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सात अपात्रों को आवंटित लोहिया आवासों पर रोक
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:53 PM IST
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दो अपात्रों ने सीडीओ को पत्र देकर की शिकायती
अपात्रों का चयन करने वालों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लोहिया आवास योजना के चयन में भी विभागीय अधिकारियों ने घालमेल कर दिया, जबकि उसी गांव के तमाम पात्र आवास पाने से वंचित रह गए। यही नहीं अपात्रों के बैंक खातों में धनराशि भी भेज दी गई, भला हो उन ग्रामीणों का जिनकी शिकायत पर इस मामले की जांच की गई और अपात्रों द्वारा बैंक खातों से धनराशि निकालने पर रोक लगा दी गई, लेकिन इस मामले में विभागीय अधिकारी परदा डालते रहे। मंगलवार को अपात्रों द्वारा शिकायत करने पर मामला खुल गया।
दातागंज तहसील क्षेत्र के ब्लाक समरेर के गांव किशोरपुर में सात अपात्रों को लोहिया आवास दे दिए थे। इसके बाद शासन से मिलने वाली धनराशि को भी उनके बैंक खातों में भेज दिया गया था। गांव में तमाम लोगों ने शिकायत की तो जांच की गई, जिसमें सात लोग अपात्र पा गए थे। इन लोगों के बैंक खातों में भेजी गई 1.37-1.37 लाख रुपये भेज दिए गए। मामला जानकारी में आने पर इस धनराशि पर अप्रैल से पहले ही रोक लगा दी गई थी। इससे शासकीय धनराशि के करीब 10 लाख रुपये बच गए। मामले की जानकारी होने पर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग होने से तो बच गया, लेकिन इसके दोषी विभागीय कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आखिर विभाग दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है।
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सात अपात्रों के बैंक खातों में भेजी गई धनराशि को सीज करा दिया गया है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी हरहाल में कार्रवाई की जाएगी। इसके निर्देश डीआरडीए पीडी को दिए जा चुके हैं।
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-प्रताप सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी
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अपात्र शिकायतकर्ताओं ने की सीडीओ से शिकायत
बदायूं। चोरी की चोरी ऊपर से सीनाजोरी वाली कहावत शनिवार को विकास भवन में आए शिकायतकर्ताओं पर एकदम सटीक बैठी। लोहिया आवास की एक लाख 37 हजार 500 रुपये की धनराशि बैंक खातों में होने के बाद ग्राम प्रधान द्वारा निकाले जाने की शिकायत करने वाले दो शिकायतकर्ता अपात्र निकले। दातागंज तहसील के ब्लाक समरेर क्षेत्र के गांव किशोरपुर की ज्योति पत्नी ओम नारायण और कामिनी पत्नी शमशुल ने सीडीओ से कहा कि उन लोगों की धनराशि आने के बाद ग्राम प्रधान से उसे निकाल लिया है और आवास नहीं बनवा रहा है। इस पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक रविंद्र नाथ सिंह ने जांच की तो पाया कि दोनों शिकायतकर्ता अपात्र हैं। इस वजह से ही इनकी धनराशि निकाले जाने पर रोक लगाई गई है।
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लक्ष्य न होने से रह गई पात्र महिला
बदायूं। सीडीओ से शिकायत करने पहुंची समरेर ब्लाक के गांव किशोरपुर की महिला भगवान देवी पत्नी सुरेशचंद्र पात्र होने के बावजूद चयन से लक्ष्य की कमी से वंचित रह गई। महिला ने शिकायत की तो उसे अगला लक्ष्य आने पर चयन होने का आश्वासन देकर टरका दिया गया। वहीं, दूसरी शिकायतकर्ता प्रेमवती पत्नी ऋषिपाल का चयन न होने की वह से उसे वापस लौटा दिया गया।
अपात्रों का चयन करने वालों पर क्यों नहीं हुई कार्रवाई
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लोहिया आवास योजना के चयन में भी विभागीय अधिकारियों ने घालमेल कर दिया, जबकि उसी गांव के तमाम पात्र आवास पाने से वंचित रह गए। यही नहीं अपात्रों के बैंक खातों में धनराशि भी भेज दी गई, भला हो उन ग्रामीणों का जिनकी शिकायत पर इस मामले की जांच की गई और अपात्रों द्वारा बैंक खातों से धनराशि निकालने पर रोक लगा दी गई, लेकिन इस मामले में विभागीय अधिकारी परदा डालते रहे। मंगलवार को अपात्रों द्वारा शिकायत करने पर मामला खुल गया।
दातागंज तहसील क्षेत्र के ब्लाक समरेर के गांव किशोरपुर में सात अपात्रों को लोहिया आवास दे दिए थे। इसके बाद शासन से मिलने वाली धनराशि को भी उनके बैंक खातों में भेज दिया गया था। गांव में तमाम लोगों ने शिकायत की तो जांच की गई, जिसमें सात लोग अपात्र पा गए थे। इन लोगों के बैंक खातों में भेजी गई 1.37-1.37 लाख रुपये भेज दिए गए। मामला जानकारी में आने पर इस धनराशि पर अप्रैल से पहले ही रोक लगा दी गई थी। इससे शासकीय धनराशि के करीब 10 लाख रुपये बच गए। मामले की जानकारी होने पर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग होने से तो बच गया, लेकिन इसके दोषी विभागीय कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आखिर विभाग दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने से क्यों बच रहा है।
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सात अपात्रों के बैंक खातों में भेजी गई धनराशि को सीज करा दिया गया है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी हरहाल में कार्रवाई की जाएगी। इसके निर्देश डीआरडीए पीडी को दिए जा चुके हैं।
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-प्रताप सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी
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अपात्र शिकायतकर्ताओं ने की सीडीओ से शिकायत
बदायूं। चोरी की चोरी ऊपर से सीनाजोरी वाली कहावत शनिवार को विकास भवन में आए शिकायतकर्ताओं पर एकदम सटीक बैठी। लोहिया आवास की एक लाख 37 हजार 500 रुपये की धनराशि बैंक खातों में होने के बाद ग्राम प्रधान द्वारा निकाले जाने की शिकायत करने वाले दो शिकायतकर्ता अपात्र निकले। दातागंज तहसील के ब्लाक समरेर क्षेत्र के गांव किशोरपुर की ज्योति पत्नी ओम नारायण और कामिनी पत्नी शमशुल ने सीडीओ से कहा कि उन लोगों की धनराशि आने के बाद ग्राम प्रधान से उसे निकाल लिया है और आवास नहीं बनवा रहा है। इस पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक रविंद्र नाथ सिंह ने जांच की तो पाया कि दोनों शिकायतकर्ता अपात्र हैं। इस वजह से ही इनकी धनराशि निकाले जाने पर रोक लगाई गई है।
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लक्ष्य न होने से रह गई पात्र महिला
बदायूं। सीडीओ से शिकायत करने पहुंची समरेर ब्लाक के गांव किशोरपुर की महिला भगवान देवी पत्नी सुरेशचंद्र पात्र होने के बावजूद चयन से लक्ष्य की कमी से वंचित रह गई। महिला ने शिकायत की तो उसे अगला लक्ष्य आने पर चयन होने का आश्वासन देकर टरका दिया गया। वहीं, दूसरी शिकायतकर्ता प्रेमवती पत्नी ऋषिपाल का चयन न होने की वह से उसे वापस लौटा दिया गया।