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हिस्ट्रीशीटर की हत्या में भाकियू नेता समेत सात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
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मनोज चौधरी फाइल फोटो। संवाद
- फोटो : BADAUN
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उघैती (बदायूं)। मंगलवार रात हुई हिस्ट्रीशीटर की हत्या में पुलिस ने भारतीय किसान यूनियन के नेता सौदान सिंह समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। इसमें दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं लेकिन फिलहाल इससे पुलिस इनकार कर रही है।
मनोज चौधरी के परिवार के मुताबिक मंगलवार रात मनोज पड़ोस में ही खेत पर ट्यूबवैल की रखवाली करने जा रहा था, तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में मनोज के भाई मंजीत ने भाकियू के निवर्तमान मंडल उपाध्यक्ष सौदान सिंह, नत्थू, प्रदीप, संजू, राजू, महेंद्र और मुकेश के खिलाफ एकजुट होकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंजीत के मुताबिक कुछ समय पहले आरोपी एक खेत की बिक्री कर रहे थे। मनोज ने खरीदार और विक्रेता की आमने-सामने बात करा दी, इससे आरोपियों की कमीशन मारी गई। तब से वे मनोज से रंजिश मान रहे थे। इसको लेकर आरोपियों से मारपीट भी हुई। मनोज के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट भी लिखाई गई। आरोप है कि तब से आरोपी उसकी हत्या करने की योजना बना रहे थे। मंगलवार रात वह इसमें कामयाब हो गए।
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मनोज चौधरी पर चल रहा था हत्या का मुकदमा
भवानीपुर निवासी मनोज चौधरी पर एक हत्या का मुकदमा चल रहा था। उस पर दो केस आर्म्स एक्ट के थे, चौथा केस मारपीट का था। हत्या की घटना के बाद मनोज चौधरी को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया था।
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बताया जाता है कि करीब 11 साल पहले गांव के एक व्यक्ति की हत्या में मनोज का नाम आया था। चर्चा है कि तब हत्या के काफी देर बाद तक मनोज गांव में तमंचा लेकर घूमता रहा था। उस मामले में वह जेल में बंद था। एक साल पहले इस मामले में वह जमानत पर छूटकर आया था।
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रिश्तेदार बोले-मनोज से जलते थे हमलावर
पोस्टमार्टम हाउस पर मनोज के रिश्तेदार रवि चौधरी ने बताया कि मनोज दो भाई हैं। उनसे छोटा मंजीत है। मनोज का एक पंद्रह साल का बेटा इंद्रेश है। मनोज और मंजीत के नाम सौ बीघा जमीन है। गांव में इतनी जमीन और प्रापर्टी कम लोगों पर है। मनोज अच्छा खाता और पहनता था। इससे आरोपी उससे जलते थे। इसी वजह से उन्होंने मनोज की हत्या कर दी।
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भाकियू नेता एसपी से मिले, सौदान को फंसाए जाने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश कुमार सक्सेना और उनके सहयोगी नेता झांझन सिंह, राम कुमार शर्मा, हारुन गौस, बाबू खान, रईस अहमद आदि एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा से मिले। उन्होंने कहा कि सौदान सिंह को झूठा फंसाया जा रहा है। वह 80 साल के कमजोर और बीमार व्यक्ति हैं। वह नेकपुर मोहल्ले में रह रहे हैं। जांच कराई जाए तो पता लगेगा कि वह घटना के वक्त अपने घर पर मौजूद थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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मनोज हत्याकांड में परिवार वालों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। परिवार वालों ने भाकियू नेता सौदान सिंह और उनके साथियों पर आरोप लगाया है। इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
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मनोज चौधरी के परिवार के मुताबिक मंगलवार रात मनोज पड़ोस में ही खेत पर ट्यूबवैल की रखवाली करने जा रहा था, तभी उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में मनोज के भाई मंजीत ने भाकियू के निवर्तमान मंडल उपाध्यक्ष सौदान सिंह, नत्थू, प्रदीप, संजू, राजू, महेंद्र और मुकेश के खिलाफ एकजुट होकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंजीत के मुताबिक कुछ समय पहले आरोपी एक खेत की बिक्री कर रहे थे। मनोज ने खरीदार और विक्रेता की आमने-सामने बात करा दी, इससे आरोपियों की कमीशन मारी गई। तब से वे मनोज से रंजिश मान रहे थे। इसको लेकर आरोपियों से मारपीट भी हुई। मनोज के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट भी लिखाई गई। आरोप है कि तब से आरोपी उसकी हत्या करने की योजना बना रहे थे। मंगलवार रात वह इसमें कामयाब हो गए।
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मनोज चौधरी पर चल रहा था हत्या का मुकदमा
भवानीपुर निवासी मनोज चौधरी पर एक हत्या का मुकदमा चल रहा था। उस पर दो केस आर्म्स एक्ट के थे, चौथा केस मारपीट का था। हत्या की घटना के बाद मनोज चौधरी को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया था।
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बताया जाता है कि करीब 11 साल पहले गांव के एक व्यक्ति की हत्या में मनोज का नाम आया था। चर्चा है कि तब हत्या के काफी देर बाद तक मनोज गांव में तमंचा लेकर घूमता रहा था। उस मामले में वह जेल में बंद था। एक साल पहले इस मामले में वह जमानत पर छूटकर आया था।
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रिश्तेदार बोले-मनोज से जलते थे हमलावर
पोस्टमार्टम हाउस पर मनोज के रिश्तेदार रवि चौधरी ने बताया कि मनोज दो भाई हैं। उनसे छोटा मंजीत है। मनोज का एक पंद्रह साल का बेटा इंद्रेश है। मनोज और मंजीत के नाम सौ बीघा जमीन है। गांव में इतनी जमीन और प्रापर्टी कम लोगों पर है। मनोज अच्छा खाता और पहनता था। इससे आरोपी उससे जलते थे। इसी वजह से उन्होंने मनोज की हत्या कर दी।
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भाकियू नेता एसपी से मिले, सौदान को फंसाए जाने का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के नेता राजेश कुमार सक्सेना और उनके सहयोगी नेता झांझन सिंह, राम कुमार शर्मा, हारुन गौस, बाबू खान, रईस अहमद आदि एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा से मिले। उन्होंने कहा कि सौदान सिंह को झूठा फंसाया जा रहा है। वह 80 साल के कमजोर और बीमार व्यक्ति हैं। वह नेकपुर मोहल्ले में रह रहे हैं। जांच कराई जाए तो पता लगेगा कि वह घटना के वक्त अपने घर पर मौजूद थे। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
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मनोज हत्याकांड में परिवार वालों की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। परिवार वालों ने भाकियू नेता सौदान सिंह और उनके साथियों पर आरोप लगाया है। इसकी जांच कराई जा रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात