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नहीं बन सकी सड़कें, टूटी है नालियां और सड़कों पर बहता है गंदा पानी
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सालों से बालाजी नगर की सड़क का यह है हाल।संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। कहने को तो बालाजी नगर, बाबा कॉलोनी, न्यू आदर्श कृष्ण नगर शहर में हैं, लेकिन यह नगर पालिका की सीमा में नहीं आते हैं। इसकी वजह से इन लोगों को शहर में होने के बावजूद नगर पलिका की सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। यही वजह है कि नगर पालिका की ओर से अब तक इन मोहल्लों में सड़क, नाली आदि का काम नहीं कराया गया है। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद रोड का टुकड़ा न बनने से परेशान लोगों के लिए यह कोढ़ में खाज जैसा है। शहर में लगातार जनसंख्या में इजाफा हो रहा है और नई कॉलोनी बसती जा रही हैं, लेकिन नगर पालिका का दायरा पिछले कई दशकों से नहीं बढ़ा है। इस कारण जो नई कॉलोनी बसी हैं, उसको नगर पालिका की ओर से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यही हाल शहर के गौरीशंकर मंदिर के पास में बसी करीब आधा दर्जन कॉलोनियों का है, जो शहर में होते हुए भी नगर पालिका का हिस्सा नहीं है। इस वजह से यहां पर रहने वाले लोगों के लिए नगर पालिका की ओर से मिलने वाली सहूलियतें नहीं मिल पा रही है।
कॉलोनी के महेश, सोनू, सत्यवीर, अमोद गुप्ता आदि का कहना है कि उनका जो वोट बना हैं, उसमें वह पालिका के चुनाव में वोटिंग करते हैं, लेकिन जब किसी काम को लेकर पालिका पहुंचें तो वह काम करने से साफ इनकार कर दिया जाता है। उनका कहना होता है कि यह कॉलोनियां नगर पालिका का हिस्सा नहीं है। ऐसे में यहां पर कोई भी काम नहीं हो सकता है। वहीं जब प्रधान से काम करने के लिए कहते है तो वह वोटिंग उनके यहां नहीं होने की बात कहते हुए काम नहीं करता है।
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नगर पालिका के विस्तारीकरण के लिए फाइल भेजी गई है। इसमें कई कॉलोनी और गांवों को शामिल किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद में उन जगहों पर नगरपालिका काम करा सकेगी।
-अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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यही हाल शहर के गौरीशंकर मंदिर के पास में बसी करीब आधा दर्जन कॉलोनियों का है, जो शहर में होते हुए भी नगर पालिका का हिस्सा नहीं है। इस वजह से यहां पर रहने वाले लोगों के लिए नगर पालिका की ओर से मिलने वाली सहूलियतें नहीं मिल पा रही है।
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कॉलोनी के महेश, सोनू, सत्यवीर, अमोद गुप्ता आदि का कहना है कि उनका जो वोट बना हैं, उसमें वह पालिका के चुनाव में वोटिंग करते हैं, लेकिन जब किसी काम को लेकर पालिका पहुंचें तो वह काम करने से साफ इनकार कर दिया जाता है। उनका कहना होता है कि यह कॉलोनियां नगर पालिका का हिस्सा नहीं है। ऐसे में यहां पर कोई भी काम नहीं हो सकता है। वहीं जब प्रधान से काम करने के लिए कहते है तो वह वोटिंग उनके यहां नहीं होने की बात कहते हुए काम नहीं करता है।
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नगर पालिका के विस्तारीकरण के लिए फाइल भेजी गई है। इसमें कई कॉलोनी और गांवों को शामिल किया गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद में उन जगहों पर नगरपालिका काम करा सकेगी।
-अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट