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शेखूपुरः त्रिकोणीय जंग में भाजपा-सपा को बड़ी उम्मीद
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बदायूं। शेखूपुर विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे साफ होने के बाद यहां भी विधायक को लेकर अटकलों पर विराम लग जाएगा। लोग इस सीट को त्रिकोणीय मुकाबले में फंसा मान रहे हैं तो सटोरियों की राय में यहां भाजपा और सपा का बेहद कड़ा मुकाबला है, जो भी जीतेगा उसका अंतर कम ही रहेगा।
शेखूपुर सीट 2012 के परिसीमन के बाद बनी थी। पहले यह सीट उसहैत के नाम से थी, यहां पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य और स्व. बनवारी सिंह यादव के बीच मुकाबला होता रहा। इस बार यहां से भगवान सिंह के बेटे धर्मेंद्र शाक्य भाजपा से चुनाव मैदान में हैं और अपनी जबर्दस्त जीत का दावा कर रहे हैं। मौजूदा विधायक धर्मेंद्र का कहना है कि दूसरे दलों के खास वोट बैंक माने जाने वाले लोगों ने भी उनका चुनाव लड़ाया है। वहीं बनवारी सिंह के नाती हिमांशु यादव ने पहली बार सपा से ताल ठोंकी है। मंगलवार रात हिमांशु के पिता पूर्व विधायक आशीष यादव ने मंडी समिति परिसर में पत्रकारों से बात की थी। कहा था कि हिमांशु बड़े अंतर से चुनाव जीतेंगे, बस दूसरे जिलों की तरह यहां गड़बड़ी न हो। सपा से लंबे समय जुड़े रहे हाजी मुस्लिम खां ने इस बार यहां बसपा से चुनाव लड़कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। तमाम लोग मुस्लिम खां को बेहद मजबूत उम्मीदवार मान रहे हैं तो कुछ जानकारों का कहना है कि चुनाव से एक दिन पहले मुस्लिम समाज सपा के लिए लामबंद हो गया था। मुस्लिमों का मानना रहा कि मुस्लिम खां कमजोर पड़ रहे थे तो उन्होंने इसलिए सपा को चुना कि भाजपा न जीत जाए। वहीं जानकार कहते हैं कि ऐन वक्त पर पूर्व शहर विधायक आबिद रजा के समर्थन ने मुस्लिम खां को मजबूत बनाया है। वह चुनाव जीत सकते हैं या फिर खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी ममता देवी भी कह रही हैं कि कांग्रेस कमजोर नहीं है। संवाद
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शेखूपुर सीट 2012 के परिसीमन के बाद बनी थी। पहले यह सीट उसहैत के नाम से थी, यहां पूर्व मंत्री भगवान सिंह शाक्य और स्व. बनवारी सिंह यादव के बीच मुकाबला होता रहा। इस बार यहां से भगवान सिंह के बेटे धर्मेंद्र शाक्य भाजपा से चुनाव मैदान में हैं और अपनी जबर्दस्त जीत का दावा कर रहे हैं। मौजूदा विधायक धर्मेंद्र का कहना है कि दूसरे दलों के खास वोट बैंक माने जाने वाले लोगों ने भी उनका चुनाव लड़ाया है। वहीं बनवारी सिंह के नाती हिमांशु यादव ने पहली बार सपा से ताल ठोंकी है। मंगलवार रात हिमांशु के पिता पूर्व विधायक आशीष यादव ने मंडी समिति परिसर में पत्रकारों से बात की थी। कहा था कि हिमांशु बड़े अंतर से चुनाव जीतेंगे, बस दूसरे जिलों की तरह यहां गड़बड़ी न हो। सपा से लंबे समय जुड़े रहे हाजी मुस्लिम खां ने इस बार यहां बसपा से चुनाव लड़कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। तमाम लोग मुस्लिम खां को बेहद मजबूत उम्मीदवार मान रहे हैं तो कुछ जानकारों का कहना है कि चुनाव से एक दिन पहले मुस्लिम समाज सपा के लिए लामबंद हो गया था। मुस्लिमों का मानना रहा कि मुस्लिम खां कमजोर पड़ रहे थे तो उन्होंने इसलिए सपा को चुना कि भाजपा न जीत जाए। वहीं जानकार कहते हैं कि ऐन वक्त पर पूर्व शहर विधायक आबिद रजा के समर्थन ने मुस्लिम खां को मजबूत बनाया है। वह चुनाव जीत सकते हैं या फिर खेल बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस प्रत्याशी ममता देवी भी कह रही हैं कि कांग्रेस कमजोर नहीं है। संवाद
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