दहेज हत्या में पति और सास को दस-दस साल की कैद
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अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने दहेज हत्या में नामजद आरोपी पति और सास को दोषी पाते हुए दस-दस साल की कैद और 14-14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही नामजद आरोपी जेठ और जेठानी को निर्दोष पाकर दोनों को बरी कर दिया है। यह घटना थाना उझानी के गांव गठौना में 17 मई 2013 को घटी थी। वादी अब्दुल सईद ने अपनी बेटी जीनत की शादी गठौना निवासी बारिस पुत्र दीनमोहम्मद के साथ की थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल वाले कम दहेज लाने पर तरह-तरह से प्रताड़ित करते थे। कई बार पंचायत भी हुई लेकिन हल नहीं निकला। फिर भी वादी ने लोक लिहाज के कारण अपनी बेटी को उसकी ससुराल भेज दिया। इधर ससुराल वालों ने जीनत को 17 मई 2013 को जलाकर मार दिया। वादी अब्दुल सईद ने जीनत के पति बारिस, सास विलकीस, जेठ आरिफ और जेठानी रूबी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोप था कि ससुराल वाले 50 हजार की नकदी और रंगीन टीवी की मांग करते थे। मांग पूरी न होने पर हत्या की गई।
विद्वान न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेमबाबू और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद दहेज हत्या में नामजद पति बारिस, सास विलकीस को दोषी पाते हुए 10-10 साल की कैद और 14-14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।