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असमानता खत्म कर बेटियों को दें बढ़ावा
ब्यूरो /बदायूं
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:49 PM IST
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असमानता खत्म कर बेटियों को दें बढ़ावा
- फोटो : बदायूं/उत्ततर प्रदेश्ा
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समाज कहीं और से नहीं बल्कि हमसे ही बनता है। जरूरी है कि घर के अंदर की सोच को बदला जाए। असमानता को खत्म कर बेटियों को बढ़ावा दिया जाए। यह विचार उत्तर प्रदेश सरकार व अमर उजाला फाउंडेशन की संयुक्त पहल पर आयोजित नारी शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान विषय पर शुक्रवार को बदायूं क्लब सभागार में हुई गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी पवन कुमार ने रखे।
पद संभालने के बाद शुक्रवार को अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचे डीएम पवन कुमार ने कहा कि आज नारी कहीं पीछे नहीं हैं। चाहे वह सरकारी, निजी क्षेत्र, बिजनेस या खेल हों, हर जगह नारी अपनी पहचान बना रही हैं। विशिष्ट अतिथि एसएसपी सुनील सक्सेना ने कहा कि पुरुष और स्त्री में कोई कॉम्प्टीशन नहीं है। कुदरत ने महिलाओं को शक्तिशाली बनाया है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए कहा कि घर में महिला के होने से वातावरण सरस होता है। रंग-बिरंगा माहौल दिखाई देता है। बताया कि आज महिलाएं रक्षा के क्षेत्र में जहां कंधे से कंधा मिला रहीं हैं। वहीं आसमान की ऊंचाइयों को छूकर नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने जिले की महिलाओं व बेटियों की पूर्ण सुरक्षा करने का भरोसा भी दिलाया। गोष्ठी में महिलाओं ने निर्णय में सहभागिता, अंधविश्वास से दूरी रखने पर भी बल दिया। बीआईएमटी, दास कॉलेज, गिंदो देवी महिला कॉलेज आदि की पहुंची छात्राओं ने भी नारी शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान पर कविता के माध्यम से विचार रखे। उनके बेबाकी से रखे विचारों को अतिथियों ने सराहा।
इससे पूर्व गोष्ठी का शुभारंभ डीएम पवन कुमार, एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, डीआईओएस राकेश कुमार, सीमएओ डॉ. सुनील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अमर उजाला के जीएम सुप्रियो दास गुप्ता ने अतिथियों को बुके भेंट कर स्वागत किया और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कराए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर प्राचार्य बीआईएमटी डॉ. उमेश पाल सिंह, अमिता आलोक, अल्पना कुमार, प्रीति आहूजा, रजनी मिश्रा, डॉ. अक्षत अशेष, नेहा गोयल, डॉ. शिवराज, रचना राठौर, आशा राठौर, डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्रा आदि मौजूद
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...खुद पर यकीन करती हूं
- राह कोई न मै भटकती हूं, वास्ता हौसलों से रखती हूं।
दूर रहती हूं, हर सहारे से, खुद पर इतना यकीन करती हूं। इन चार पंक्तियों से कवियत्री डॉ. सोनरूपा विशाल ने महिलाओं को प्रेरणा दी। कहा सरकार महिलाओं के लिए काम कर रही है। समाज के अंदर कमी है। स्त्री को दोयम दर्जे का नहीं मानना चाहिए। उन्होंने नारी को खुद पर यकीन रखते हुए आगे बढ़ने की
ऐसे कार्यक्रमों से मिलता है प्रोत्साहन
मंच पर आईं शेरनी संस्था की संस्थापिका डॉ. लता मिश्रा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नारियों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने शेरनी संस्था के पीछे मुजफ्फरनगर में घटित एक घटना का भी वर्णन किया। कहा आज संस्था के माध्यम से महिला को सशक्तीकरण का कार्य किया जाता
हर बेटी के लिए शिक्षा जरूरी
