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उन्नीस साल बाद दर्ज हुई रिपोर्ट, रिटायर हो गए इंस्पेक्टर, सिपाहियों का पता नहीं
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बदायूं। न्यायालय के आदेश पर बिसौली कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट को एक-दो नहीं पूरे उन्नीस साल लग गए। तब तक उसमें नामजद इंस्पेक्टर रिटायर हो गए। सब इंस्पेक्टर मेरठ जोन में तैनात हैं, जबकि सिपाहियों का कुछ अता पता नहीं है। वह कहीं तैनात भी हैं या रिटायर हो गए। बिसौली पुलिस इसके बारे में छानबीन कर रही है।
बिसौली इंस्पेक्टर पंकज लवानियां के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भरतपुर निवासी निजाकत पुत्र लाल मोहम्मद और उनके भतीजे भूरे पुत्र जाकिर की वर्ष 2001 में हत्या कर दी गई थी। दोनों चाचा-भतीजे अपने खेत पर गए थे। वहीं उनके शव खून से लथपथ अवस्था में पड़े मिले थे। इस मामले में आदपुर के सिपट्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस समय कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर विजय सिंह, सब इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह, सिपाही प्रमोद कुमार, संजय सिंह और दो अन्य सिपाही मामले की छानबीन करने पैगा भीकमपुर पहुंचे थे। उन्होंने रामकीर्ति के घर दबिश दी थी। वहां से एक लाइसेंसी बंदूक बरामद की थी। बताया जा रहा था कि बंदूक दोहरे हत्याकांड में प्रयोग हुई थी। अब इस मामले में हकीकत क्या है। ये तो पूरी जांच पड़ताल के बाद ही पता चलेगा। इसकी जांच सीओ बिसौली कर रहे हैं। जबकि कोतवाली पुलिस नामजद पुलिस कर्मियों के बारे में पता करने में जुटी है।
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बिसौली इंस्पेक्टर पंकज लवानियां के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भरतपुर निवासी निजाकत पुत्र लाल मोहम्मद और उनके भतीजे भूरे पुत्र जाकिर की वर्ष 2001 में हत्या कर दी गई थी। दोनों चाचा-भतीजे अपने खेत पर गए थे। वहीं उनके शव खून से लथपथ अवस्था में पड़े मिले थे। इस मामले में आदपुर के सिपट्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। उस समय कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर विजय सिंह, सब इंस्पेक्टर योगेंद्र सिंह, सिपाही प्रमोद कुमार, संजय सिंह और दो अन्य सिपाही मामले की छानबीन करने पैगा भीकमपुर पहुंचे थे। उन्होंने रामकीर्ति के घर दबिश दी थी। वहां से एक लाइसेंसी बंदूक बरामद की थी। बताया जा रहा था कि बंदूक दोहरे हत्याकांड में प्रयोग हुई थी। अब इस मामले में हकीकत क्या है। ये तो पूरी जांच पड़ताल के बाद ही पता चलेगा। इसकी जांच सीओ बिसौली कर रहे हैं। जबकि कोतवाली पुलिस नामजद पुलिस कर्मियों के बारे में पता करने में जुटी है।
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