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जैनियों ने मनाया अतिशय तीर्थ क्षेत्र पदमांचल का वार्षिकोत्सव
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बिल्सी के पदमांचल जैन मंदिर के वाषिकोत्सव पर पूजा करते जैन समाज के लोग। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी। बिसौली रोड स्थित श्री पद्मप्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पद्मांचल जैन मंदिर का रविवार को वार्षिकोत्सव व भगवान पद्म प्रभु स्वामी का मोक्ष कल्याणक बड़े धूमधाम से मनाया गया।
यहां सर्वप्रथम मंगल जलाभिषेक व शांतिधारा नरेंद्र कुमार जैन, सतीश जैन, सुरेश जैन द्वारा विभिन्न बोलिया लेकर की गईं। इसके बाद जैन महिला मंडल की सदस्य रेखा जैन ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। पद्मांचल के प्रणेता ऐलक विज्ञान सागर महाराज की मूर्ति के समक्ष अर्घ्य समर्पित किया गया। अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ने सभी जैन बंधुओं से एकजुट होकर समाज के उत्थान करने की अपील की।
जैन समाज के मीडिया प्रभारी स्पर्श जैन ने बताया कि पंचकल्याणक, जैन ग्रंथों के अनुसार वे पांच मुख्य घटनाएं हैं, जो सभी तीर्थंकरों के जीवन में घटित होती हैं, ये पांच कल्याणक हैं। गर्भ कल्याणक-जब तीर्थंकर प्रभु की आत्मा माता के गर्भ में आती है, जन्म कल्याणक-जब तीर्थंकर बालक का जन्म होता है। दीक्षा कल्याणक-जब तीर्थंकर सब कुछ त्यागकर वन में जाकर मुनि दीक्षा ग्रहण करते है। केवल ज्ञान कल्याणक-जब तीर्थंकर को कैवल्य की प्राप्ति होती है। इस मौके पर अनिल कुमार जैन, प्रशांत कुमार जैन, ममता जैन, शीला जैन, रेखा जैन, रीता जैन, ज्योति जैन, शालिनी जैन, नरेंद्र कुमार जैन, संतोष जैन आदि मौजूद रहे।
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यहां सर्वप्रथम मंगल जलाभिषेक व शांतिधारा नरेंद्र कुमार जैन, सतीश जैन, सुरेश जैन द्वारा विभिन्न बोलिया लेकर की गईं। इसके बाद जैन महिला मंडल की सदस्य रेखा जैन ने धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। पद्मांचल के प्रणेता ऐलक विज्ञान सागर महाराज की मूर्ति के समक्ष अर्घ्य समर्पित किया गया। अध्यक्ष संतोष कुमार जैन ने सभी जैन बंधुओं से एकजुट होकर समाज के उत्थान करने की अपील की।
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जैन समाज के मीडिया प्रभारी स्पर्श जैन ने बताया कि पंचकल्याणक, जैन ग्रंथों के अनुसार वे पांच मुख्य घटनाएं हैं, जो सभी तीर्थंकरों के जीवन में घटित होती हैं, ये पांच कल्याणक हैं। गर्भ कल्याणक-जब तीर्थंकर प्रभु की आत्मा माता के गर्भ में आती है, जन्म कल्याणक-जब तीर्थंकर बालक का जन्म होता है। दीक्षा कल्याणक-जब तीर्थंकर सब कुछ त्यागकर वन में जाकर मुनि दीक्षा ग्रहण करते है। केवल ज्ञान कल्याणक-जब तीर्थंकर को कैवल्य की प्राप्ति होती है। इस मौके पर अनिल कुमार जैन, प्रशांत कुमार जैन, ममता जैन, शीला जैन, रेखा जैन, रीता जैन, ज्योति जैन, शालिनी जैन, नरेंद्र कुमार जैन, संतोष जैन आदि मौजूद रहे।
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