- डॉ. कंचनलता ने कहा कि बेटी को बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकारी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। आज भी महिलाओं के अंदर कमी निकाली जाती है, जबकि इसमें पुरुष भी बराबर का भागीदार होता है। उन्होंने बेटियों को हर संभव शिक्षा देने पर जोर दिया।
आत्मविश्वास पैदा करें महिलाएं
साहित्यकार डॉ. कमला माहेश्वरी ने कविता के माध्यम से कहा, लोगों में निराशा दिखती है, कोई समझाए कैसे हास्य लिखें। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करें। निर्भीक होकर काम के प्रति निष्ठा बरतें। तब ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता
एक कॉल पर पुलिस सहायता होगी उपलब्ध
महिला थानाध्यक्ष सुनीता मिश्रा ने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए योजनाओं को संचालित किया है। 1090 तथा 100 नंबर पर सहायता उपलब्ध कराई जाती है। चार बाइकों पर महिला पुलिस बल गश्त करती है। उन्होंने महिलाओं व छात्राओं में जोश भरते हुए कहा कि कहीं भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने इस दौरान छात्राओं को अपना सीयूजी नंबर भी दिया।
नारी को मिले बराबर का दर्जा
दास कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा इरम बी ने कहा कि महिलाओं को बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। महिलाएं ओलंपिक व पैरालंपिक में भी अपना परचम लहरा रही हैं। कहा कि इतिहास नारी गौरवगाथा से भरा हुआ है। आगे भी भरता
समाज में उत्पन्न भ्रम को तोड़ा जाए
ऐस कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका ने गीत के माध्यम से विचार रखे। कहा महिला सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाएं आत्मविश्वास पैदा कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि समाज में उत्पन्न भ्रम को तोड़ा
शीर्ष स्थान पर काबिज हैं महिलाएं
गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज की छात्रा दीक्षा ने कहा कि नारी अपनी मेहनत, लगन से हर क्षेत्र में धाक जमाई है। यहीं कारण है कि शीर्ष स्थान पर महिलाएं काबिज हैं। महिलाएं खेती भी कर रही हैं। सरकारी व निजी क्षेत्र के अलावा अन्य उद्योगों के जरिए अपना व बच्चों का पालन-पोषण भी कर रही हैं।
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पद संभालने के बाद शुक्रवार को अपने पहले सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचे डीएम पवन कुमार ने कहा कि आज नारी कहीं पीछे नहीं हैं। चाहे वह सरकारी, निजी क्षेत्र, बिजनेस या खेल हों, हर जगह नारी अपनी पहचान बना रही हैं। विशिष्ट अतिथि एसएसपी सुनील सक्सेना ने कहा कि पुरुष और स्त्री में कोई कॉम्प्टीशन नहीं है। कुदरत ने महिलाओं को शक्तिशाली बनाया है। महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देते हुए कहा कि घर में महिला के होने से वातावरण सरस होता है। रंग-बिरंगा माहौल दिखाई देता है। बताया कि आज महिलाएं रक्षा के क्षेत्र में जहां कंधे से कंधा मिला रहीं हैं। वहीं आसमान की ऊंचाइयों को छूकर नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने जिले की महिलाओं व बेटियों की पूर्ण सुरक्षा करने का भरोसा भी दिलाया। गोष्ठी में महिलाओं ने निर्णय में सहभागिता, अंधविश्वास से दूरी रखने पर भी बल दिया। बीआईएमटी, दास कॉलेज, गिंदो देवी महिला कॉलेज आदि की पहुंची छात्राओं ने भी नारी शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान पर कविता के माध्यम से विचार रखे। उनके बेबाकी से रखे विचारों को अतिथियों ने सराहा।
