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भागवतकथा में सुनाया श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का प्रसंग
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बिसौली। क्षेत्र के गांव मोहम्मपुर मई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कान्हा की बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया गया। कथावाचिका अम्बिका देवी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने बाल्यकाल से ही राक्षसों का संहार करना प्रारंभ कर दिया था।
उन्होंने श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम के बल का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दोनों भाइयों ने मिलकर कंस जैसे अत्याचारी दानवों का संहार कर मानवजाति की रक्षा की। भगवान श्रीकृष्ण ने रातोंरात द्वारिकापुरी का निर्माण कर ऐसा चमत्कार किए कि सबने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। कथा श्रवण के दौरान आचार्य कृष्णकांत, नत्थूलाल शर्मा, मुनीश, सर्वेश शर्मा, सतीश मिश्रा, उमेश शर्मा, चंद्रप्रकाश आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने श्रीकृष्ण और उनके भाई बलराम के बल का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दोनों भाइयों ने मिलकर कंस जैसे अत्याचारी दानवों का संहार कर मानवजाति की रक्षा की। भगवान श्रीकृष्ण ने रातोंरात द्वारिकापुरी का निर्माण कर ऐसा चमत्कार किए कि सबने दांतों तले उंगलियां दबा लीं। कथा श्रवण के दौरान आचार्य कृष्णकांत, नत्थूलाल शर्मा, मुनीश, सर्वेश शर्मा, सतीश मिश्रा, उमेश शर्मा, चंद्रप्रकाश आदि प्रमुखता से मौजूद रहे। संवाद
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