{"_id":"624f36d5f4c7031c8f0f2003","slug":"court-badaun-news-bly480713274","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। ढाई साल पुराने किशोरी से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय सुबोध वार्ष्णेय ने आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
इस्लामनगर में 16 नवंबर 2019 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ एक गांव में शादी में आई थी। पड़ोस में रहने वाली महिला उसकी नाबालिग बेटी को अपने साथ सुलाने के लिए ले गई। उस महिला का पति दिल्ली गया हुआ था। रात में करीब डेढ़ बजे उस महिला का पति दिल्ली से वापस आ गया। आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी ने रात में ही आकर अपनी उसे सारी घटना बताई। महिला ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय सुबोध वार्ष्णेय पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी सिंह, प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद
विज्ञापन
इस्लामनगर में 16 नवंबर 2019 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी नाबालिग बेटी के साथ एक गांव में शादी में आई थी। पड़ोस में रहने वाली महिला उसकी नाबालिग बेटी को अपने साथ सुलाने के लिए ले गई। उस महिला का पति दिल्ली गया हुआ था। रात में करीब डेढ़ बजे उस महिला का पति दिल्ली से वापस आ गया। आरोपी ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित किशोरी ने रात में ही आकर अपनी उसे सारी घटना बताई। महिला ने उक्त व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट तृतीय सुबोध वार्ष्णेय पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सीपी सिंह, प्रदीप भारती और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। संवाद
विज्ञापन