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खनन बंद फिर भी आ रहीं बालू भरी ट्रैक्टर ट्रॉलियां
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:13 AM IST
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पुलिस की शह पर कादरचौक बना खनन का बड़ा अवैध प्वाइंट
चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर हुआ खनन माफिया से विवाद
फर्जी तौर पर पकड़वाईं ट्रॉलियां, बृहस्पतिवार को बंद रहा बालू कारोबार
बालू खनन का अवैध कारोबार के लिए बदायूं मशहूर हो गया है। खनन माफिया भी दो धड़ों में बंटकर काम कर रहे हैं। इसी के चलते एक गुट ने दूसरे की चार ट्रैक्टर ट्रॉलियां पुलिस से पकड़वा दीं। बाद में उन्हें रकम लेकर छोड़ दिया गया। इसका असर यह हुआ कि एक ग्रुप की बृहस्पतिवार को बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां यहां बालू मार्केट में दिखाई नहीं दीं। हालांकि माफियाओं द्वारा जहां-तहां स्टाक किया गया बालू बृहस्पतिवार को महंगे दामों पर बेचा गया।
जिले में गंगा किनारे कछला में केवल एक ही खनन प्वाइंट वैध है। जहां विगत 17 जून से खनन बंद है। इसकी वजह है कि खनन प्वाइंट गंगा में पानी जा जाने के कारण बंद चल रहा है, लेकिन कादरचौक क्षेत्र से अवैध खनन जारी है। सूत्र बताते हैं कि हर ट्रॉली वाले से यहां दस हजार रुपये महीने वसूली कर खनन करके बालू ढोने की छूट चल रही है। बुधवार की रात दो खनन ग्रुपों में विवाद होने पर एक ग्रुप ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़वा दीं। बताते हैं कि ले देकर इन्हें छुड़वा भी दिया गया। इस विवाद में और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां न पकड़ी जाएं। इसलिए बृहस्पतिवार को बदायूं बालू मंडी में ट्रॉलियां भी नहीं आईं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि कमिश्नर का आगमन होने के कारण भी धंधा बंद रखा गया।
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लभारी के खेतों से बालू का खनन
कादरचौक। गांव लभारी के हल्का के कई खेत हैं जहां बालू ही बालू है। खनन माफियाओं ने इन खेत स्वामियों को लालच देकर उनके खेतों से अवैध रूप से बालू खनन कर रह रहे हैं। इसमें राजस्व लेखपाल भी उत्तरदायी है। खसरा में वह जिन खेतों में फसलें भर कर गुमराह कर रहा है वहां खनन हो रहा है। लेखपाल उच्चाधिकारियों को भी सूचना नही देता।
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अभी तक नहीं खुले तीन नए खनन प्वाइंट
बदायूं। जिले में तीन नए खनन प्वाइंट खोलने के लिए शासन स्तर से प्रयास हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंच जाने के बाद इन पर अभी रोक चल रही है। जिला प्रशासन ने दातागंज तहसील में गंगा के किनारे के गांव अहमद नगर बछौरा और सकतपुर खाम के अलावा सदर तहसील में कादरचौक क्षेत्र के गांव भूड़ा भदरौल में खनन के नए प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव किया था जो सुप्रीम कोर्ट में फंसकर रह गया है। इस पर बोली लगाने वालों के पैसे भी लौटाने पड़े हैं।
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तीन नए खनन प्वाइंट का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, बाकी जिले में एक ही खनन प्वाइंट कछला में है। जो 17 जून को अधिक पानी आ जाने के कारण बंद है। कुछ लोग कादरचौक क्षेत्र से अवैध खनन करने की शिकायतें मिलती रहती हैं। कई बार इनके खिलाफ कार्रचाई भी की जा चुकी है।
- राजेश कुमार सिंह, खनन इंस्पेक्टर
चार ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर हुआ खनन माफिया से विवाद
फर्जी तौर पर पकड़वाईं ट्रॉलियां, बृहस्पतिवार को बंद रहा बालू कारोबार
बालू खनन का अवैध कारोबार के लिए बदायूं मशहूर हो गया है। खनन माफिया भी दो धड़ों में बंटकर काम कर रहे हैं। इसी के चलते एक गुट ने दूसरे की चार ट्रैक्टर ट्रॉलियां पुलिस से पकड़वा दीं। बाद में उन्हें रकम लेकर छोड़ दिया गया। इसका असर यह हुआ कि एक ग्रुप की बृहस्पतिवार को बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां यहां बालू मार्केट में दिखाई नहीं दीं। हालांकि माफियाओं द्वारा जहां-तहां स्टाक किया गया बालू बृहस्पतिवार को महंगे दामों पर बेचा गया।
जिले में गंगा किनारे कछला में केवल एक ही खनन प्वाइंट वैध है। जहां विगत 17 जून से खनन बंद है। इसकी वजह है कि खनन प्वाइंट गंगा में पानी जा जाने के कारण बंद चल रहा है, लेकिन कादरचौक क्षेत्र से अवैध खनन जारी है। सूत्र बताते हैं कि हर ट्रॉली वाले से यहां दस हजार रुपये महीने वसूली कर खनन करके बालू ढोने की छूट चल रही है। बुधवार की रात दो खनन ग्रुपों में विवाद होने पर एक ग्रुप ने चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़वा दीं। बताते हैं कि ले देकर इन्हें छुड़वा भी दिया गया। इस विवाद में और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां न पकड़ी जाएं। इसलिए बृहस्पतिवार को बदायूं बालू मंडी में ट्रॉलियां भी नहीं आईं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि कमिश्नर का आगमन होने के कारण भी धंधा बंद रखा गया।
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लभारी के खेतों से बालू का खनन
कादरचौक। गांव लभारी के हल्का के कई खेत हैं जहां बालू ही बालू है। खनन माफियाओं ने इन खेत स्वामियों को लालच देकर उनके खेतों से अवैध रूप से बालू खनन कर रह रहे हैं। इसमें राजस्व लेखपाल भी उत्तरदायी है। खसरा में वह जिन खेतों में फसलें भर कर गुमराह कर रहा है वहां खनन हो रहा है। लेखपाल उच्चाधिकारियों को भी सूचना नही देता।
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अभी तक नहीं खुले तीन नए खनन प्वाइंट
बदायूं। जिले में तीन नए खनन प्वाइंट खोलने के लिए शासन स्तर से प्रयास हो रहे थे। सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंच जाने के बाद इन पर अभी रोक चल रही है। जिला प्रशासन ने दातागंज तहसील में गंगा के किनारे के गांव अहमद नगर बछौरा और सकतपुर खाम के अलावा सदर तहसील में कादरचौक क्षेत्र के गांव भूड़ा भदरौल में खनन के नए प्वाइंट बनाने का प्रस्ताव किया था जो सुप्रीम कोर्ट में फंसकर रह गया है। इस पर बोली लगाने वालों के पैसे भी लौटाने पड़े हैं।
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तीन नए खनन प्वाइंट का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, बाकी जिले में एक ही खनन प्वाइंट कछला में है। जो 17 जून को अधिक पानी आ जाने के कारण बंद है। कुछ लोग कादरचौक क्षेत्र से अवैध खनन करने की शिकायतें मिलती रहती हैं। कई बार इनके खिलाफ कार्रचाई भी की जा चुकी है।
- राजेश कुमार सिंह, खनन इंस्पेक्टर