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देहात क्षेत्र के बैंकों में अब भी जुट रही भीड़
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sat, 03 Dec 2016 11:37 PM IST
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देहात क्षेत्र के बैंकों में अब भी जुट रही भीड़
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नोटबंदी के बाद देहात क्षेत्र में लोगों की समस्याएं अब भी कम होने का नाम नहीं ले रहीं। वजह यह है कि बैंकों को पर्याप्त नगदी नहीं मिल पा रही। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक समेत निजी क्षेत्र के बैंकों में नगदी के लिए ज्यादा मारामारी है। रबी की बुवाई का सीजन और शाहलग का मौसम भीड़ को बढ़ाने का काम कर रहा है।
केंद्र सरकार ने आठ नवंबर को 500-100 के पुराने नोटों को बंद कर दिया था। दावा किया गया था कि दो से तीन सप्ताह में स्थिति पटरी पर आ जाएगी। नोट बंदी होने के बाद दो दिन सभी बैंक को बंद रखा गया। तीसरे दिन बैंक खुले तो पुराने नोट बदलने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। रिजर्व बैंक से समय पर नए नोटों की सप्लाई न मिलने की वजह से जिले में नगदी संकट पैदा हो गया। पुराने सौ के नोट से बैंक कई दिन काम चलाते रहे। 2000 के नए नोट की सप्लाई मिलने के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ। 24 दिन के बाद बैंकों में भीड़ भी छंटने लगी है। इधर, नगदी की जरूरत पूरी न होने की वजह से एटीएम की ओर लोग दौड़ रहे हैं। एलडीएम अनुराग रमन ने बताया कि जल्द जिले को सौ करोड़ रुपये की नगदी मिलने वाली है। इसके बाद स्थिति पटरी पर आ जाएगी।
24 दिन बाद भी अपडेट नहीं हो सके 50 प्रतिशत एटीएम
बदायूं। नोटबंदी के 24 दिन बाद भी लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। नगदी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसकी एक वजह यह भी है कि 24 दिन बाद भी जिले के 50 फीसदी एटीएम अपडेट नहीं हो सके हैं। ज्यादातर निजी बैंकों के एटीएम लोगों को मायूस कर रहे हैं। बैंकों में लाइन जरूर कम हुई है। लेकिन एटीएम पर भीड़ घटने का नाम नहीं ले रही।
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जिले में विभिन्न बैंकों के 75 एटीएम हैं। नोटबंदी के बाद इन एटीएम को 500-100 के नए नोटों के हिसाब से अपडेट किया जाना था। 24 दिन बाद भी सिर्फ 50 फीसदी एटीएम ही अपडेट हो सके हैं। इनमें कई एटीएम तकनीकी खराबी के चलते ठप भी हैं। बाकी के करीब 50 एटीएम में 100 के नोट डाल कर ही काम चलाया जा रहा है। इस वजह से लोगों की नगदी की जरूरत पूरी नहीं हो सकी। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
शाहलग का सीजन भी बढ़ा रहा भीड़
बदायूं। इन दिनों शाहलग का सीजन चल रहा है। एटीएम पर भीड़ लगने की एक वजह यह भी है। नोट बंदी के बाद सरकार ने एक दिन में निकाली जाने वाली रकम तय कर दी थी। एक ग्राहक एक दिन में एटीएम से 2500 रुपये ही निकाल सकता हैक्। जाहिर है कि शादी-विवाद के दौरान इससे ज्यादा रुपयों की जरूरत होती है। ऐसे में एटीएम पर लाइन लगने की एक वजह यह भी है।
कम नहीं हो रही समस्या
समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही। एटीएम से एक दिन में नगदी निकासी की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। तमाम एटीएम काम ही नहीं कर रहे। इससे समस्या ज्यादा हो रही है।-अरशद
किसानों को ज्यादा दिक्कत
गेहूं बुआई का सीजन है। अब तक पेट्रोल पंप पर पांच सौ के नोट से डीजल मिल रहा था। अब यह भी बंद हो गया है। नकदी न मिलने की वजह से सबसे ज्यादा समस्या देहात में है।-अमित
नंबर आया तो खत्म हो गया कैश
