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परिजन को अपनी बात बताना बेहद जरूरी
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बदायूं। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर छात्रों को शिक्षकों ने जानकारी दी। कहा कि छात्रों की रुचि जिस दिशा में हो, उसी ओर उन्हें आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे बेहतर से बेहतर परिणाम ला सकें। इसको लेकर वे परिजनों के साथ खुलकर बात करें, उन्हें अपनी बात बताना जरूरी है।
गुरुवार को इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की ओर से छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे कभी भी अपने ऊपर मानसिक दवाब न आने दें, ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई में व्यतीत करें, साथ ही वह रुटीन चार्ट बनाए, जिसमें खाने-पाने, खेलने, पढ़ने, सोना समेत सारी दिनचर्या शामिल हो। अभिभावकों के साथ में पढ़ाई और अपने कॅरियर को लेकर खुलकर वार्ता करें।
इधर, सीएमओ कार्यालय के सभागार में भी गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक वर्कशॉप आयोजित हुई, जिसमें डॉ. सर्वेश कुमारी ने बताया कि मानसिक रोग संबंधी बातों से लोगों को जागरूक किया जाए और वीडियो के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए। बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने कहा कि स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ काउंसलिंग की जाए। वहीं डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. अनवर सादात, डॉ. सुधा रानी, सुधा देवी, कमलेश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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गुरुवार को इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की ओर से छात्रों को प्रेरित किया गया कि वे कभी भी अपने ऊपर मानसिक दवाब न आने दें, ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई में व्यतीत करें, साथ ही वह रुटीन चार्ट बनाए, जिसमें खाने-पाने, खेलने, पढ़ने, सोना समेत सारी दिनचर्या शामिल हो। अभिभावकों के साथ में पढ़ाई और अपने कॅरियर को लेकर खुलकर वार्ता करें।
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इधर, सीएमओ कार्यालय के सभागार में भी गुरुवार को मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक वर्कशॉप आयोजित हुई, जिसमें डॉ. सर्वेश कुमारी ने बताया कि मानसिक रोग संबंधी बातों से लोगों को जागरूक किया जाए और वीडियो के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए। बीएसए रामपाल सिंह राजपूत ने कहा कि स्कूलों में जाकर बच्चों के साथ काउंसलिंग की जाए। वहीं डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. अनवर सादात, डॉ. सुधा रानी, सुधा देवी, कमलेश शर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
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