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लाखों का बाल पोषाहार पकड़ा, गोदाम सील
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उस्मानपुर गोदाम में पकड़ा गया बाल पोषाहार। संवाद
- फोटो : BADAUN
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दहगवां/ जरीफनगर। ब्लैक को रखा गया लाखों रुपये का बाल पोषाहार पकड़ने के बाद अधिकारियों ने बुधवार को बाल विकास परियोजना का उस्मानपुर गोदाम सील कर दिया। गौर करने वाली बात यह है कि गोदाम में दिसंबर से लेकर मई तक का स्टॉक मिला है। इससे साफ है कि बाल पोषाहार का वितरण नहीं किया जाता। यह शिकायत भी मिली है कि साठगांठ कर बाल पोषाहार को चंदौसी में बेचा जाता है। पिछले वर्ष दहगवां के गोदाम से भी कई लाख का बाल पोषाहार गायब हो गया था। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
महिला एवं बाल विकास परियोजना में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वितरण के लिए पोषाहार पर हर माह सरकार मोटा बजट खर्च करती है। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक भ्रष्टाचार के कारण यह पोषाहार गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पास नहीं पहुंचता। पोषाहार को गोदामों से ही खुले बाजार में ब्लैक कर दिया जाता है। सरकार बाल पोषाहार के रूप में अब देसी घी, चना, दाल, खाद्य तेल आदि भी दे रही है। बाल विकास परियोजना के अधिकारियों और जिम्मेदारों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। दहगवां ब्लॉक के गांव उस्मानपुर में एक गोदाम बाल पोषाहार से भरा हुआ था। इस पोषाहार को चंदौसी में बिक्री के लिए ले जाया जाना था। इससे पहले एसडीएम सहसवान महिपाल सिंह को सूचना मिली। उन्होंने तहसीलदार शिव कुमार शर्मा के निर्देशन में टीम को छापा मारने के लिए भेजा।
गोदाम खुलवाया गया तो पूरा गोदाम बाल पोषाहार से भरा था। यहां लाखों रुपये का अतिरिक्त स्टॉक मिला। दिसंबर 2021 तक का पोषाहार गोदाम में भरा हुआ था। तहसीलदार ने अपने सामने ही गोदाम को सील करा दिया। टीम में नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, पूर्ति निरीक्षक प्रदीप कुमार, बीडीओ मुनब्बर खान, सहायक विकास अधिकारी नवीन कुमार, सीडीपीओ प्रभात कुमार रहे। मौके पर ब्लॉक प्रमुख नीलम गुप्ता भी पहुंच गईं।
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दहगवां के गोदाम से चोरी हो गया था लाखों का पोषाहार
सितंबर 2021 में बाल विकास परियोजना के दहगवां गोदाम से लाखों रुपये का बाल पोषाहार चोरी हो गया था। इस मामले में संबंधितों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। चोरी करके बाल पोषाहार बाजार में बेचने और कुपोषित बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं के हक पर डाका डालने वाले कर्मचारी और अधिकारी अब भी अपनी कुर्सियों पर जमे हुए हैं।
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बाल विकास परियोजना के उस्मानपुर गोदाम में स्टॉक से ज्यादा पोषाहार पाया गया। पोषाहार का स्टॉक दिसंबर 2021 तक का था। सूचना थी कि पोषाहार को ब्लैक किया जाना है। गोदाम को सील कर दिया गया है। जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शिव कुमार शर्मा, तहसीलदार सहसवान
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महिला एवं बाल विकास परियोजना में भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को वितरण के लिए पोषाहार पर हर माह सरकार मोटा बजट खर्च करती है। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक भ्रष्टाचार के कारण यह पोषाहार गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पास नहीं पहुंचता। पोषाहार को गोदामों से ही खुले बाजार में ब्लैक कर दिया जाता है। सरकार बाल पोषाहार के रूप में अब देसी घी, चना, दाल, खाद्य तेल आदि भी दे रही है। बाल विकास परियोजना के अधिकारियों और जिम्मेदारों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। दहगवां ब्लॉक के गांव उस्मानपुर में एक गोदाम बाल पोषाहार से भरा हुआ था। इस पोषाहार को चंदौसी में बिक्री के लिए ले जाया जाना था। इससे पहले एसडीएम सहसवान महिपाल सिंह को सूचना मिली। उन्होंने तहसीलदार शिव कुमार शर्मा के निर्देशन में टीम को छापा मारने के लिए भेजा।
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गोदाम खुलवाया गया तो पूरा गोदाम बाल पोषाहार से भरा था। यहां लाखों रुपये का अतिरिक्त स्टॉक मिला। दिसंबर 2021 तक का पोषाहार गोदाम में भरा हुआ था। तहसीलदार ने अपने सामने ही गोदाम को सील करा दिया। टीम में नायब तहसीलदार जितेंद्र कुमार, पूर्ति निरीक्षक प्रदीप कुमार, बीडीओ मुनब्बर खान, सहायक विकास अधिकारी नवीन कुमार, सीडीपीओ प्रभात कुमार रहे। मौके पर ब्लॉक प्रमुख नीलम गुप्ता भी पहुंच गईं।
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दहगवां के गोदाम से चोरी हो गया था लाखों का पोषाहार
सितंबर 2021 में बाल विकास परियोजना के दहगवां गोदाम से लाखों रुपये का बाल पोषाहार चोरी हो गया था। इस मामले में संबंधितों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। चोरी करके बाल पोषाहार बाजार में बेचने और कुपोषित बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं के हक पर डाका डालने वाले कर्मचारी और अधिकारी अब भी अपनी कुर्सियों पर जमे हुए हैं।
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बाल विकास परियोजना के उस्मानपुर गोदाम में स्टॉक से ज्यादा पोषाहार पाया गया। पोषाहार का स्टॉक दिसंबर 2021 तक का था। सूचना थी कि पोषाहार को ब्लैक किया जाना है। गोदाम को सील कर दिया गया है। जांच के बाद संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शिव कुमार शर्मा, तहसीलदार सहसवान