करीब तीन घंटे से रुपये निकालने के लिए लाइन में लगा था। कुछ देर पहले नंबर आया तो पता लगा कि एटीएम में कैश खत्म हो गया। दोबारा से कैश भरे जाने का इंतजार है।-रामबाबू
बिना तैयारी के कर दी नोटबंदी
केंद्र सरकार को नोटबंदी करने से पहले तैयारी करने की जरूरत थी। अगर पहले से तैयारियां की गईं होतीं तो लोगों को परेशानी नहीं होती। नोटबंदी से सभी को दिक्कत हो रही है।-शरीफ
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केंद्र सरकार ने आठ नवंबर को 500-100 के पुराने नोटों को बंद कर दिया था। दावा किया गया था कि दो से तीन सप्ताह में स्थिति पटरी पर आ जाएगी। नोट बंदी होने के बाद दो दिन सभी बैंक को बंद रखा गया। तीसरे दिन बैंक खुले तो पुराने नोट बदलने वालों की भारी भीड़ उमड़ी। रिजर्व बैंक से समय पर नए नोटों की सप्लाई न मिलने की वजह से जिले में नगदी संकट पैदा हो गया। पुराने सौ के नोट से बैंक कई दिन काम चलाते रहे। 2000 के नए नोट की सप्लाई मिलने के बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ। 24 दिन के बाद बैंकों में भीड़ भी छंटने लगी है। इधर, नगदी की जरूरत पूरी न होने की वजह से एटीएम की ओर लोग दौड़ रहे हैं। एलडीएम अनुराग रमन ने बताया कि जल्द जिले को सौ करोड़ रुपये की नगदी मिलने वाली है। इसके बाद स्थिति पटरी पर आ जाएगी।
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24 दिन बाद भी अपडेट नहीं हो सके 50 प्रतिशत एटीएम
बदायूं। नोटबंदी के 24 दिन बाद भी लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। नगदी के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसकी एक वजह यह भी है कि 24 दिन बाद भी जिले के 50 फीसदी एटीएम अपडेट नहीं हो सके हैं। ज्यादातर निजी बैंकों के एटीएम लोगों को मायूस कर रहे हैं। बैंकों में लाइन जरूर कम हुई है। लेकिन एटीएम पर भीड़ घटने का नाम नहीं ले रही।
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जिले में विभिन्न बैंकों के 75 एटीएम हैं। नोटबंदी के बाद इन एटीएम को 500-100 के नए नोटों के हिसाब से अपडेट किया जाना था। 24 दिन बाद भी सिर्फ 50 फीसदी एटीएम ही अपडेट हो सके हैं। इनमें कई एटीएम तकनीकी खराबी के चलते ठप भी हैं। बाकी के करीब 50 एटीएम में 100 के नोट डाल कर ही काम चलाया जा रहा है। इस वजह से लोगों की नगदी की जरूरत पूरी नहीं हो सकी। लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
शाहलग का सीजन भी बढ़ा रहा भीड़
बदायूं। इन दिनों शाहलग का सीजन चल रहा है। एटीएम पर भीड़ लगने की एक वजह यह भी है। नोट बंदी के बाद सरकार ने एक दिन में निकाली जाने वाली रकम तय कर दी थी। एक ग्राहक एक दिन में एटीएम से 2500 रुपये ही निकाल सकता हैक्। जाहिर है कि शादी-विवाद के दौरान इससे ज्यादा रुपयों की जरूरत होती है। ऐसे में एटीएम पर लाइन लगने की एक वजह यह भी है।
कम नहीं हो रही समस्या
समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही। एटीएम से एक दिन में नगदी निकासी की सीमा को बढ़ाया जाना चाहिए। तमाम एटीएम काम ही नहीं कर रहे। इससे समस्या ज्यादा हो रही है।-अरशद
किसानों को ज्यादा दिक्कत
गेहूं बुआई का सीजन है। अब तक पेट्रोल पंप पर पांच सौ के नोट से डीजल मिल रहा था। अब यह भी बंद हो गया है। नकदी न मिलने की वजह से सबसे ज्यादा समस्या देहात में है।-अमित
नंबर आया तो खत्म हो गया कैश
करीब तीन घंटे से रुपये निकालने के लिए लाइन में लगा था। कुछ देर पहले नंबर आया तो पता लगा कि एटीएम में कैश खत्म हो गया। दोबारा से कैश भरे जाने का इंतजार है।-रामबाबू
बिना तैयारी के कर दी नोटबंदी
केंद्र सरकार को नोटबंदी करने से पहले तैयारी करने की जरूरत थी। अगर पहले से तैयारियां की गईं होतीं तो लोगों को परेशानी नहीं होती। नोटबंदी से सभी को दिक्कत हो रही है।-शरीफ