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इससे पूर्व गोष्ठी का शुभारंभ डीएम पवन कुमार, एडीएम प्रशासन एके श्रीवास्तव, डीआईओएस राकेश कुमार, सीमएओ डॉ. सुनील कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अमर उजाला के जीएम सुप्रियो दास गुप्ता ने अतिथियों को बुके भेंट कर स्वागत किया और अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कराए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर प्राचार्य बीआईएमटी डॉ. उमेश पाल सिंह, अमिता आलोक, अल्पना कुमार, प्रीति आहूजा, रजनी मिश्रा, डॉ. अक्षत अशेष, नेहा गोयल, डॉ. शिवराज, रचना राठौर, आशा राठौर, डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्रा आदि मौजूद
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...खुद पर यकीन करती हूं
- राह कोई न मै भटकती हूं, वास्ता हौसलों से रखती हूं।
दूर रहती हूं, हर सहारे से, खुद पर इतना यकीन करती हूं। इन चार पंक्तियों से कवियत्री डॉ. सोनरूपा विशाल ने महिलाओं को प्रेरणा दी। कहा सरकार महिलाओं के लिए काम कर रही है। समाज के अंदर कमी है। स्त्री को दोयम दर्जे का नहीं मानना चाहिए। उन्होंने नारी को खुद पर यकीन रखते हुए आगे बढ़ने की
ऐसे कार्यक्रमों से मिलता है प्रोत्साहन
मंच पर आईं शेरनी संस्था की संस्थापिका डॉ. लता मिश्रा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से नारियों को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने शेरनी संस्था के पीछे मुजफ्फरनगर में घटित एक घटना का भी वर्णन किया। कहा आज संस्था के माध्यम से महिला को सशक्तीकरण का कार्य किया जाता
हर बेटी के लिए शिक्षा जरूरी
- डॉ. कंचनलता ने कहा कि बेटी को बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकारी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं। आज भी महिलाओं के अंदर कमी निकाली जाती है, जबकि इसमें पुरुष भी बराबर का भागीदार होता है। उन्होंने बेटियों को हर संभव शिक्षा देने पर जोर दिया।
आत्मविश्वास पैदा करें महिलाएं
साहित्यकार डॉ. कमला माहेश्वरी ने कविता के माध्यम से कहा, लोगों में निराशा दिखती है, कोई समझाए कैसे हास्य लिखें। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करें। निर्भीक होकर काम के प्रति निष्ठा बरतें। तब ऊंचाइयों तक पहुंचने से कोई रोक नहीं सकता
एक कॉल पर पुलिस सहायता होगी उपलब्ध
महिला थानाध्यक्ष सुनीता मिश्रा ने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए योजनाओं को संचालित किया है। 1090 तथा 100 नंबर पर सहायता उपलब्ध कराई जाती है। चार बाइकों पर महिला पुलिस बल गश्त करती है। उन्होंने महिलाओं व छात्राओं में जोश भरते हुए कहा कि कहीं भी भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। पुलिस सुरक्षा के लिए हर समय तैयार है। उन्होंने इस दौरान छात्राओं को अपना सीयूजी नंबर भी दिया।
नारी को मिले बराबर का दर्जा
दास कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा इरम बी ने कहा कि महिलाओं को बराबर का दर्जा दिया जाना चाहिए। महिलाएं ओलंपिक व पैरालंपिक में भी अपना परचम लहरा रही हैं। कहा कि इतिहास नारी गौरवगाथा से भरा हुआ है। आगे भी भरता
समाज में उत्पन्न भ्रम को तोड़ा जाए
ऐस कॉलेज की बीए प्रथम वर्ष की छात्रा मोनिका ने गीत के माध्यम से विचार रखे। कहा महिला सुरक्षा के लिए चलाई जा रही योजनाएं आत्मविश्वास पैदा कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, ताकि समाज में उत्पन्न भ्रम को तोड़ा
शीर्ष स्थान पर काबिज हैं महिलाएं
गिंदो देवी महिला डिग्री कॉलेज की छात्रा दीक्षा ने कहा कि नारी अपनी मेहनत, लगन से हर क्षेत्र में धाक जमाई है। यहीं कारण है कि शीर्ष स्थान पर महिलाएं काबिज हैं। महिलाएं खेती भी कर रही हैं। सरकारी व निजी क्षेत्र के अलावा अन्य उद्योगों के जरिए अपना व बच्चों का पालन-पोषण भी कर रही हैं।