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दूषित पेयजल से पीलिया का प्रकोप, एक की मौत, 10 से अधिक बीमार

Thu, 06 Feb 2020 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 12:45 AM IST
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death from jaundice
उझानी (बदायूं)। शहर से सटे गांव नरऊ में हैंडपंपों में आ रहा पानी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ने लगा है। दूषित पेयजल का सेवन करते रहने से पीलिया का प्रकोप बढ़ा, तो सप्ताह भर में 10 से अधिक महिला-पुरुष और बच्चे बीमार पड़ गए। इनमें एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मंगलवार रात बरेली के निजी अस्पताल में मौत हो गई। हैंडपंपों का पानी दूषित होने की मुख्य वजह तालाब है, जिसमें नगर के नालों के गंदे पानी का प्रवाह रहता है।
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नरऊ में पीलिया बीमारी का प्रकोप पहली बार नजर नहीं आया है। पहले भी ग्रामीण इसकी चपेट में आते रहे हैं, लेकिन इस बार बीमारी ने पैर पसारे तो पीलियाग्रस्त बच्चों समेत मरीजों की संख्या में इजाफा होता चला गया। ग्रामीणों के मुताबिक सोनवती (50) पत्नी कल्यान सिंह, गंगाराम (55), राघवेंद्र (66), खेमवती (45) पत्नी सुरेश, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमसिंह (55), पिंकी (20) पुत्री भीमसेन, रूमाला देवी (50) पत्नी भगवान सिंह, ओमपाल (25), केहरी (65), शिल्पी (12) पुत्री मुन्नालाल, ओमवती (54) पत्नी हरीराम और रूमसिंह (26) पिछले सात-आठ दिनों से बीमार हैं। इनमें से अधिकतर निजी क्लीनिकों पर इलाज करा रहे हैं तो कुछ देशी उपचार के भरोसे हैं।
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पीलियाग्रस्त प्रेमपाल (45) पुत्र यादराम की पिछले दिनों हालत ज्यादा बिगड़ी तो परिजनों ने उसे अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। हालत में कोई खास सुधार नहीं होने पर यादराम का बरेली के निजी अस्पताल में इलाज शुरू हुआ, तो मंगलवार रात उसकी मौत हो गई। करीब तीन महीने पहले गांव के ही रामपाल मौर्य की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बीमार ग्रामीण हेम सिंह ने बताया कि इलाज शुरू कराने से पहले अधिकतर ने निजी लैब पर चेकअप कराया तो रिपोर्ट में पीलिया सामने आया। ग्रामीणों की मानें तो तालाब के गंदे पानी की वजह से ही हैंडपंपों के पानी में प्रदूषण बढ़ा है। हैंडपंपों से मटमैला पानी निकलता है।
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हर साल बर्बाद हो जाती है सैकड़ों बीघा खेत की फसलें
उझानी। नरऊ के तालाब का रकबा 100 बीघा से अधिक है। उसी में उझानी के आधे से अधिक नालों का पानी का पानी पहुंचता है। खासकर बारिश के दिनों में तालाब ओवर फ्लो हो जाता है। ओवर फ्लो की वजह से तालाब का पानी खेतों में पहुंचने से फसलें बर्बाद होती रही हैं। कई बार ग्रामीणों ने नालों का प्रवाह दूसरी तरफ मोड़ने के लिए आवाज बुलंद की, लेकिन कभी गौर नहीं किया गया।

नरऊ में पीलिया के मरीज सामने आने का मामला संज्ञान में है। पिछले दिनों कुछ लोगों ने राजकीय मेडिकल बदायूं में इलाज भी कराया है लेकिन वास्तविक स्थिति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
- डॉ. सुयश दीक्षित, चिकित्साधिकारी।
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