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नशीले पदार्थों की तस्करी में एक को चार साल की सजा
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बदायूं। स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत ने नशीले पदार्थ की तस्करी के मामले में नामजद एक आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
कोतवाली गुन्नौर (अब संभल) में तैनात रहे दरोगा अजय कृष्ण यादव ने पांच नवंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक वह पुलिस टीम के साथ एक मामले की जांच करके आ रहे थे। मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति के पास नशीला पदार्थ है। इस पर पुलिस ने जगन्नाथपुर के नजदीक बाइक सवार को रोकने की कोशिश की लेकिन वह पुलिस के डर से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने किसी तरह उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास चार सौ ग्राम चरस बरामद हुई। उसने अपना नाम गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव खेरिया रुद्र निवासी बाबूजी बताया था। पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट लगाई।
स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद बाबूजी को चरस रखने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसे चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर मुजरिम को एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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कोतवाली गुन्नौर (अब संभल) में तैनात रहे दरोगा अजय कृष्ण यादव ने पांच नवंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक वह पुलिस टीम के साथ एक मामले की जांच करके आ रहे थे। मुखबिर ने सूचना दी कि एक व्यक्ति के पास नशीला पदार्थ है। इस पर पुलिस ने जगन्नाथपुर के नजदीक बाइक सवार को रोकने की कोशिश की लेकिन वह पुलिस के डर से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने किसी तरह उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास चार सौ ग्राम चरस बरामद हुई। उसने अपना नाम गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गांव खेरिया रुद्र निवासी बाबूजी बताया था। पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट लगाई।
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स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट रविकांत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतुल कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने नामजद बाबूजी को चरस रखने के जुर्म में दोषी ठहराया और उसे चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की धनराशि जमा न करने पर मुजरिम को एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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