{"_id":"57ea815d4f1c1b3d62573c94","slug":"action-taken-on-chairman-and-three-others","type":"story","status":"publish","title_hn":"चेयरमैन, दो अधिकारी, लिपिक पर कार्रवाई की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चेयरमैन, दो अधिकारी, लिपिक पर कार्रवाई की संस्तुति
ब्यूरो/बदायूं
Updated Tue, 27 Sep 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नया सवेरा योजना अन्तर्गत नगर पंचायत रूदायन द्वारा सड़क निर्माण कार्य का भुगतान जमानत राशि की कटौती किए बिना नियमों को नजरंदाज करते हुए कर दिया था। डीएम ने मामले को गंभीरता पूर्वक लेते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष, दो अधिकारियों तथा एक लिपिक का उत्तरदायित्व निर्धारित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी है।
इस मामले में प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग द्वारा डीएम से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें डीएम ने नगर पंचायत रुदायन के अधिशासी अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी, तो उन्होंने नया सवेरा योजना अंतर्गत कराए गए सड़क निर्माण कार्य में जमानत राशि जमा न होने के बावजूद भी बिल से आठ प्रतिशत की कटौती न करने को बड़ी लापरवाही माना। ईओ की रिपोर्ट पर नगर पंचायत की अध्यक्ष कांती देवी, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के तत्कालीन अवर अभियंता मनोज सेंगर, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, नायब तहसीलदार राधेश्याम तथा नगर पालिका परिषद के लिपिक सुंदर लाल को मामले में संलिप्त पाए जाने उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई हेतु संस्तुति करते हुए प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव को रिपोर्ट भेज दी है।
डीएम ने अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों को भी सचेत करते हुए हिदायत दी है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखने तथा नियमों को नजरंदाज कर भुगतान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस मामले में प्रदेश शासन के नगर विकास विभाग द्वारा डीएम से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें डीएम ने नगर पंचायत रुदायन के अधिशासी अधिकारी से जांच रिपोर्ट मांगी, तो उन्होंने नया सवेरा योजना अंतर्गत कराए गए सड़क निर्माण कार्य में जमानत राशि जमा न होने के बावजूद भी बिल से आठ प्रतिशत की कटौती न करने को बड़ी लापरवाही माना। ईओ की रिपोर्ट पर नगर पंचायत की अध्यक्ष कांती देवी, लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड के तत्कालीन अवर अभियंता मनोज सेंगर, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी, नायब तहसीलदार राधेश्याम तथा नगर पालिका परिषद के लिपिक सुंदर लाल को मामले में संलिप्त पाए जाने उनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई हेतु संस्तुति करते हुए प्रदेश शासन के नगर विकास अनुभाग के संयुक्त सचिव को रिपोर्ट भेज दी है।
विज्ञापन
डीएम ने अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों को भी सचेत करते हुए हिदायत दी है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान न रखने तथा नियमों को नजरंदाज कर भुगतान करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन