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युवक की हत्या कर चेहरे पर तेजाब डाला
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Wed, 30 Dec 2015 09:15 PM IST
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सात दिन बाद उसावां थाना क्षेत्र में मिला शव
अलापुर के गांव बसियानी से हुआ था लापता
अलापुर थाने के गांव बसियानी निवासी लटूरी (27) पुत्र वीरबल 23 दिसंबर को घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा। परिवार वालों ने मिलने वाले और नाते-रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। लटूरी के भाई प्रकाश ने बुधवार को अलापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। बुधवार दोपहर उसावां थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर-जसमा के जंगल में ग्रामीणों ने अज्ञात युवक का शव पड़ा देखा। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई नहीं पहचान सका। आसपास के थानों को खबर दी गई। चूंकि अलापुर थाने में लटूरी की गुमशुदगी दर्ज थी। पुलिस ने लटूरी के परिवार वालों ने संपर्क किया। उसका भाई प्रकाश समेत परिवार के कई लोग पहुंच गए। उन्होंने कपड़ों और हुलिया देखकर शव की शिनाख्त लटूरी के रूप में की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए लटूरी के चेहरे को तेजाब डाला गया है। उसकी हत्या कैसे की गई? यह पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो सकेगा।
... तो सात दिन पहले ही कर दी गई थी हत्या
अलापुर/उसावां। लटूरी का शव कितने दिन पुराना है? यह बात तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग सकेगी, लेकिन शव की दशा देखकर कहा जा सकता है कि उसकी हत्या 23 दिसंबर को ही कर दी गई थी। शव बुरी तरह से सड़-गल चुका है। उसावां थाने के जिस इलाके में शव फेंका गया वहां ग्रामीणों का काफी कम आना-जाना होता है। वहां तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक कच्चा रास्ता है। फिलहाल पुलिस पड़ताल कर रही है।
लाश मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज कराने पर सवाल
अलापुर/उसावां। लटूरी 23 दिसंबर को लापता हुआ था। बुधवार को उसकी लाश उसावां थाने के गांव रसूलपुर-जसमा के जंगल में मिली। बुधवार को ही लटूरी के भाई प्रकाश ने अलापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। गुमशुदगी दर्ज कराने में परिवार वालों ने इतनी देरी क्यों की, सवाल यह है कि जब लटूरी की लाश बरामद हो गई, तब गुमशुदगी दर्ज क्यों कराई गई। एसओ अलापुर, अजीत प्रताप यादव ने कहा कि मृतक के भाई ने आज ही उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। शव उसावां थाना क्षेत्र में मिला है। हम भी अपने स्तर से पड़ताल कर रहे हैं। बाकी की कार्रवाई उसावां पुलिस ही करेगी।
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अलापुर के गांव बसियानी से हुआ था लापता
अलापुर थाने के गांव बसियानी निवासी लटूरी (27) पुत्र वीरबल 23 दिसंबर को घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा। परिवार वालों ने मिलने वाले और नाते-रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। लटूरी के भाई प्रकाश ने बुधवार को अलापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। बुधवार दोपहर उसावां थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर-जसमा के जंगल में ग्रामीणों ने अज्ञात युवक का शव पड़ा देखा। खबर मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों से शव की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन उसे कोई नहीं पहचान सका। आसपास के थानों को खबर दी गई। चूंकि अलापुर थाने में लटूरी की गुमशुदगी दर्ज थी। पुलिस ने लटूरी के परिवार वालों ने संपर्क किया। उसका भाई प्रकाश समेत परिवार के कई लोग पहुंच गए। उन्होंने कपड़ों और हुलिया देखकर शव की शिनाख्त लटूरी के रूप में की। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है। हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए लटूरी के चेहरे को तेजाब डाला गया है। उसकी हत्या कैसे की गई? यह पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो सकेगा।
... तो सात दिन पहले ही कर दी गई थी हत्या
अलापुर/उसावां। लटूरी का शव कितने दिन पुराना है? यह बात तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग सकेगी, लेकिन शव की दशा देखकर कहा जा सकता है कि उसकी हत्या 23 दिसंबर को ही कर दी गई थी। शव बुरी तरह से सड़-गल चुका है। उसावां थाने के जिस इलाके में शव फेंका गया वहां ग्रामीणों का काफी कम आना-जाना होता है। वहां तक पहुंचने के लिए सिर्फ एक कच्चा रास्ता है। फिलहाल पुलिस पड़ताल कर रही है।
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लाश मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज कराने पर सवाल
अलापुर/उसावां। लटूरी 23 दिसंबर को लापता हुआ था। बुधवार को उसकी लाश उसावां थाने के गांव रसूलपुर-जसमा के जंगल में मिली। बुधवार को ही लटूरी के भाई प्रकाश ने अलापुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर भी सवाल उठ रहे हैं। गुमशुदगी दर्ज कराने में परिवार वालों ने इतनी देरी क्यों की, सवाल यह है कि जब लटूरी की लाश बरामद हो गई, तब गुमशुदगी दर्ज क्यों कराई गई। एसओ अलापुर, अजीत प्रताप यादव ने कहा कि मृतक के भाई ने आज ही उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। शव उसावां थाना क्षेत्र में मिला है। हम भी अपने स्तर से पड़ताल कर रहे हैं। बाकी की कार्रवाई उसावां पुलिस ही करेगी।
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