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फजीहत के बाद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच
बदायूं, ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2016 11:47 PM IST
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उझानी कोतवाली में तैनात आरोपी दरोगा अशोक यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। उझानी में ढाई साल की तैनाती के दौरान कई बार माहौल खराब हुआ है। एक सफेदपोश की सरपरस्ती होने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई। पिछले दिनों कांवड़ियों को पीटने के मामले में लाइन हाजिर किया भी गया तो फिर से उझानी में ही तैनाती दे दी गई। अब उसने फिर से एसएसपी समेत पूरे महकमे की फजीहत करा दी। सैकड़ों लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया, तो कप्तान साहब ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच बैठा दी है।
उल्लेखनीय है कि उझानी कोतवाली के गांव संजरपुर बालजीत के प्रदीप उर्फ नन्हे की मां का निधन हो गया था। शनिवार को उनका दसवां था। आरोप है कि तीन सिपाहियों के साथ उझानी कोतवाली का दरोगा अशोक यादव गांव पहुंचा। नन्हे के घर में घुसकर उसे पीटा। महिलाओं से भी अभद्रता थी। दरोगा का कहना था कि उसके लाइन हाजिर होने पर नन्हे ने गांव में मिठाई बांटी थी। दरोगा ने नन्हे को जीप और खंभे में बांध कर पीटा। उसे पूरी रात हवालात में रखा और रविवार सुबह छोड़ दिया। इससे गांव के लोगों में गुस्सा दौड़ गया था। सोमवार को सैकड़ों लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया था। दरोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक ग्रामीण यहां जमे रहे। बाद में एसएसपी सुनील सक्सेना ने दरोगा के खिलाफ जांच एसपी सिटी अनिल यादव को सौंप दी। अब तक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव के लोगों में गुस्सा है।
यहां बता दें कि अशोक यादव की तैनाती सितंबर 2014 में कछला पुलिस चौकी पर थी। 22 सितंबर 2014 को दरोगा कछला के वार्ड नंबर सात के हरवीर के साथ उसके मैजिक वाहन से गश्त पर निकला था। पशु तस्करों ने हरवीर की हत्या कर दी थी। उस समय भी दरोगा पर गंभीर आरोप लगे थे। गुस्साए लोगों ने कछला पुलिस चौकी की फूंक दी थी।
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इसके अलावा यादव ने मार्च 2015 में उझानी के मोहल्ला गद्दी टोला में बवाल करा दिया था। दो पक्षों के बीच हुए टकराव में दरोगा ने एक पक्षीय कार्रवाई की तो पब्लिक ने पुलिस पर ही फायरिंग और पथराव कर दिया। इसमें तीन पुलिस कर्मी गंभीर घायल हुए थे। वारदात के बाद पूरा उझानी कई दिन तनाव में रहा था।
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कांवड़ियों को पीटने पर हुआ था लाइन हाजिर
बदायूं। पिछले महीने कांवड़ यात्रा के दौरान आरोपी दरोगा अशोक यादव ने कांवड़ियों को पीट दिया था। उस वक्त सैकड़ों लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया था। एसएसपी सुनील सक्सेना ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। उसके लाइन हाजिर होने पर उझानी थाने समेत कई स्थानों पर मिठाई बांटी गई थी। कुछ ही दिन बाद दरोगा को बहाल कर फिर से उझानी में ही तैनाती दे दी गई। इसके बाद से वह मिठाई बांटने वालों पर कहर बरपा रहा है।
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सीओ ने दर्ज किए ग्रामीणों के बयान
उझानी। सीओ उझानी अजेय शर्मा ने संजरपुर गांव पहुंच कर दरोगा अशोक यादव मामले में ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सूत्रों की मानें तो प्रारंभित जांच में दरोगा की गलती पाई गई है। सीओ ने अपनी रिपोर्ट एसपी सिटी अनिल कुमार यादव को भेज दी है। इधर, उझानी सीएचसी पर नन्हे का मेडिकल भी किया गया। मेडिकल के बाद उसे एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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लाइन हाजिर किए जाने के बाद भी अगर दरोगा को फिर से उझानी में ही पोस्ट किया गया है, तो यह गलत है। इस बारे में एसएसपी से जानकारी जुटाने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरोगा के खिलाफ चुनाव आयोग को भी लिखा जाएगा। राजनीतिक दबाव होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
