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‘आइये, रक्तदान करें, महादान करें’...जिला अस्पताल में शिविर आज
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बदायूं। रक्तदान महादान है। आपका रक्त चार लोगों की जान बचा सकता है। इसी प्रयोजन को लेकर अमर उजाला हर साल विश्व रक्तदान पर 14 जून को रक्तदान शिविर का आयोजन कराता रहा है। इस बार भी मंगलवार को जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सुबह 10 बजे से शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर का उद्घाटन एसएसपी डॉ. ओपी सिंह करेंगे।
किसी भी रक्तदानी का रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है और वह भी एक नहीं चार लोगों की। दरअसल रक्त में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक सेल शामिल हैं जो जरूरत पड़ने पर चार लोगों को अलग-अलग दिए जा सकते हैं। हालांकि जिला अस्पताल में अभी ब्लड कंपोनेंट यूनिट का निर्माण चल रहा है। भविष्य में यह प्रक्रिया यहां भी शुरू हो जाएगी। फिलहाल यहां एकत्र रक्त जरूरतमंदों की जान बचा रहा है। इसी पुनीत कार्य के उद्देश्य से अमर उजाला विश्व रक्तदान दिवस पर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। हर साल 14 जून को इसका आयोजन किया जाता है। जिला अस्पताल में लगने वाले शिविर का उद्घाटन एसएसपी डॉ. ओपी सिंह करेंगे। रक्तदान करने वाले व्यक्ति को अमर उजाला की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
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ऐसे समझें उपयोग
- एनीमिया के शिकार मरीजों को आरबीसी चढ़ाया जाता है।
- डेंगू से पीड़ित मरीजों को रक्त से प्लेटलेट्स निकालकर चढ़ाया जाता है।
- आग से जले या हार्टअटैक की चपेट में आए मरीजों को खून से प्लाज्मा निकालकर चढ़ाया जाता है।
- थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों को पैक सेल दिया जाता है।
- रक्त के ये सभी घटक एक यूनिट रक्त में मौजूद रहते हैं।
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डॉक्टरों की नजर में ये हैं रक्तदान के फायदे
- वजन कंट्रोल में रहता है
- दिल हेल्दी रहता है
- अधिक मात्रा में रेड सेल्स का उत्पादन होता है
- कैंसर का जोखिम कम
- रक्तदान करने से सेहत अच्छी रहती है।
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कोई भी स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है रक्तदान
- प्रतिदिन हमारे शरीर में पुराने रक्त का क्षय होता रहता है ओर प्रतिदिन नया रक्त बनता रहता है। शरीर 24 घंटों में ही दिए रक्त के तरल भाग की पूर्ति कर लेता है। ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर में रक्त चार से पांच सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है, बल्कि इससे शरीर और स्वस्थ बनता है। ऐसे में 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। उसका वजन भी 45-50 किलो से कम नहीं होना चाहिए।
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किसी भी रक्तदानी का रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचा सकता है और वह भी एक नहीं चार लोगों की। दरअसल रक्त में चार कंपोनेंट होते हैं। इनमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और पैक सेल शामिल हैं जो जरूरत पड़ने पर चार लोगों को अलग-अलग दिए जा सकते हैं। हालांकि जिला अस्पताल में अभी ब्लड कंपोनेंट यूनिट का निर्माण चल रहा है। भविष्य में यह प्रक्रिया यहां भी शुरू हो जाएगी। फिलहाल यहां एकत्र रक्त जरूरतमंदों की जान बचा रहा है। इसी पुनीत कार्य के उद्देश्य से अमर उजाला विश्व रक्तदान दिवस पर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन करता है। हर साल 14 जून को इसका आयोजन किया जाता है। जिला अस्पताल में लगने वाले शिविर का उद्घाटन एसएसपी डॉ. ओपी सिंह करेंगे। रक्तदान करने वाले व्यक्ति को अमर उजाला की ओर से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
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ऐसे समझें उपयोग
- एनीमिया के शिकार मरीजों को आरबीसी चढ़ाया जाता है।
- डेंगू से पीड़ित मरीजों को रक्त से प्लेटलेट्स निकालकर चढ़ाया जाता है।
- आग से जले या हार्टअटैक की चपेट में आए मरीजों को खून से प्लाज्मा निकालकर चढ़ाया जाता है।
- थैलीसीमिया से पीड़ित मरीजों को पैक सेल दिया जाता है।
- रक्त के ये सभी घटक एक यूनिट रक्त में मौजूद रहते हैं।
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डॉक्टरों की नजर में ये हैं रक्तदान के फायदे
- वजन कंट्रोल में रहता है
- दिल हेल्दी रहता है
- अधिक मात्रा में रेड सेल्स का उत्पादन होता है
- कैंसर का जोखिम कम
- रक्तदान करने से सेहत अच्छी रहती है।
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कोई भी स्वस्थ व्यक्ति कर सकता है रक्तदान
- प्रतिदिन हमारे शरीर में पुराने रक्त का क्षय होता रहता है ओर प्रतिदिन नया रक्त बनता रहता है। शरीर 24 घंटों में ही दिए रक्त के तरल भाग की पूर्ति कर लेता है। ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर में रक्त चार से पांच सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है। रक्तदान करने से शरीर में किसी तरह की कमजोरी नहीं आती है, बल्कि इससे शरीर और स्वस्थ बनता है। ऐसे में 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है। उसका वजन भी 45-50 किलो से कम नहीं होना चाहिए।
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