{"_id":"62bb4a486a6460288c2d0b35","slug":"health-badaun-news-bly4897628193","type":"story","status":"publish","title_hn":"मच्छरों पर काबू पाने के लिए होगा एंटी लार्वा टेबलेट का इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मच्छरों पर काबू पाने के लिए होगा एंटी लार्वा टेबलेट का इस्तेमाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। मलेरिया पर काबू के लिए इस बार मच्छरों पर चौतरफा हमले की तैयारी है। लार्वा नाशक टेमोफॉस और मच्छर नाशक डीडीटी का संवेदनशील गांवों में छिड़काव कराया जा रहा है। इस बार मलेरिया विभाग एंटी लार्वा टेबलेट का भी इस्तेमाल करेगा। उम्मीद है कि जल्द टेबलेट की सप्लाई मिल जाएगी।
मानसून सक्रिय होने के साथ मलेरिया का प्रकोप शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस बार काफी हद तक मलेरिया पर काबू है। पिछले वर्ष जिले में 472 डेंगू के मामले मिले थे, ऐसे में लार्वा को लेकर अभी से तैयारियां हैं। लार्वा नाशक टेबलेट को आशा वर्कर्स के जरिया मलेरिया विभाग घर-घर पहुंचाने का काम करेगा। खास किस्म की यह टेबलेट घरों में ऐसे स्थानों पर पानी में डालनी होगी जहां पर लार्वा पनपने की आशंका हो।
यह टेबलेट लार्वा नष्ट करने के साथ कई दिन तक लार्वा को पनपने नहीं देगी। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि इस तरह की टेबलेट का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में होता है। लार्वा के मामले में यह काफी कारगर टेबलेट है। मलेरिया के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में है। ऐसे में इस बार यहां भी इस टेबलेट के इस्तेमाल की योजना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मानसून सक्रिय होने के साथ मलेरिया का प्रकोप शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस बार काफी हद तक मलेरिया पर काबू है। पिछले वर्ष जिले में 472 डेंगू के मामले मिले थे, ऐसे में लार्वा को लेकर अभी से तैयारियां हैं। लार्वा नाशक टेबलेट को आशा वर्कर्स के जरिया मलेरिया विभाग घर-घर पहुंचाने का काम करेगा। खास किस्म की यह टेबलेट घरों में ऐसे स्थानों पर पानी में डालनी होगी जहां पर लार्वा पनपने की आशंका हो।
विज्ञापन
यह टेबलेट लार्वा नष्ट करने के साथ कई दिन तक लार्वा को पनपने नहीं देगी। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि इस तरह की टेबलेट का इस्तेमाल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में होता है। लार्वा के मामले में यह काफी कारगर टेबलेट है। मलेरिया के लिहाज से बदायूं हाईरिस्क श्रेणी में है। ऐसे में इस बार यहां भी इस टेबलेट के इस्तेमाल की योजना है।
विज्ञापन