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जेपीएस ने काटा राजीव का पत्ता, सिनोद फैक्टर में हरीश पिछड़े
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बदायूं। सत्तापक्ष के तीन विधायक होने के बावजूद जिले को एक भी मंत्री पद न मिलना चौंकाने वाली बात रही तो संबंधित विधायकों के समर्थकों में मायूसी नजर आई। महेश गुप्ता को फिलहाल दोबारा मौका न मिलने के आसार तो कुछ दिन पहले से नजर आ रहे थे पर बाकी विधायकों राजीव कुमार सिंह व हरीश शाक्य की पैरवी इतनी सशक्त थी कि उनके समर्थक जश्न की तैयारी में थे। सत्ता के दंगल में पल-पल बदलते समीकरणों ने ऐन वक्त पर इनकी दावेदारी पर भी ग्रहण लगा दिया।
अब तक महेश चंद्र गुप्ता योगी सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री थे। उन्हें योगी मंत्रीमंडल के विस्तार में उस वक्त मंत्री बनने का मौका मिला था जब बरेली के बड़े वैश्य नेता राजेश अग्रवाल को प्रदेश के वित्त मंत्री पद से हटाया गया था। महेश गुप्ता ने नगर विकास राज्यमंत्री के तौर पर शहर में काम भी कराए पर कई मामलों में संबंधित नगर निकायों से तालमेल न होने के चलते टूटी सड़कों व जलभराव के लिए कटाक्ष झेलते रहे। इस बार सीएम योगी ही वजीरगंज की सभा में जनता से बोल गए कि आप महेश जी को जिता दो, हम उनकी मूंछों को और टाइट करने का काम करेंगे। महेश गुप्ता ने सदर सीट पर दोबारा टिकट पाने के साथ ही जीत भी हासिल की पर मंत्री न बन सके। इसके लिए उनकी बढ़ती उम्र को रोड़ा बताया जा रहा है।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि 2024 के चुनाव के लिहाज से बनाए जा रहे योगी 2.0 मंत्रीमंडल में कद्दावरों को छोड़कर 55 साल तक के मंत्री बनाए गए हैं। पार्टी ने आंतरिक तौर पर 65 से ज्यादा आयु के विधायकों (अपवाद छोड़कर) को भी मंत्री बनाने से परहेज किया है। साथ ही उच्च शिक्षित विधायकों को आगे लाने का भी प्लान है।
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महेश गुप्ता 65 साल के पड़ाव पर आने ही वाले हैं। वहीं उनकी शिक्षा भी पुराने दौर वाली है। इस लिहाज से वह फिलहाल मंत्री नहीं बन सके। हालांकि समर्थक उम्मीद में हैं कि मंत्रीमंडल विस्तार में उन्हें मौका जरूर मिलेगा।
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सबसे आगे था राजीव का नाम पर समीकरण बदल गए
शाहजहांपुर के क्षत्रिय नेता जेपीएस राठौर को मंत्री पद मिलने से राजीव कुमार सिंह की पैरवी बेअसर हो गई। बता दें कि राजीव कुमार सिंह लगातार दूसरी बार दातागंज से चुनाव जीत गए। बताया जा रहा था कि ब्रज प्रांत में वह अकेले क्षत्रिय नेता हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खेमे से उनकी पैरवी की चर्चा थी। राजीव के समर्थक व राजनीतिक पंडित उन्हें मंत्री मानकर चल रहे थे। इस बीच जेपीएस को बिना किसी सदन का सदस्य रहते मंत्री पद मिला तो बरेली मंडल में दूसरे क्षत्रिय चेहरे की गुंजाइश खत्म हो गई।
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सिनोद का कद बढ़ाने की सोच में हरीश सिमटे
हरीश शाक्य भाजपा संगठन में छात्र नेता से विधायक बनने वाले शख्स हैं। जिले में उनकी सबसे बड़ी जीत करीब 25 हजार वोटों की हुई। जिले में साक्य मौर्य वोटर बहुतायत में है जो काफी हद तक भाजपा के साथ रहता है। सांसद संघमित्रा मौर्य के साथ ही शेखूपुर विधायक रहे धर्मेंद्र शाक्य भी इसी वर्ग से जुड़ाव रखते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य फैक्टर के चलते तेवर में आईं संघमित्रा मौर्य के भविष्य को लेकर भाजपा में कई तरह की चर्चा हैं तो धर्मेंद्र शाक्य चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में पूरे कयास थे कि युवा हरीश शाक्य को मंत्री बनाकर भाजपा शाक्य समाज को साधने का काम करेगी। दो दिन पहले ही सपा से एमएलसी का पर्चा वापस लेकर भाजपा को वॉकओवर देने वाले सिनोद शाक्य की आमद ने हरीश का खेल बिगाड़ दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा के प्रयास से बड़ा फैसला लेने वाले सिनोद तब से लखनऊ में ही हैं। बताया जा रहा है कि सिनोद को एक-दो दिन में ही पार्टी की सदस्यता दिलाई जा सकती है। साथ ही जिले में उन्हें घुमाकर पार्टी उनका कद बढ़ाने का काम करेगी ताकि 2024 में उन्हें विकल्प के तौर पर पेश किया जा सके। इससे शाक्य समाज के पार्टी से छिटकने का खतरा भी कम हो जाएगा। सिनोद का कद बड़ा करने की सोच ने हरीश शाक्य का नुकसान कर दिया।
