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जिला अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा
बदायूं
Updated Wed, 12 Aug 2015 12:16 AM IST
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जिला महिला अस्पताल में मेडिकल टर्मिनल प्रेग्नेंसी कराने आई महिला की हालत बिगड़ गई। उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल भेज दिया गया। वहां उसकी मौत हो गई। महिला की मौत पर उसके परिवार वालों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। इस दौरान डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल से भाग गए। बाद में पहुंची पुलिस ने मामला किसी तरह शांत कराया। मृतका के परिवार वालों ने डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दी गई है।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव कनेई के बुधपाल की पत्नी अनीता 36 गर्भवती होने के साथ बीमार थी। डॉक्टर ने उनको गर्भपात कराने की सलाह दी थी। मंगलवार को बुधपाल अनीता को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। ड्यूटी पर तैनात डॉ. ओमवती ने अनीता की एमटीपी शुरू की। तभी अनीता की हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने अनीता को जिला अस्पताल भेज दिया। वहां उसको मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद गुस्साए अनीता के परिवार वाले महिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंनें हंगामा शुरू कर दिया। अनीता के परिवार वालों का गुस्सा देखकर डॉक्टर और स्टाफ अस्पताल से भाग गया।
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खबर मिलने पर प्रभारी सीओ सिटी आरएस धामा, प्रभारी कोतवाल भोलू सिंह भाटी, महिला एसओ सुनीता मिश्रा अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने गुस्साए अनीता के परिवार वालों को किसी तरह से शांत किया। परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। मृतका के पति बुधपाल की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने को कोतवाली में तहरीर दी गई है। बताया जाता है कि अनीता के पहले ही चार बच्चे हैं।
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क्या है एमटीपी
मेडिकल टर्मिनल प्रेग्नेंसी (एमटीपी) वह प्रक्रिया है जिसके तहत विशेष परिस्थितियों में गर्भपात कराया जाता है। अगर किसी गर्भवती महिला बच्चे को जन्म देने की स्थिति में नहीं है। बच्चे के जन्म के दौरान महिला की मौत हो सकती है। या वह महिला कानूनी रूप से गर्भपात कराए जाने के मापदंडों को पूरा करती है, तो उसका सरकारी अस्पताल में गर्भपात किया जा सकता है।
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अनीता की हालत पहले से काफी खराब थी। मैंने एमटीपी श्ुारू भी नहीं की थी कि उसकी हालत और ज्यादा बिगड़ गई। मैनें उसे तुरंत ही जिला अस्पताल भिजवाया। लापरवाही के आरोप गलत हैं।
-डॉ. ओमवती