दर्दनाक हादसाः झूले में फंसे किशोरी के बाल, सिर की ऊपरी त्वचा समेत उखड़ा कान, भयावह मंजर देख कांपे लोग
ग्राम बक्सेना निवासी वंदना अपने गांव में सहेलियों के साथ रामलीला मेला देखने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा उस समय हुआ जब किशोरी अपनी सहेलियों के साथ हाथ से घुमाने वाले झूले में बैठकर झूला झूल रही थी।
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बदायूं की दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव बक्सेना के रामलीला मेला देखने गई 15 वर्षीय वंदना उर्फ मंदाकिनी के साथ झूला झूलते समय हादसा हो गया। उसके बाल झूले में फंस गए और उसका एक कान व सिर की ऊपरी त्वचा अलग हो गई। उसे गंभीर हालत में बरेली भेजा गया, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया है। उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ग्राम बक्सेना निवासी वंदना शुक्रवार रात अपने गांव में सहेलियों के साथ रामलीला मेला देखने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक किशोरी अपनी सहेलियों के साथ हाथ से घुमाने वाले झूले में बैठकर झूला झूल रही थी। झूले में चार पालकी लगी थीं। एक पालकी में चार सहेलियाें के साथ बैठी थी, जबकि अन्य सहेलियां दूसरी पालकी में थीं। बताते हैं कि झूला ज्यादा बड़ा नहीं था।
उसकी पालकी ऊपर से नीचे आई, तभी अचानक किशोरी के बाल पालकी की रॉड में फंस गए। किशोरी चिल्लाई तो झूला संचालक ने झूला रोकने का प्रयास किया। लेकिन इससे पहले झूले की पालकी कई चक्कर लगा चुकी थी। किशोरी के बाल रॉड में लिपट गए और सिर की पूरी त्वचा कान समेत उखड़कर अलग हो गई। जैसे-तैसे झूला रोका गया। किशोरी को बेहोशी की हालत में झूले से उतारा गया। इसकी सूचना पर उसके परिवार वाले मौके पर पहुंच गए। वह तुरंत किशोरी को सीधे बरेली ले गए। जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया है।
सामान समेटकर भागे झूला मालिक व दुकानदार
बक्सेना गांव में हादसे के बाद परिवार वाले किशोरी को लेकर बरेली चले गए थे। वहीं झूला मालिक और आसपास के तमाम दुकानदारों ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वह अपना सामान लेकर रामलीला मेला से भाग गए। बताते हैं कि यह मेला दो दिन पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन झूला और कुछ दुकानें लगी रह गईं थीं। हादसे के बाद वो भी भाग गए।
झूले में सेल्फी लेना चाहती थी किशोरी
हादसे के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक किशोरी झूला झूलने के दौरान सेल्फी लेना चाहती थी। बताते हैं कि उसने अपनी जेब से मोबाइल निकाला ही था कि तब तक यह हादसा हो गया। डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी करने को कहा है। इसमें नौ लाख रुपये खर्च होंगे, जबकि किशोरी के पिता कमल सिंह की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह बैनर पोस्टर बनाकर अपना परिवार चलाते हैं। ऐसे में परिवार वालों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।