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अब तक महेश चंद्र गुप्ता योगी सरकार में नगर विकास राज्यमंत्री थे। उन्हें योगी मंत्रीमंडल के विस्तार में उस वक्त मंत्री बनने का मौका मिला था जब बरेली के बड़े वैश्य नेता राजेश अग्रवाल को प्रदेश के वित्त मंत्री पद से हटाया गया था। महेश गुप्ता ने नगर विकास राज्यमंत्री के तौर पर शहर में काम भी कराए पर कई मामलों में संबंधित नगर निकायों से तालमेल न होने के चलते टूटी सड़कों व जलभराव के लिए कटाक्ष झेलते रहे। इस बार सीएम योगी ही वजीरगंज की सभा में जनता से बोल गए कि आप महेश जी को जिता दो, हम उनकी मूंछों को और टाइट करने का काम करेंगे। महेश गुप्ता ने सदर सीट पर दोबारा टिकट पाने के साथ ही जीत भी हासिल की पर मंत्री न बन सके। इसके लिए उनकी बढ़ती उम्र को रोड़ा बताया जा रहा है।
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पार्टी सूत्र बताते हैं कि 2024 के चुनाव के लिहाज से बनाए जा रहे योगी 2.0 मंत्रीमंडल में कद्दावरों को छोड़कर 55 साल तक के मंत्री बनाए गए हैं। पार्टी ने आंतरिक तौर पर 65 से ज्यादा आयु के विधायकों (अपवाद छोड़कर) को भी मंत्री बनाने से परहेज किया है। साथ ही उच्च शिक्षित विधायकों को आगे लाने का भी प्लान है।
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महेश गुप्ता 65 साल के पड़ाव पर आने ही वाले हैं। वहीं उनकी शिक्षा भी पुराने दौर वाली है। इस लिहाज से वह फिलहाल मंत्री नहीं बन सके। हालांकि समर्थक उम्मीद में हैं कि मंत्रीमंडल विस्तार में उन्हें मौका जरूर मिलेगा।
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सबसे आगे था राजीव का नाम पर समीकरण बदल गए
शाहजहांपुर के क्षत्रिय नेता जेपीएस राठौर को मंत्री पद मिलने से राजीव कुमार सिंह की पैरवी बेअसर हो गई। बता दें कि राजीव कुमार सिंह लगातार दूसरी बार दातागंज से चुनाव जीत गए। बताया जा रहा था कि ब्रज प्रांत में वह अकेले क्षत्रिय नेता हैं। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खेमे से उनकी पैरवी की चर्चा थी। राजीव के समर्थक व राजनीतिक पंडित उन्हें मंत्री मानकर चल रहे थे। इस बीच जेपीएस को बिना किसी सदन का सदस्य रहते मंत्री पद मिला तो बरेली मंडल में दूसरे क्षत्रिय चेहरे की गुंजाइश खत्म हो गई।
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सिनोद का कद बढ़ाने की सोच में हरीश सिमटे
हरीश शाक्य भाजपा संगठन में छात्र नेता से विधायक बनने वाले शख्स हैं। जिले में उनकी सबसे बड़ी जीत करीब 25 हजार वोटों की हुई। जिले में साक्य मौर्य वोटर बहुतायत में है जो काफी हद तक भाजपा के साथ रहता है। सांसद संघमित्रा मौर्य के साथ ही शेखूपुर विधायक रहे धर्मेंद्र शाक्य भी इसी वर्ग से जुड़ाव रखते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य फैक्टर के चलते तेवर में आईं संघमित्रा मौर्य के भविष्य को लेकर भाजपा में कई तरह की चर्चा हैं तो धर्मेंद्र शाक्य चुनाव हार चुके हैं। ऐसे में पूरे कयास थे कि युवा हरीश शाक्य को मंत्री बनाकर भाजपा शाक्य समाज को साधने का काम करेगी। दो दिन पहले ही सपा से एमएलसी का पर्चा वापस लेकर भाजपा को वॉकओवर देने वाले सिनोद शाक्य की आमद ने हरीश का खेल बिगाड़ दिया। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा के प्रयास से बड़ा फैसला लेने वाले सिनोद तब से लखनऊ में ही हैं। बताया जा रहा है कि सिनोद को एक-दो दिन में ही पार्टी की सदस्यता दिलाई जा सकती है। साथ ही जिले में उन्हें घुमाकर पार्टी उनका कद बढ़ाने का काम करेगी ताकि 2024 में उन्हें विकल्प के तौर पर पेश किया जा सके। इससे शाक्य समाज के पार्टी से छिटकने का खतरा भी कम हो जाएगा। सिनोद का कद बड़ा करने की सोच ने हरीश शाक्य का नुकसान कर दिया।