचे हैं। शिवचरन बिल्सी में एक ईंट भट्ठा पर काम करता है। शुक्रवार को ओमपाल के घर में तिलक समारोह के दौरान जब अंजली को गोली लगी तो सभी ने मिलकर मामले को दबाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। अंजली को आननफानन में चंदौसी भेज दिया गया जबकि गांव में नाते-रिश्तेदारों की दावत होती रही। चर्चा है कि परिवार वाले चोरी-छिपे अंजली के शव का अंतिम संस्कार करने की फिराक में हैं। इसी कारण वह देर रात तक शव लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं।
खुशी में की गई फायरिंग में बालिका की मौत हुई है। शव मिलते ही उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। रात तक परिवार वाले चंदौसी से शव लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं। निगरानी के लिए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनिरुद्घ सिंह, सीओ, बिल्सी
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इस्लामनगर थाने के गांव नदेरी में पूर्व प्रधान ओमपाल के बेटे डब्लू का शुक्रवार को तिलक समारोह था। समारोह में हिस्सा लेने गांव के लोगों के साथ काफी नाते-रिश्तेदार भी पहुंचे थे। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तिलक समारोह चल रहा था, तभी पूर्व प्रधान के भाई खेमपाल समेत कुछ अन्य ने खुशी में तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कई फायर किए। एक गोली पास ही खड़ी शिवचरन की 11 वर्षीय बेटी अंजली के सीने में लग गई। इससे तिलक समारोह में खलबली मच गई। परिवार वाले पुलिस को सूचना दिए बिना ही आननफानन में अंजली के लेकर चंदौसी चले गए। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना किसी ने पुलिस को दी तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। यहां पूछताछ में बालिका को गोली लगने और उसकी मौत की बात तो सामने आई, लेकिन फायरिंग करने वाले नहीं मिले।
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दरअसल, परिवार वाले पूरे मामले को किसी तरह से दबाने और पुलिस को गुमराह करने में लगे हुए हैं। पुलिस ने चंदौसी के अस्पतालों में भी संपर्क किया, लेकिन शव का रात तक पता नहीं लग सका। एसओ बच्चू सिंह यादव का कहना है कि खुशी में की गई फायरिंग में बालिका की मौत की सूचना है। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। परिवार वाले रात तक चंदौसी से शव को लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं।
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आठ महीने पहले एक बहन की डूबने से हो गई थी मौत
शिवचरन के पांच संतानें हैं। शिवचरन की एक बेटी की मौत करीब आठ महीने पहले तालाब में डूबने से हो चुकी है। परिवार में अब दो भाई और दो बहनें बचे हैं। शिवचरन बिल्सी में एक ईंट भट्ठा पर काम करता है। शुक्रवार को ओमपाल के घर में तिलक समारोह के दौरान जब अंजली को गोली लगी तो सभी ने मिलकर मामले को दबाने और पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। अंजली को आननफानन में चंदौसी भेज दिया गया जबकि गांव में नाते-रिश्तेदारों की दावत होती रही। चर्चा है कि परिवार वाले चोरी-छिपे अंजली के शव का अंतिम संस्कार करने की फिराक में हैं। इसी कारण वह देर रात तक शव लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं।
खुशी में की गई फायरिंग में बालिका की मौत हुई है। शव मिलते ही उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। रात तक परिवार वाले चंदौसी से शव लेकर गांव नहीं पहुंचे हैं। निगरानी के लिए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनिरुद्घ सिंह, सीओ, बिल्सी