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भूमाफिया नेता का लाइसेंस निलंबित, पिस्टल जमा करने को नोटिस
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बदायूं। वजीरगंज के भूमाफिया नेता राहुल वार्ष्णेय की पिस्टल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। उसे पिस्टल जमा करने को एक नोटिस भी भेजा गया है। पिछले दिनों पुलिस ने दर्ज मामलों का हवाला देते हुए उसका लाइसेंस निरस्त कराने की संस्तुति करके भेजी थी। इस पर डीएम ने उसका लाइसेंस निलंबित किया है।
भूमाफिया नेता राहुल वार्ष्णेय सरकारी जमीन कब्जाने, उस पर निर्माण कराने और सरकारी जमीन बेचने के मामलों में आरोपी है। उसके खिलाफ वजीरगंज थाने में आठ मुकदमे दर्ज हैं। सभी मुकदमों की विवेचना चल रही है। वैसे उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की दो साल पहले आवाज उठी थी। उसने कस्बे के खेल मैदान पर कब्जा कर उस पर 22 दुकानों का निर्माण करा दिया था। फिर सभी दुकानें कस्बे के अलग-अलग लोगों को बेच दी गईं। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने के काफी जोर लगाए लेकिन एक माननीय के वरदहस्त के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
पिछले दिनों राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज कराए गए। दुकान पर छापा मारा गया और उसकी संपत्ति की जांच शुरू करा दी गई। उसे भूमाफिया घोषित कर दिया गया। पिछले दिनों पुलिस ने उसका लाइसेंस निरस्त कराने की संस्तुति करके डीएम को फाइल भेजी थी। डीएम दीपा रंजन ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। उसे पिस्टल जमा करने को नोटिस भी भेजा गया था। थाना पुलिस ने माफिया को नोटिस तामील करा दिया है।
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दो नेताओं की शरण में पहुंचा भूमाफिया, ढीली पड़ी कार्रवाई
पिछली बार भूमाफिया एक नेता की शरण में पहुंच गया था। इससे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। और तो और सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से मिली थीं, लेकिन उस पर भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। जब यह मामला एक विधायक ने विधानसभा में उठाया, तब माफिया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। इस समय भी माफिया दो नेताओं की शरण में है। इससे प्रशासनिक कार्रवाई ढीली पड़ गई है। चर्चा तो यहां तक है कि वह इन दोनों नेता के साथ लखनऊ में जाकर एक बड़े नेता तक से मिल चुका है।
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पिछले दिनों राहुल वार्ष्णेय का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करके फाइल भेजी गई थी। अब उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। उसे एक नोटिस दिया गया है कि वह अपनी पिस्टल थाने में जमा करे।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
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भूमाफिया नेता राहुल वार्ष्णेय सरकारी जमीन कब्जाने, उस पर निर्माण कराने और सरकारी जमीन बेचने के मामलों में आरोपी है। उसके खिलाफ वजीरगंज थाने में आठ मुकदमे दर्ज हैं। सभी मुकदमों की विवेचना चल रही है। वैसे उसके खिलाफ कार्रवाई कराने की दो साल पहले आवाज उठी थी। उसने कस्बे के खेल मैदान पर कब्जा कर उस पर 22 दुकानों का निर्माण करा दिया था। फिर सभी दुकानें कस्बे के अलग-अलग लोगों को बेच दी गईं। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने उसके खिलाफ कार्रवाई कराने के काफी जोर लगाए लेकिन एक माननीय के वरदहस्त के कारण उस पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
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पिछले दिनों राहुल वार्ष्णेय के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। उसके खिलाफ आठ मामले दर्ज कराए गए। दुकान पर छापा मारा गया और उसकी संपत्ति की जांच शुरू करा दी गई। उसे भूमाफिया घोषित कर दिया गया। पिछले दिनों पुलिस ने उसका लाइसेंस निरस्त कराने की संस्तुति करके डीएम को फाइल भेजी थी। डीएम दीपा रंजन ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। उसे पिस्टल जमा करने को नोटिस भी भेजा गया था। थाना पुलिस ने माफिया को नोटिस तामील करा दिया है।
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दो नेताओं की शरण में पहुंचा भूमाफिया, ढीली पड़ी कार्रवाई
पिछली बार भूमाफिया एक नेता की शरण में पहुंच गया था। इससे उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। और तो और सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से मिली थीं, लेकिन उस पर भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। जब यह मामला एक विधायक ने विधानसभा में उठाया, तब माफिया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई। इस समय भी माफिया दो नेताओं की शरण में है। इससे प्रशासनिक कार्रवाई ढीली पड़ गई है। चर्चा तो यहां तक है कि वह इन दोनों नेता के साथ लखनऊ में जाकर एक बड़े नेता तक से मिल चुका है।
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पिछले दिनों राहुल वार्ष्णेय का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति करके फाइल भेजी गई थी। अब उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। उसे एक नोटिस दिया गया है कि वह अपनी पिस्टल थाने में जमा करे।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात