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अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं बेसिक स्कूलों की परीक्षा
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ब्लॉक जगत के स्कूल में परीक्षाएं देती छात्राएं । संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कई दिनों के असमंजस के बाद तमाम अव्यवस्थाओं के बीच बेसिक शिक्षा परिषद की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से शुरू तो हुईं पर पहले ही दिन मजाक बनकर रह गईं। परीक्षा शुरू होने से चंद मिनट पहले ही विद्यालयों को प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए जो विद्यार्थियों की संख्या के लिहाज बेहद कम थे।
कोरोना की वजह से दो साल से परिषदीय स्कूलों में परीक्षाएं नहीं हो रहीं थीं। बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जा रहा था। अब सामान्य हालात होने की वजह से इस साल वार्षिक परीक्षाएं कराई जा रही हैं जो मंगलवार से परिषदीय स्कूलों में शुरू हो गईं। पहले ही दिन सभी विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। दरअसल, विभाग सोमवार तक इस असमंजस में था कि परीक्षाएं मंगलवार से होंगी या फिर बुधवार से। विभागीय निर्देश मिलने के बाद परीक्षाएं मंगलवार से शुरू करा दी गईं। वहीं परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही कई स्कूलों में गिनी चुनी संख्या में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए। ऐसे में कई स्कूलों में परीक्षाएं समय से शुरू नहीं हो सकीं।
शिक्षकों द्वारा ग्रीन बोर्ड पर प्रश्नों को उतारा गया। शिक्षकों ने परीक्षाएं जल्द खत्म हों इसके लिए कुछ जगह बोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर तक लिख दिए। इससे देखकर बच्चों ने उत्तरों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में उतार लिया। प्रथम पाली में गृह शिल्प और कृषि विज्ञान और द्वितीय पाली में स्काउटिंग की परीक्षा हुई।
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बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से शिक्षक असमंजस में
बेसिक के शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड की 24 मार्च से शुरू हो रही मुख्य परीक्षा को कराने में लगा दी गई है। ऐसे में शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कहीं पर प्रधानाध्यापक शिक्षकों को पहले दिन की परीक्षा कराने के बाद रिलीव करने की बात कह रहे हैं तो कुछ शिक्षकों ने परीक्षा से पहले ही अपने आपको रिलीव कराया है। हालांकि इस संबंध में तमाम विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने अपने-अपने बीईओ के जरिये बीएसए तक समस्याएं पहुंचाई है। संवाद
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कोरोना की वजह से दो साल से परिषदीय स्कूलों में परीक्षाएं नहीं हो रहीं थीं। बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जा रहा था। अब सामान्य हालात होने की वजह से इस साल वार्षिक परीक्षाएं कराई जा रही हैं जो मंगलवार से परिषदीय स्कूलों में शुरू हो गईं। पहले ही दिन सभी विद्यालयों में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। दरअसल, विभाग सोमवार तक इस असमंजस में था कि परीक्षाएं मंगलवार से होंगी या फिर बुधवार से। विभागीय निर्देश मिलने के बाद परीक्षाएं मंगलवार से शुरू करा दी गईं। वहीं परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही कई स्कूलों में गिनी चुनी संख्या में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए। ऐसे में कई स्कूलों में परीक्षाएं समय से शुरू नहीं हो सकीं।
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शिक्षकों द्वारा ग्रीन बोर्ड पर प्रश्नों को उतारा गया। शिक्षकों ने परीक्षाएं जल्द खत्म हों इसके लिए कुछ जगह बोर्ड पर प्रश्नों के उत्तर तक लिख दिए। इससे देखकर बच्चों ने उत्तरों को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में उतार लिया। प्रथम पाली में गृह शिल्प और कृषि विज्ञान और द्वितीय पाली में स्काउटिंग की परीक्षा हुई।
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बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी से शिक्षक असमंजस में
बेसिक के शिक्षकों की ड्यूटी यूपी बोर्ड की 24 मार्च से शुरू हो रही मुख्य परीक्षा को कराने में लगा दी गई है। ऐसे में शिक्षकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कहीं पर प्रधानाध्यापक शिक्षकों को पहले दिन की परीक्षा कराने के बाद रिलीव करने की बात कह रहे हैं तो कुछ शिक्षकों ने परीक्षा से पहले ही अपने आपको रिलीव कराया है। हालांकि इस संबंध में तमाम विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने अपने-अपने बीईओ के जरिये बीएसए तक समस्याएं पहुंचाई है। संवाद