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Budaun News: गोवंशों की मौत के प्रकरण में म्याऊं और सलारपुर के बीडीओ निलंबित
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बदायूं। म्याऊं ब्लॉक के अभिगांव और सलारपुर ब्लॉक के ब्यौर की गोशालाओं में बारिश के दौरान गोवंशों की मौत के मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की गई है। अब अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश कुमार मेश्राम की संस्तुति के बाद राज्यपाल के स्तर से म्याऊं के बीडीओ राकेश कुमार निराला और सालारपुर के बीडीओ नितिन कुमार को निलंबित कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों का निलंबन आदेश राज्यपाल की ओर से विशेष सचिव रजनीश चंद्र की ओर से बृहस्पतिवार को जारी किया गया। दोनों अधिकारियों को ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया।
आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठकों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जलभराव का स्थायी समाधान, चारा, भूसा, पीने का पानी, इलाज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया, बावजूद इसके अपने पदीय दायित्व के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरती। इसी कारण दोनों गोशालाओं में गोवंशों की मृत्यु हुई थी।
गोशालाओं में गोवंशों की मौतें होने के प्रकरण में अब तक छह अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। 15 अक्तूबर को अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश कुमार मेश्राम ने म्याऊं के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर सिंह और सलारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित कुमार साहू को निलंबित कर दिया था। इससे पहले डीएम अवनीश ने प्रारंभिक जांच के बाद अभिगांव के सचिव और ब्यौर के सचिव को निलंबित कर दिया था।
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गौरतलब है कि लगातार बारिश के बाद 27 सितंबर को अभिगांव और ब्यौर गोशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत हो गई थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। डीएम ने सीडीओ और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से जांच कराई थी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अपर मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजी थी। जांच में सामने आया था कि दोनों गोशालाओं में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक गोवंश संरक्षित थे। इसके बावजूद बारिश के दौरान उनके बचाव के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। डीएम को आदेश की प्रति भेजकर कहा गया है कि संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति तामील कराते हुए तत्काल शासन को अवगत कराएं।
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गोशालाओं के प्रकरण में दो बीडीओ को निलंबित करने का आदेश आया है। उसका अनुपालन कराया जा रहा है। इस प्रकरण में शासन स्तर से ही निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। -अवनीश राय, डीएम बदायूं
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आदेश में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठकों में निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जलभराव का स्थायी समाधान, चारा, भूसा, पीने का पानी, इलाज आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने को निर्देशित किया गया, बावजूद इसके अपने पदीय दायित्व के निर्वहन में घोर लापरवाही और उदासीनता बरती। इसी कारण दोनों गोशालाओं में गोवंशों की मृत्यु हुई थी।
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गोशालाओं में गोवंशों की मौतें होने के प्रकरण में अब तक छह अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। 15 अक्तूबर को अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश कुमार मेश्राम ने म्याऊं के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ज्ञानवीर सिंह और सलारपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुमित कुमार साहू को निलंबित कर दिया था। इससे पहले डीएम अवनीश ने प्रारंभिक जांच के बाद अभिगांव के सचिव और ब्यौर के सचिव को निलंबित कर दिया था।
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गौरतलब है कि लगातार बारिश के बाद 27 सितंबर को अभिगांव और ब्यौर गोशालाओं में बड़ी संख्या में गोवंशों की मौत हो गई थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री तक पहुंचा था। डीएम ने सीडीओ और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से जांच कराई थी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अपर मुख्य सचिव को रिपोर्ट भेजी थी। जांच में सामने आया था कि दोनों गोशालाओं में निर्धारित क्षमता से कहीं अधिक गोवंश संरक्षित थे। इसके बावजूद बारिश के दौरान उनके बचाव के लिए जरूरी इंतजाम नहीं किए गए थे। डीएम को आदेश की प्रति भेजकर कहा गया है कि संबंधित अधिकारी को आदेश की प्रति तामील कराते हुए तत्काल शासन को अवगत कराएं।
गोशालाओं के प्रकरण में दो बीडीओ को निलंबित करने का आदेश आया है। उसका अनुपालन कराया जा रहा है। इस प्रकरण में शासन स्तर से ही निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। -अवनीश राय, डीएम बदायूं