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अंकल, मैं आपके बेटे का दोस्त हूं और ठगकर ले गया पांच हजार
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कुंवरगांव (बदायूं)। एक युवक कस्बे के दुकानदार को ढाई सौ रुपये देकर विश्वास में लाने के बाद पांच हजार रुपये ठगकर ले गया। युवक इतना शातिर था कि उसने दुकानदार को बताया कि वह उसके बेटे का दोस्त है। जब युवक लौटकर नहीं आया तो दुकानदार को ठगी का अहसास हुआ।
मंगलवार को गांव बादल निवासी किराना व्यापारी महेश अपनी दुकान का सामान खरीदने साप्ताहिक बाजार आया था। थाने से चंद कदम की दूरी पर एक युवक उसके पास आया। उसने खुद को महेश के बेटे का दोस्त बताया। उसने ढाई सौ रुपये देते हुए कहा कि यह रुपये अपने बेटे को दे देना। उसने कुछ समय पहले उधार लिए थे। जब युवक ने महेश को ढाई सौ रुपये दिए तो उसे विश्वास हो गया कि उसके बेटे का वास्तव में दोस्त है।
रुपये देने के कुछ देर बाद युवक ने महेश से कहा कि उसे पांच हजार रुपये दे दें, वह सामने खड़ी अपनी बाइक से बीस-बीस के नोटों की गड्डी दे देगा। युवक महेश को पहले ही विश्वास में ले चुका था। इसलिए उसने बिना कोई सोच विचार करे उसे पांच हजार रुपये दे दिए। युवक बोला अंकल वह अभी लौटकर आ रहा है। तब तक उसकी बाइक यहीं खड़ी है।
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महेश से बाइक की निगरानी करने को कहकर युवक वहां से चला गया। एक घंटे मेें भी जब युवक नहीं लौटा, तब उसे कुछ शंका हुई। तभी असली मालिक आ गया और बाइक स्टार्ट करने लगा। महेश ने उसे रोककर पूछा तो उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। इसके बाद महेश ने थाने पहुंचकर मामले की पुलिस को जानकारी दी।
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मंगलवार को गांव बादल निवासी किराना व्यापारी महेश अपनी दुकान का सामान खरीदने साप्ताहिक बाजार आया था। थाने से चंद कदम की दूरी पर एक युवक उसके पास आया। उसने खुद को महेश के बेटे का दोस्त बताया। उसने ढाई सौ रुपये देते हुए कहा कि यह रुपये अपने बेटे को दे देना। उसने कुछ समय पहले उधार लिए थे। जब युवक ने महेश को ढाई सौ रुपये दिए तो उसे विश्वास हो गया कि उसके बेटे का वास्तव में दोस्त है।
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रुपये देने के कुछ देर बाद युवक ने महेश से कहा कि उसे पांच हजार रुपये दे दें, वह सामने खड़ी अपनी बाइक से बीस-बीस के नोटों की गड्डी दे देगा। युवक महेश को पहले ही विश्वास में ले चुका था। इसलिए उसने बिना कोई सोच विचार करे उसे पांच हजार रुपये दे दिए। युवक बोला अंकल वह अभी लौटकर आ रहा है। तब तक उसकी बाइक यहीं खड़ी है।
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महेश से बाइक की निगरानी करने को कहकर युवक वहां से चला गया। एक घंटे मेें भी जब युवक नहीं लौटा, तब उसे कुछ शंका हुई। तभी असली मालिक आ गया और बाइक स्टार्ट करने लगा। महेश ने उसे रोककर पूछा तो उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। इसके बाद महेश ने थाने पहुंचकर मामले की पुलिस को जानकारी दी।