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समस्याओं का ‘दशानन’ मरे तो बने बात
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बदायूं। राम ने रावण का वध करके उसके अत्याचार से तो मुक्ति दिला दी, लेकिन आज जनता के सामने ‘समस्याओं का दशानन’ मुंह बाएं खड़ा है। शहर की जनता गंदगी, अतिक्रमण, टूटी सड़केें, झूलते तार आदि समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन तमाम आश्वासनों और दावों के बावजूद उनका निदान नहीं हो पा रहा है। संबंधित विभाग भी इन समस्याओं को जानकर नजरंदाज किए हुए हैं, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। आए दिन लोगों को इस समस्याओं से जूझना पड़ता है। तमाम बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि रावण तो हर बार जलता है, इन खास दस समस्याओं का ‘दशानन’ खत्म हो तो बात बने।
1. गंदगी
शहर में सफाई व्यवस्था का हाल बेहद खराब है। गलियों से लेकर प्रमुख सड़कों तक कूड़ा पसरा रहता है, जिससे दुर्गंध उठती रहती है। इसकी वजह से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। तमाम शिकायतों के बाद भी पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता।
2. लावारिस गोवंश
शासन से लेकर प्रशासन के साफ निर्देश है कि लावारिस गोवंश सड़कों पर नहीं दिखना चाहिए, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सड़कों पर आज भी लावारिस गोवंश दिखाई देते हैं। कुछ समय पहले डीएम ने साफ निर्देश दिए थे, इसके बावजूद अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है। आए दिन इन पशुओं द्वारा किसी को घायल करने की खबर सुनने में आती है।
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3. अव्यवस्थित होर्डिंग्स-बैनर
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने पिछले दिनों सड़क किनारे लगे होर्डिंग्स-बैनर हटाने के निर्देश दिए थे। डीएम के सख्त तेवर दिखने के बाद इन्हें हटाने का काम किया गया, लेकिन धीरे-धीरे यह बंद हो गया। अब तो शहर में पहले से भी अधिक होर्डिंग्स बैनर लग गए हैं, जो शहर के अव्यवस्थित दिखने का प्रमुख कारण हैं।
4. ट्रैफिक अव्यवस्था
शहर पहले से ही अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। वहीं शहर में बेहिसाब बढ़ रहे ऑटो रिक्शा और ई रिक्शा ने बची सड़कों पर भी कब्जा कर लिया है। इससे वजह से शहर में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही अनट्रेंड ई रिक्शा चालकों से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
5. अंडरग्राउंड केबल
पावर कारपोरेशन की ओर से शहर में फैले बिजली के तारों के मकड़जाल को हटाने के लिए अंडर ग्राउंड केबल डाला गया, लेकिन इसमें बरती गई अनियमितताओं की वजह से शहर में तमाम हादसे हुए। इसमें कई बेजुबान पशु अपनी जान गवां चुके हैं।
6.चोक नाले
गंदगी का आलम ये है कि शहर के अधिकतर नाले-नालियां चोक पड़े हुए है, जिस वजह से बारिश में सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है और लोगों को निकलने में दिक्कत को सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में शहर की अधिकतर सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
7. झूलते बिजली के तार
शहर में कई जगहों पर बिजली की लाइन यूं ही लटक रही है। हालात यह है कि ये लाइन उधर से निकालने वाले लोगों के टच तक हो रही है। इससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। कई जगहों पर तो लकड़ियों की बल्लियों के सहारे केबल डाला दिया गया है।
8. अतिक्रमण
अतिक्रमण ने शहर सूरत को बिगाड़कर रख दिया है। हालत ये हैं कि जो सड़कें कभी चौड़ी हुआ करती थी, आज के समय में वह सिकुड़कर गलियों में तब्दील हो गई है, जिस वजह से उन सड़कों पर दोपाहिया वाहन तक निकलने में दिक्कत होती है।
9. टूटी सड़कें
-शहर में टूटी सड़कें ‘कोढ़ में खाज’ का काम कर रही है। एक तो पहले से ही सड़कों पर लगने वाले जाम ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं टूटी गड्ढा युक्त सड़कें लोगों की परेशानी को और अधिक बढ़ा रही हैं। शहर के भीतर ही कई सड़कों का बुरा हाल है।
10. मनचाही पार्किंग
अगर आपके पास वाहन है और उसे आप कहीं पर पार्क कर कहीं जाना चाहते हैं, तो इसके लिए कोई भी व्यवस्था कही नहीं है। ऐसे में लोगों को सड़क किनारे अपने रिस्क पर वाहनों को खड़ा करना पड़ता है, जबकि इसको लेकर तमाम बार लोग पालिका प्रशासन से मिल चुके हैं।
पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबल डाला जाएगा। कोई भी जगह नहीं बचेगी। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि केबल मानक के अनुरूप डाला जाए। अगर केबल डालने में लापरवाही होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
-वाईएस राघव, एक्सीईन, प्रथम
गंदगी हो या अतिक्रमण या फिर अन्य कोई समस्या, शहरवासियों को जल्द से जल्द उनसे निजात दिलाई जाएगी। सभी के निदान के लिए काम होगा और जनता को समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
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1. गंदगी
शहर में सफाई व्यवस्था का हाल बेहद खराब है। गलियों से लेकर प्रमुख सड़कों तक कूड़ा पसरा रहता है, जिससे दुर्गंध उठती रहती है। इसकी वजह से लोगों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। तमाम शिकायतों के बाद भी पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता।
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2. लावारिस गोवंश
शासन से लेकर प्रशासन के साफ निर्देश है कि लावारिस गोवंश सड़कों पर नहीं दिखना चाहिए, लेकिन कुछ अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सड़कों पर आज भी लावारिस गोवंश दिखाई देते हैं। कुछ समय पहले डीएम ने साफ निर्देश दिए थे, इसके बावजूद अधिकारी सुनने के लिए तैयार नहीं है। आए दिन इन पशुओं द्वारा किसी को घायल करने की खबर सुनने में आती है।
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3. अव्यवस्थित होर्डिंग्स-बैनर
डीएम दिनेश कुमार सिंह ने पिछले दिनों सड़क किनारे लगे होर्डिंग्स-बैनर हटाने के निर्देश दिए थे। डीएम के सख्त तेवर दिखने के बाद इन्हें हटाने का काम किया गया, लेकिन धीरे-धीरे यह बंद हो गया। अब तो शहर में पहले से भी अधिक होर्डिंग्स बैनर लग गए हैं, जो शहर के अव्यवस्थित दिखने का प्रमुख कारण हैं।
4. ट्रैफिक अव्यवस्था
शहर पहले से ही अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। वहीं शहर में बेहिसाब बढ़ रहे ऑटो रिक्शा और ई रिक्शा ने बची सड़कों पर भी कब्जा कर लिया है। इससे वजह से शहर में हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। साथ ही अनट्रेंड ई रिक्शा चालकों से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
5. अंडरग्राउंड केबल
पावर कारपोरेशन की ओर से शहर में फैले बिजली के तारों के मकड़जाल को हटाने के लिए अंडर ग्राउंड केबल डाला गया, लेकिन इसमें बरती गई अनियमितताओं की वजह से शहर में तमाम हादसे हुए। इसमें कई बेजुबान पशु अपनी जान गवां चुके हैं।
6.चोक नाले
गंदगी का आलम ये है कि शहर के अधिकतर नाले-नालियां चोक पड़े हुए है, जिस वजह से बारिश में सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है और लोगों को निकलने में दिक्कत को सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में शहर की अधिकतर सड़कें जलमग्न हो जाती हैं।
7. झूलते बिजली के तार
शहर में कई जगहों पर बिजली की लाइन यूं ही लटक रही है। हालात यह है कि ये लाइन उधर से निकालने वाले लोगों के टच तक हो रही है। इससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। कई जगहों पर तो लकड़ियों की बल्लियों के सहारे केबल डाला दिया गया है।
8. अतिक्रमण
अतिक्रमण ने शहर सूरत को बिगाड़कर रख दिया है। हालत ये हैं कि जो सड़कें कभी चौड़ी हुआ करती थी, आज के समय में वह सिकुड़कर गलियों में तब्दील हो गई है, जिस वजह से उन सड़कों पर दोपाहिया वाहन तक निकलने में दिक्कत होती है।
9. टूटी सड़कें
-शहर में टूटी सड़कें ‘कोढ़ में खाज’ का काम कर रही है। एक तो पहले से ही सड़कों पर लगने वाले जाम ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं टूटी गड्ढा युक्त सड़कें लोगों की परेशानी को और अधिक बढ़ा रही हैं। शहर के भीतर ही कई सड़कों का बुरा हाल है।
10. मनचाही पार्किंग
अगर आपके पास वाहन है और उसे आप कहीं पर पार्क कर कहीं जाना चाहते हैं, तो इसके लिए कोई भी व्यवस्था कही नहीं है। ऐसे में लोगों को सड़क किनारे अपने रिस्क पर वाहनों को खड़ा करना पड़ता है, जबकि इसको लेकर तमाम बार लोग पालिका प्रशासन से मिल चुके हैं।
पूरे शहर में अंडरग्राउंड केबल डाला जाएगा। कोई भी जगह नहीं बचेगी। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि केबल मानक के अनुरूप डाला जाए। अगर केबल डालने में लापरवाही होगी तो कार्रवाई की जाएगी।
-वाईएस राघव, एक्सीईन, प्रथम
गंदगी हो या अतिक्रमण या फिर अन्य कोई समस्या, शहरवासियों को जल्द से जल्द उनसे निजात दिलाई जाएगी। सभी के निदान के लिए काम होगा और जनता को समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री