गुस्साई भीड़ के हमले में चार पुलिस कर्मी घायल
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डीजे पर झगड़े के आरोपी को होली वाले दिन पकड़ कर सरेराह पीटने पर भड़के लोगों ने पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया। पथराव भी किया गया, जिसमें चार पुलिस कर्मी घायल हो गए। भीड़ ने कोतवाली की कार और सिपाही की बाइक में भी तोड़फोड़ की। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को पीएसी का का सहयोग लेना पड़ गया। भीड़ को खदेड़ने के बाद पुलिस फोर्स ने घरों में तलाशी के नाम पर जमकर उत्पात मचाया। महिलाओं और बच्चों को भी पुलिस के कोप का शिकार होना पड़ा। दो महिलाओं समेत करीब 12 लोग घायल हो गए। कोतवाली में दरोगा अशोक यादव की ओर से भीड़ में शामिल 17 लोगों के खिलाफ हमला, तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा डालने की नामजद दर्ज की गई है।
घटना नगर के मोहल्ला गद्दीटोला में शुक्रवार दोपहर की है। पुलिस के मुताबिक, गद्दीटोला के खजानचंद्र और नरोत्तम शाक्य के परिजनों के बीच होली की पूर्व संध्या पर डीजे पर डांस को लेकर झगड़ा हो गया था। सुबह में फिर कहासुनी हुई तो दो सिपाही मौके पर पहुंच गए। होली के हुड़दंगियों ने उन्हें खदेड़ दिया। दोनों सिपाहियों को बाइक मौके पर छोड़ कर भागना पड़ा। सिपाहियों ने कोतवाली फोन करके फोर्स बुला लिया। उसी दौरान पुलिस कर्मियों ने एक आरोपी को दबोच लिया। यह देख सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष इकट्ठे हो गए।
आरोप है कि पुलिस कर्मी आरोपी को सरेराह पीटने लगे। इसके बाद ही भीड़ का गुस्सा फूटा। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पुलिस की कार का पीछे का शीशा चकनाचूर हो गया। पुलिस कर्मी राजेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र राना, राहुल धामा और सत्यपाल सिंह पथराव में घायल हो गए। भीड़ ने सिपाही की बाइक भी पंक्चर कर दी। भीड़ को बेकाबू होता देख मौके पर पीएसी समेत कोतवाली से फोर्स बुला लिया गया। सूत्रों की मानें तो भीड़ में से दो तीन हवाई फायर भी किए गए। एसडीएम प्रदीप कुमार और सीओ सतीशचंद्र शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
हालात पर काबू पाने के बाद पुलिस फोर्स ने घरों में तलाशी ली। जहां जो भी मिला, पुलिस ने उस पर लाठियां भांज दीं। इसमें दो महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। प्रभारी कोतवाल सुरेंद्र सिंह ने बताया कि खजानचंद्र की तहरीर पर चार आरोपियों पर मारपीट, महिलाओं से अभद्रता और दरोगा अशोक यादव की तहरीर पर 17 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने समेत मारपीट की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि पुलिस ने नामजदों में से 13 लोगों को दबोच लिया लेकिन देर शाम उन्हें कोतवाली से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।
छोटी सी चूक ने करा दी
पुलिस की फजीहत
पुलिस और पब्लिक के बीच संघर्ष की घटना सुनियोजित तो नही थी लेकिन कार्रवाई के नाम पर जिस तरह से घेराबंदी की गई, वहीं छोटी सी चूक पुलिस की फजीहत की वजह बन गई।
