बदायूं में बाढ़: रामगंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से सड़कें डूबी, मुश्किल हुई डगर, नाव से आवागमन कर रहे ग्रामीण
बदायूं के दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से सकतपुर, कटकोरा और सिमरिया गांव के सैकड़ों ग्रामीण प्रभावित हुए हैं। कई घरों में पानी घुस गया है और आवागमन बाधित है। ग्रामीणों को नाव से साढ़े तीन किलोमीटर का रास्ता डेढ़ घंटे में तय करना पड़ रहा है।
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बदायूं जिले के दातागंज क्षेत्र में रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सकतपुर गांव सबसे अधिक प्रभावित है, जहां ज्यादातर घरों में पानी घुस गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का घरों से निकलना बंद हो गया है। बीमार या जरूरी काम से जाने वाले ग्रामीणों को रामगंगा पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों को रामगंगा नदी की बाढ़ के कारण साढ़े तीन किलोमीटर का रास्ता डेढ़ घंटे में नाव से तय करना पड़ रहा है। नाव तक पहुंचने के लिए उन्हें गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान सांप और अन्य विषैले कीटों के काटने का डर बना रहता है। सकतपुर के साथ कटकोरा और सिमरिया गांव के ग्रामीण भी इसी तरह की दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। रामगंगा नदी का पानी दातागंज क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है।
जलमग्न मार्ग और आवागमन की चुनौती
कई गांवों को जोड़ने वाले नगरिया खनू-गड़िया रंगीन मार्ग पर भेड़ा गांव के पास सड़क पर चार फीट ऊंचाई तक पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों की पैदल आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। दोपहिया वाहन सवार भी इन मार्गों पर जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों की आपबीती
सकतपुर गांव के ग्रामीण शिव सिंह, जंगपाल, चरन सिंह, ऋषिपाल, मान सिंह, रमनपाल और मुन्नालाल ने अपनी आपबीती बताई। उन्होंने कहा कि सकतपुर गांव की गलियों में पानी घुसने के बाद अब कटकोरा और सिमरिया गांव तक भी रामगंगा का पानी पहुंचा है। इससे दोनों गांवों के लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है। तीन गांवों के सैकड़ों ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए हैं।
प्रशासन की निगरानी और बचाव कार्य
दातागंज के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि रामगंगा का पानी बढ़ा है। जिन गांवों की ओर रामगंगा का रुख है, वहां राजस्व टीमें निगरानी कर रही हैं। विनोद कुमार ने बताया कि अभी हालात सामान्य हैं। थोड़ी बहुत दिक्कत होने पर नावें लगाकर बचाव कार्य किया जाएगा।