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गरीब बनकर ले रहे थे सम्मान निधि, नोटिस मिला तो 36 ने की वापस
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बदायूं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में भी जमकर फर्जीवाड़ा हो रहा है। जिले में काफी संख्या में आयकरदाता इस योजना का लाभ ले रहे हैं। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने जांच की तो ऐसे 1592 आयकरदाता मिले। विभाग ने पिछले दिनों इनको नोटिस जारी किया, इनमें से अब 36 ने धनराशि विभाग को वापस की है।
केंद्र सरकार ने गरीब किसानों को ध्यान में रखते हुए पीएम किसान सम्मान निधि योजना को शुरू किया था। इसका मकसद था कि गरीब किसान फसल की बोआई के दौरान जो अन्य लोगों से कर्ज लेते थे, वह कर्ज न लेकर अपनी राशि से यह काम करें, लेकिन अधिकारी, कर्मचारियों से साठगांठ कर सरकार की इस योजना का फायदा अपात्र लोगों ने उठाना शुरू कर दिया। अपात्र लोगों द्वारा योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें जिले से लेकर शासन स्तर तक पहुंचने लगीं। इसी तरह के मामले प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामने आए। इसको लेकर शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्र लोगों की जांच कराने के निर्देश दिए। इसमें पाया गया कि जिले में 1592 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे हैं, जो आयकरदाता है। इस पर कृषि विभाग की ओर से इन सभी को नोटिस भेजा गया, जिसमें कहा गया कि 15 मई तक हर हाल में सम्मान निधि योजना के तहत जो लाभ लिया है, उसकी धनराशि विभाग को वापस कर दें। नोटिस मिलने के बाद 36 आयकरदाताओं ने दो लाख 16 हजार रुपये विभाग को वापस कर दिया है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का 1592 आयकरदाता गलत तरीके से लाभ ले रहे थे। इनको नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उन्हें 15 मई तक का समय दिया गया है। उसके बाद में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब तक 36 आयकरदाताओं ने धनराशि को वापस कर दिया है।
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-रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक
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केंद्र सरकार ने गरीब किसानों को ध्यान में रखते हुए पीएम किसान सम्मान निधि योजना को शुरू किया था। इसका मकसद था कि गरीब किसान फसल की बोआई के दौरान जो अन्य लोगों से कर्ज लेते थे, वह कर्ज न लेकर अपनी राशि से यह काम करें, लेकिन अधिकारी, कर्मचारियों से साठगांठ कर सरकार की इस योजना का फायदा अपात्र लोगों ने उठाना शुरू कर दिया। अपात्र लोगों द्वारा योजना का लाभ लिए जाने की शिकायतें जिले से लेकर शासन स्तर तक पहुंचने लगीं। इसी तरह के मामले प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामने आए। इसको लेकर शासन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्र लोगों की जांच कराने के निर्देश दिए। इसमें पाया गया कि जिले में 1592 ऐसे लोग योजना का लाभ ले रहे हैं, जो आयकरदाता है। इस पर कृषि विभाग की ओर से इन सभी को नोटिस भेजा गया, जिसमें कहा गया कि 15 मई तक हर हाल में सम्मान निधि योजना के तहत जो लाभ लिया है, उसकी धनराशि विभाग को वापस कर दें। नोटिस मिलने के बाद 36 आयकरदाताओं ने दो लाख 16 हजार रुपये विभाग को वापस कर दिया है।
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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का 1592 आयकरदाता गलत तरीके से लाभ ले रहे थे। इनको नोटिस जारी किए गए थे, जिसमें उन्हें 15 मई तक का समय दिया गया है। उसके बाद में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अब तक 36 आयकरदाताओं ने धनराशि को वापस कर दिया है।
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-रामवीर कटारा, उप कृषि निदेशक