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सहकारी बीज गोदाम से मिले बीज में शिकायतें
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:37 PM IST
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बीज
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तम बीज के नाम पर ठगा जा रहा किसान
गेहूं का 17 नंबर बीज लेकर किसान महसूस कर रहा ठगा
गेहूं के 17 नंबर बीज को लेकर जहां किसान ठगा महसूस कर रहे है, वहीं अब उर्द के बीज पर भी घटिया किस्म के साथ मिलावट की शिकायतें आ रही हैं।
यहां सहकारी बीज गोदाम पर उर्द की वैरायटी आजाद-3, सर्टिफाइड, 171 रुपये किलो और उर्द शेखर-2, 178.40 रुपये किलो है। दोनो ही किस्म के बीजों पर 33 रुपये की सब्सिडी है। शेखर-2 फाउंडेशन किस्म का बीज है, जिसे प्रथम श्रेणी का उत्तम बीज माना जाता है। किसान राकेश यादव ने जब इस बीज को देखा तो बीज में मिलावट पाई गई। शेखर-2 बीज में तीसरी किस्म तक के काले उड़द की मिलावट निकल रही है। जबकि फाउंडेशन बीज का रंग हरा है। बीज में मृत और कटे दाने निकले। फाउंडेशन बीज में मिलावट से किसान को शुद्ध फसल भी नहीं मिलेगी। किसानों का आरोप है कि बीज में बड़ा घोटाला किया जाता है। गुलाबगंज गनियाई के मूलराज खुन्नीनगला के महावीर ने आरोप लगाया कि इसी तरह गेंहू के 17 नंबर बीज में मिलावट से पैदावार पर असर तो पड़ा ही है। फसल ऊंची-नीची जीम में हुई। गेहूं के पौधों में अंतर होने से बीज में मिलावट पुष्ट होती है। इन बीजों को ठीक प्रकार संशोधित न करके घटिया किस्म के बीजों की पैकिंग की जाती है। किसान के साथ छलावा हो रहा है अभी तक सब्सिडी के लिए भी किसान केद्रों और बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
गेहूं का 17 नंबर बीज लेकर किसान महसूस कर रहा ठगा
गेहूं के 17 नंबर बीज को लेकर जहां किसान ठगा महसूस कर रहे है, वहीं अब उर्द के बीज पर भी घटिया किस्म के साथ मिलावट की शिकायतें आ रही हैं।
यहां सहकारी बीज गोदाम पर उर्द की वैरायटी आजाद-3, सर्टिफाइड, 171 रुपये किलो और उर्द शेखर-2, 178.40 रुपये किलो है। दोनो ही किस्म के बीजों पर 33 रुपये की सब्सिडी है। शेखर-2 फाउंडेशन किस्म का बीज है, जिसे प्रथम श्रेणी का उत्तम बीज माना जाता है। किसान राकेश यादव ने जब इस बीज को देखा तो बीज में मिलावट पाई गई। शेखर-2 बीज में तीसरी किस्म तक के काले उड़द की मिलावट निकल रही है। जबकि फाउंडेशन बीज का रंग हरा है। बीज में मृत और कटे दाने निकले। फाउंडेशन बीज में मिलावट से किसान को शुद्ध फसल भी नहीं मिलेगी। किसानों का आरोप है कि बीज में बड़ा घोटाला किया जाता है। गुलाबगंज गनियाई के मूलराज खुन्नीनगला के महावीर ने आरोप लगाया कि इसी तरह गेंहू के 17 नंबर बीज में मिलावट से पैदावार पर असर तो पड़ा ही है। फसल ऊंची-नीची जीम में हुई। गेहूं के पौधों में अंतर होने से बीज में मिलावट पुष्ट होती है। इन बीजों को ठीक प्रकार संशोधित न करके घटिया किस्म के बीजों की पैकिंग की जाती है। किसान के साथ छलावा हो रहा है अभी तक सब्सिडी के लिए भी किसान केद्रों और बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।