पुलिस कार्रवाई के चश्मदीद लोगों की मानें तो गद्दीटोला के खजानचंद्र और नरोत्तम के परिवार के बीच झगड़ा इतना बड़ा नहीं था कि पुलिस को होली के दिन ऐसा कदम उठाना पड़ता। माहौल की नजाकत भांपने की बजाय पुलिस ने आरोपी को सरेराह पीटने की चूक कर दी। सूत्र बताते हैं कि पुलिस ने जिस आरोपी को पीटा, उसका मोहल्ले रुतबा भी कायम है। नामजदों में चूंकि नरोत्तम शाक्य का ताल्लुक भारतीय किसान यूनियन से है इसलिए उसकी तरफदारी में तमाम लोग सड़क पर आ गए।
गद्दीटोला में दो घंटा तक अराजकता के माहौल के लिए दोष तो पथराव करने वालों का भी है लेकिन पुलिस ने जवाबी कार्रवाई ने गुस्सा भड़काने का ही काम किया। अपनी इस चूक का पुलिस को भी अहसास रहा। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पकड़े गए लोगों को छुड़ाने के लिए भीड़ दो बार कोतवाली गेट तक पहुंच गई। बाद में मोहल्ले के लोग पूर्व पालिकाध्यक्ष दुलीराम मौर्य के नेतृत्व में पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल से मिले तो पुलिस को नामजदों को कोतवाली से जमानत देकर छोड़ना पड़ा।
ये लोग बने पुलिस के कोप का शिकार
गद्दीटोला के भगवान सिंह पुत्र गंगाराम, शिवानी पुत्री नत्थू सिंह, नेकराम (55), आनंद पुत्र नेकराम, भोजराज पुत्र पन्नालाल, पन्नालाल (60), नन्हे पुत्र भीकम सिंह, बांकेलाल (60), ओमप्रकाश पुत्र बांकेलाल, लालसिंह पुत्र बांके लाल, भगवान सिंह पुत्र बांकेलाल, बेवा श्यामादेवी, जसवीर सिंह आदि लोग पुलिस के कोप का शिकार बन गए। आरोप है कि पुलिस ने इन लोगों की पिटाई की।
02 मुकदमे, 17 नामजदों में 04 कॉमन
उझानी। पुलिस रिकार्ड पर गौर करें तो गद्दीटोला के खजानचंद्र ने नरोत्तम सिंह, उसका भाई गुड्डू, सुनील कुमार और मुनीश को आईपीसी की धारा-452, 354, 323, 506 में मामला दर्ज कराया है तो दरोगा अशोक यादव की ओर से पुलिस ने शंकर, जयसिंह, अनिल, नन्हे, सूरजपाल, आनंद, किशनपाल, भगवान सिंह, नेकराम, श्रीपाल, भोजराज, जसवीर, दुर्विजय, नरोत्तम सिंह, गुड्डू, सुनील और मुनीश के खिलाफ आईपीसी की धारा-353, 147, 332, 427, 336 और 3/5 के तहत केस चार्ज किया है।
गद्दीटोला पहुंचे बीकेडी
और भाकियू नेता
भारतीय किसान यूनियन और बहुजन किसान दल के नेताओं ने शनिवार को गद्दीटोला पहुंच कर कार्यकर्ताओं से बात की। बोले- पुलिस ने घरों में घुस कर कार्यकर्ताओं से मारपीट की।
भाकियू के जिलाध्यक्ष धर्मपाल और बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने यूनियन के पूर्व नगर अध्यक्ष नरोत्तम शाक्य समेत कई लोगों के घर पहुंच कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी हासिल की। यूनियन के नेताओं ने बताया कि पुलिस ने जिस तरह से कार्रवाई की है, वह गुंडई का संकेत देती है। बोले- पुलिस की शिकायत एसएसपी समेत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। यूनियन और बीकेडी के नेताओं को शिवानी, श्यामा देवी और सावित्री ने मारपीट की दास्तां भी सुनाई। उन्हें घरों में तोड़तोड़ के बाद के हालात भी दिखाए गए। गद्दीटोला पहुंचे बीकेडी और भाकियू नेताओं में पूर्व जिलाध्यक्ष सौदान सिंह, प्रदेश संगठनमंत्री दिग्विजेंद्र सिंह, सत्यवीर सिंह, सतीश चंद्र, गंगासिंह, भागमल यादव आदि मौजूद थे।
पुलिस ने हटवाए डीजे सिस्टम
भाजपा नेता संजीव कुमार गुप्ता ने होली की पूर्व संध्या पर नगर में कई स्थानों पर लगे डीजे साउंड सिस्टम को हटवा देने का आरोप लगाया है। बताया कि नझियाई, अहीरटोला, अयोध्यागंज समेत गद्दीटोला में डीजे हटवाते वक्त पुलिस ने लोगों के साथ अभद्रता भी की।