-आशुतोष कुमार, डीआईजी बरेली रेंज
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उल्लेखनीय है कि उझानी कोतवाली के गांव संजरपुर बालजीत के प्रदीप उर्फ नन्हे की मां का निधन हो गया था। शनिवार को उनका दसवां था। आरोप है कि तीन सिपाहियों के साथ उझानी कोतवाली का दरोगा अशोक यादव गांव पहुंचा। नन्हे के घर में घुसकर उसे पीटा। महिलाओं से भी अभद्रता थी। दरोगा का कहना था कि उसके लाइन हाजिर होने पर नन्हे ने गांव में मिठाई बांटी थी। दरोगा ने नन्हे को जीप और खंभे में बांध कर पीटा। उसे पूरी रात हवालात में रखा और रविवार सुबह छोड़ दिया। इससे गांव के लोगों में गुस्सा दौड़ गया था। सोमवार को सैकड़ों लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया था। दरोगा पर कार्रवाई की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक ग्रामीण यहां जमे रहे। बाद में एसएसपी सुनील सक्सेना ने दरोगा के खिलाफ जांच एसपी सिटी अनिल यादव को सौंप दी। अब तक दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने से गांव के लोगों में गुस्सा है।
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यहां बता दें कि अशोक यादव की तैनाती सितंबर 2014 में कछला पुलिस चौकी पर थी। 22 सितंबर 2014 को दरोगा कछला के वार्ड नंबर सात के हरवीर के साथ उसके मैजिक वाहन से गश्त पर निकला था। पशु तस्करों ने हरवीर की हत्या कर दी थी। उस समय भी दरोगा पर गंभीर आरोप लगे थे। गुस्साए लोगों ने कछला पुलिस चौकी की फूंक दी थी।
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इसके अलावा यादव ने मार्च 2015 में उझानी के मोहल्ला गद्दी टोला में बवाल करा दिया था। दो पक्षों के बीच हुए टकराव में दरोगा ने एक पक्षीय कार्रवाई की तो पब्लिक ने पुलिस पर ही फायरिंग और पथराव कर दिया। इसमें तीन पुलिस कर्मी गंभीर घायल हुए थे। वारदात के बाद पूरा उझानी कई दिन तनाव में रहा था।
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कांवड़ियों को पीटने पर हुआ था लाइन हाजिर
बदायूं। पिछले महीने कांवड़ यात्रा के दौरान आरोपी दरोगा अशोक यादव ने कांवड़ियों को पीट दिया था। उस वक्त सैकड़ों लोगों ने एसएसपी ऑफिस का घेराव किया था। एसएसपी सुनील सक्सेना ने दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया था। उसके लाइन हाजिर होने पर उझानी थाने समेत कई स्थानों पर मिठाई बांटी गई थी। कुछ ही दिन बाद दरोगा को बहाल कर फिर से उझानी में ही तैनाती दे दी गई। इसके बाद से वह मिठाई बांटने वालों पर कहर बरपा रहा है।
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सीओ ने दर्ज किए ग्रामीणों के बयान
उझानी। सीओ उझानी अजेय शर्मा ने संजरपुर गांव पहुंच कर दरोगा अशोक यादव मामले में ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। सूत्रों की मानें तो प्रारंभित जांच में दरोगा की गलती पाई गई है। सीओ ने अपनी रिपोर्ट एसपी सिटी अनिल कुमार यादव को भेज दी है। इधर, उझानी सीएचसी पर नन्हे का मेडिकल भी किया गया। मेडिकल के बाद उसे एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
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लाइन हाजिर किए जाने के बाद भी अगर दरोगा को फिर से उझानी में ही पोस्ट किया गया है, तो यह गलत है। इस बारे में एसएसपी से जानकारी जुटाने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी। दरोगा के खिलाफ चुनाव आयोग को भी लिखा जाएगा। राजनीतिक दबाव होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
-आशुतोष कुमार, डीआईजी बरेली रेंज