{"_id":"1eacdc697894a1b552aae55e1517c93c","slug":"each-year-the-fire-however-no-system-of-fire-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर साल अग्निकांड, फिर भी नहीं दमकल की व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर साल अग्निकांड, फिर भी नहीं दमकल की व्यवस्था
Dataganj
Updated Mon, 27 Apr 2015 06:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अग्निकांड के मामले में बेहद संवेदनशील क्षेत्र होने के बावजूद, यहां फायर ब्रिगेड की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। आग लगने की घटना होने पर जब तक बदायूं या अन्य किसी स्थान से दमकल जाती है, तब तक आग अपना तांडव कर जाती है।
विज्ञापन
गंगा और रामगंगा की कटरी से घिरे पूरे तहसील क्षेत्र को कमोवेश हर साल बाढ़ और आगजनी जैसी दैवीय आपदाओं को झेलना पड़ता है। बरेली में चौबारी गांव के निकट रामगंगा की धार की रोकथाम और नदी से नहर निकलने की वजह से बाढ़ का खतरा तो कुछ हद तक कम हो गया है, लेकिन अग्निकांड की घटनाओं से बचाव की कोई सुविधा नहीं है। जबकि आग लगने से धन और जन दोनों हानियां बाढ़ के मुकाबले कहीं ज्यादा होती हैं। गर्मी के मौसम में जब तेज गर्म हवाएं चलती हैं, तभी आग की घटनाओं में इजाफा होता है। इस वर्ष हालांकि अभी तक गर्म हवाएं नहीं चली हैं। इससे बाद भी गंडाह, हसनपुर, सलेमपुर, सिरसा समेत करीब दर्जन भर गांवों में आगजनी की घटनाएं हो चुकीं हैं। कुछ साल पहले कई पूरे-पूरे गांव आग का शिकार होकर राख के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। छह साल पहले गांव शेरपुर में भीषण आग लगने से पूरा गांव चपेट में आ गया था। पांच लोगों की जलकर मौत भी हो गई थी। गांव लालपुर में भी आग लगने से पूरा गांव राख के ढेर में तब्दील हो गया था। इसमें एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। नवादा वरन, पट्टी विजा, नगरिया खनू और पटकौरा आदि अनेक गांव हैं जो अग्निकांड में अपना अस्तित्व ही गंवा चुके हैं।
विज्ञापन
बता दें कि क्षेत्र में हर साल अग्निकांड में भारी जनहानि आदि होने के बाद क्षेत्रीय लोगों की मांग पर पिछले साल से कोतवाली में एक दमकल की गाड़ी खड़ी रहती थी, लेकिन इस बार यह वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है। जब तक क्षेत्र में किसी गांव में लग लगने की सूचना मिलती और दमकल की गाड़ी पहुंचती है, तब तक आग से तब बहुत कुछ तबाह हो चुका हो गया होता है।
विज्ञापन
फायर बिग्रेड की स्थापना को नगर पंचायत ने कई बार जगह देने की विभाग से पेशकश की, लेकिन अधिकारियों ने इस पेशकश पर कभी ध्यान नहीं दिया। क्षेत्र में फायर बिग्रेड की स्थापना होना बहुत जरूरी है। - राजीव गुप्ता, चेयरमैन नगर पंचायत दातागंज
क्षेत्र में आग की घटनाएं वास्तव में ज्यादा होतीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आज भी अधिकांश घरों पर छप्पर आदि पड़े होते हैं। इसलिए यहां पर फायर बिग्रेड की अधिक जरूरत है। इस बाबत जो भी संभावित कार्यवाही होगी की जाएगी। - ओपी तिवारी, एसडीएम दातागंज