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गैंगरेप के आरोपी सिपाही के बहनोई समेत दो सस्पेंड
Updated Sun, 04 Jan 2015 07:38 PM IST
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एसएसपी ने थाने में नाबालिग से गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल यादव के बहनोई समेत दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया है। दोनों सिविल लाइंस थाने की नवादा चौकी पर तैनात थे। यह कार्रवाई सीओ सिटी की रिपोर्ट पर की गई है। सीओ सिटी को औचक निरीक्षण में दोनों सिपाही रोड गश्त से गायब मिले थे।
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मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने 31 दिसंबर की रात थाने में नाबालिग से गैंगरेप किया था। अवनीश का चाचा सोबरन सिंह यादव मूसाझाग थाने में ही तैनात था। इसको निलंबित किया जा चुका है। इधर, वीरपाल यादव का बहनोई अरुण यादव सिविल लाइंस थाने की नवादा चौकी पर तैनात था। रविवार को एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने अरुण यादव और राजकमल यादव को सस्पेंड कर दिया है। यह दोनों सिपाही सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा को औचक निरीक्षण में रोड गश्त से गायब मिले थे। सीओ सिटी की रिपोर्ट पर एसएसपी ने दोनों को निलंबित कर दिया है।
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आरोपी सिपाहियों के एक दर्जन रिश्तेदार उठाए
पुलिस महकमे की किरकिरी बने गैंगरेप के आरोपी सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। गिरफ्तारी तो दूर एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और एसओजी को इनकी लोकेशन पता करने में भी पसीने छूट रहे हैं। सूत्रों की मानें तो इस दरमियान पुलिस ने दोनों सिपाहियों के करीब एक दर्जन रिश्तेदारों को पूछताछ के लिए उठाया है। दावा किया जा रहा है कि सिपाहियों के संबंध में कुछ क्लू मिले हैं।
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मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने 31 दिसंबर की रात थाने में नाबालिग से गैंगरेप किया था। दोनों सिपाहियों के खिलाफ मूसाझाग थाने में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज है। उन्हें बर्खास्त भी किया जा चुका है। दोनों सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमों के साथ लखनऊ की एसटीएम, क्राइम ब्रांच और एसओजी को लगाया गया है। घटना के चार दिन बाद भी आरोपी पुलिस को चमका देने में कामयाब हैं। इस बीच पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों सिपाहियों के एक दर्जन संबंधियों पूछताछ की जा रही है। सिपाहियों की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दोनों सिपाही पुलिस महकमे की बारीकियों और कमजोरियों को समझते हैं ऐसे में वह इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं।