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युवक का सिर काटने वाले को उम्रकैद
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बदायूं। अवैध संबंधों के शक में युवक का सिर काटने वाले को फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है जबकि इस मामले में नामजद दो आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
यह मामला संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव भैंसरौली का है। यहां के मंगली पुत्र मोती ने 13 अक्तूबर 2003 को रिपोर्ट लिखाई कि गांव के वीरपाल, बनवारी पुत्रगण सियाराम, ओमपाल और प्रेमपाल ने उसके बेटे भोजराज की सिर काट कर हत्या कर दी। आरोपी वीरपाल और बनवारी को शक था कि भोजराज का उनकी एक रिश्तेदार महिला से अवैध संबंध थे। इससे आरोपियों ने भोजराज को घेर लिया। किसी धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इस पर मंगली ने वीरपाल, बनवारी, ओमपाल और प्रेमपाल आदि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई तो वहीं पुलिस ने विवेचना के बाद बनवारी, वीरपाल और ओमपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ओमपाल व वीरपाल की मौत हो गई।
फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद बनवारी पुत्र सियाराम को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बनवारी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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यह मामला संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव भैंसरौली का है। यहां के मंगली पुत्र मोती ने 13 अक्तूबर 2003 को रिपोर्ट लिखाई कि गांव के वीरपाल, बनवारी पुत्रगण सियाराम, ओमपाल और प्रेमपाल ने उसके बेटे भोजराज की सिर काट कर हत्या कर दी। आरोपी वीरपाल और बनवारी को शक था कि भोजराज का उनकी एक रिश्तेदार महिला से अवैध संबंध थे। इससे आरोपियों ने भोजराज को घेर लिया। किसी धारदार हथियार से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। इस पर मंगली ने वीरपाल, बनवारी, ओमपाल और प्रेमपाल आदि के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई तो वहीं पुलिस ने विवेचना के बाद बनवारी, वीरपाल और ओमपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ओमपाल व वीरपाल की मौत हो गई।
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फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने नामजद बनवारी पुत्र सियाराम को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने बनवारी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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