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Budaun News: खाद्य दिवस पर कहीं चेकिंग नहीं कर पाया विभाग

Mon, 16 Oct 2023 11:42 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Mon, 16 Oct 2023 11:42 AM IST
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Department could not check anywhere on Food Day
बदायूं। खाद्य सुरक्षा विभाग को केवल त्योहार पर ही छापा मार अभियान की याद आती है। इसके अलावा यदा कदा ही वह दुकानाें का निरीक्षण करते हैं। वहीं रविवार से नवरात्र शुरू हो गए हैं, ऐसे में फलों की बिक्री बढ़ गई है, बाजार में खुले आम स्टीकर लगे और कटे गले फलों को बेचा जा रहा है। साथ ही खाद्य पदार्थों में भी मिलावट की जा रही है। इसके खाने से लोगों को तमाम तरीके की बीमारी हो सकती हैं, लेकिन विभाग खामोश बैठा हुआ है।
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शारदीय नवरात्र में देवी के नौ दिन के व्रत का विशेष महत्व होता है। ऐसे में ज्यादातर लोग इस व्रत को नियम संयम से रहते हैं। व्रत में खासकर फलाहार के सेवन में लोग सिंघाड़े व कुट्टू का आटा को अधिक पसंद करते हैं। इसके अलावा साबूदाना, सेंधा, नमक व फलों को लोग व्रत में खाते हैं। इन दिनों बाजार में सभी खाद्य सामग्रियों की बिक्री जोरों पर होती है। यही वजह है कि मुनाफाखोर भी व्रत रहने वालों की भावनाओं को फायदा उठाकर इन खाद्य पदार्थों में तरह-तरह की मिलावट करते हैं। इसके सेवन से अच्छी खासी बीमारियां मोल लेने का खतरा रहता है। साथ ही बाजार में खुले आम स्टीकर लगे और कटे गले फलों को बेचा जा रहा है। वहीं खाद्य विभाग ने नवरात्र के पहले दिन शांत रहे। इस संबंध में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनंजय शुक्ला ने बताया कि सोमवार से लगातार चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। रविवार को अवकाश की वजह से अभियान नहीं चल पाया। शनिवार को चार नमूने लिए गए थे।
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मिलावट की ऐसे करें पहचान

- सिंघाड़े के आटा दरदरा होता है। अरारोट आदि मिलाने से चिकनाहट रहती है। इसका रंग भी बदल जाता है।



- कुट्टू का शुद्ध आटा भी दरदरा होता है। मिलावट से इसकी महक व रंग में भी परिवर्तन आ जाता है।



- साबुदाना के आटे में खासकर चावल के आटे की मिलावट होती है। शुद्ध साबुदाना दानेदार सफेद रंग का होता है।



- सेंधा नमक में मिलावट होने से स्वाद में फर्क आ जाता है। इसमें केमिकल व साधारण नमक मिला होने से इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है।

फलों को भी बनाते हैं जहरीला : फलों को देखने में खूबसूरत बनाने के लिए व ग्राहकों से अच्छे दाम वसूलने को दुकानदार कार्बाइड से इन्हें पकाने में इस्तेमाल करते हैं। खासकर केले में इसका इस्तेमाल अधिक होता है। इससे नर्वस सिस्टम, लिवर सिरोसिस, हेपेटाइटिस आदि बीमारियां होने की संभावना रहती है।
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